उत्तराखंडः कोरोना की दहशत, आम जनता के लिए दर्जनों ऑफिसों में एंट्री बंद
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उत्तराखंडः कोरोना की दहशत, आम जनता के लिए दर्जनों ऑफिसों में एंट्री बंद
अस्थाई राजधानी देहरादून में कई ऑफिस आम जनता के लिए बंद कर दिए गए हैं.

दून मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल डॉक्टर आशुतोष सयाना का कहना है कि हॉस्पिटल में मौजूद सभी 35 आईसीयू बेड फुल हो चुके हैं.

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देहरादून. उत्तराखंड में कोरोना संक्रमण की रप्तार तेजी से बढ़ती जा रही है. मंगलवार शाम तक 26 हज़ार से अधिक लोग कोरोना संक्रमित हो चुके थे और एक्टिव केसों की संख्या भी 8 हज़ार के पार पहुंच गई थी. सबसे अधिक हालत खराब देहरादून, हरिद्वार, ऊधमसिंह नगर और नैनीताल की है. इन चार जिलों में कोरोना संक्रमित सर्वाधिक केस आ रहे हैं. अस्पताल ओवर लोड होने लगे हैं. दून मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल डॉक्टर आशुतोष सयाना का कहना है कि हॉस्पिटल में मौजूद सभी 35 आईसीयू बेड फुल हो चुके हैं. इस देखते हुए अब  आईसीयू बेड की क्षमता बढ़ाने के प्रयास किए जा रहे हैं.

दहशत का माहौल 

सरकार के प्रवक्ता और कद्दावर मंत्री मदन कौशिक कोरोना संक्रमित होने के बाद एम्स में भर्ती हैं तो भाजपा के एक और विधायक सुरेश राठौड़ भी संक्रमित हो गए हैं. हालांकि दून हॉस्पिटल में भर्ती कोरोना संक्रमित भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष बंशीधर भगत मंगलवार को हॉस्पिटल से रिलीव हो गए. वह अगले दस दिन होम आइसोलेशन में रहेंगे. भाजपा के वरिष्ठ नेता दायित्वधारी ज्ञान सिंह नेगी का कोरोना संक्रमण के बाद मंगलवार को निधन हो गया था.



बढ़ते संक्रमण के मद्देनजर न सिर्फ़ लोगों में बल्कि सरकारी ऑफिसों में भी दहशत का माहौल बना हुआ है . राजधानी में कई ऑफिस आम जनता के लिए बंद कर दिए गए हैं. सबसे पहले सचिवालय को आम जनता के लिए बंद किया गया, उसके बाद डीजी हेल्थ कार्यालय और फिर क्लेक्ट्रेट भी बंद कर दिया गया.
आम जनता का प्रवेश निषेध

आरटीओ ऑफिस, एमडीडीए, विधायक हॉस्टल, नगर निगम में  भी आम आदमी की एंट्री बंद कर दी गई है. पुलिस मुख्यालय में कुछ सेक्शन बंद कर दिए गए है. सचिवालय में मंगलवार को सचिव कार्मिक बीएस मनराल के कोरोना संकम्रित पाए जाने के बाद दो सेक्शन सील कर दिए गए हैं. अनुसचिव पीसी तिवारी के ऑफिस के भी तीन कमरे सील किए गए हैं. इसके अलावा लोक निर्माण विभाग जैसे कई ऑफिस ऐसे हैं जिन्होंने एहतियातन ऑफिस के बाहर आम जनता के प्रवेश पर प्रतिबंध के लिए नोटिस चस्पा कर दिया है.

इससे आम लोगों की परेशानियां बढ़ गई हैं. लोगों को समझ नहीं आ रहा है कि वह अपनी समस्या लेकर जाएं तो जाएं कहां. क्लेक्ट्रेट और आरटीओ ऑफिस में लोगों से ऑनलाइन अपॉएंटमेंट लेने को कहा जा रहा है. चूंकि हर आदमी ऑनलाइन प्रक्रिया के बारे में नहीं जानता. वह कैसे ऑनलाइन एप्वाइंटमेंट ले, यह एक बड़ी समस्या बनी हुई है.
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