• Home
  • »
  • News
  • »
  • uttarakhand
  • »
  • भारत-चीन सीमा के पास अब एक्टिव रहेगी बॉर्डर गार्ड फोर्स, गांव वालों को ट्रेनिंग देगी पुलिस

भारत-चीन सीमा के पास अब एक्टिव रहेगी बॉर्डर गार्ड फोर्स, गांव वालों को ट्रेनिंग देगी पुलिस

उत्तराखंड पुलिस ने सीमांत गांवों के विकास की योजना तैयार की है. (File Photo)

उत्तराखंड पुलिस ने सीमांत गांवों के विकास की योजना तैयार की है. (File Photo)

भारत-चीन की सीमा से सटे इलाकों में पुलिस मेलों का हो रहा आयोजन. इस कार्यक्रम का मकसद यह है कि यहां के लोगों को बॉर्डर गार्ड फोर्स के रूप में तैयार किया जाए, जो लगातार सक्रिय रहें.

  • Share this:

देहरादून. उत्तराखंड के सीमांत इलाकों में पुलिस मेलों का आयोजन करने जा रही है. दो से तीन दिन तक चलने वाले इन मेलों के ज़रिए पुलिस सीमांत गांवों में अपना दखल बढ़ाएगी ताकि राष्ट्रीय सुरक्षा में लिहाज़ से यहां के स्थानीय लोगों को बॉर्डर गार्ड फ़ोर्स के रूप में सक्रिय किया जा सके. इसी योजना के तहत अब अब उत्तराखंड पुलिस अक्टूबर में राज्य के सीमांत इलाकों में दो से तीन दिन के मेलों का आयोजन करने वाली है. पुलिस इन मेलों में सांस्कृतिक प्रोगाम के साथ ही लोकल खेलों को भी प्रमोट करेगी.

पिछले साल पुलिस महानिदेशकों के वार्षिक सम्मेलन में सीमांत गावों में भी पुलिस की सक्रियता बढ़ाने के दिशा निर्देश दिए गए थे. पुलिस को आईटीबीपी, बीएसएफ और आर्मी के साथ मिलकर सीमांत इलाकों में खासकर इंडो-तिब्बत बॉर्डर से लगे क्षेत्रों में ग्रामीणों से भी मेल-जोल बढ़ाने के लिए निर्देश थे ताकि स्थानीय लोगों को राष्ट्रीय सुरक्षा के लिहाज़ से फ़ोर्स का रूप दिया जा सके.

ये भी पढ़ें : कांग्रेस के ‘दलित CM’ बयान के बाद BJP की ‘ब्रेकफास्ट डिप्लोमेसी’, धामी ने आर्य के साथ क्यों किया नाश्ता?

uttarakhand news, uttarakhand border, china border, india china border, india tibet border, उत्तराखंड न्यूज़, उत्तराखंड बॉर्डर, चीन बॉर्डर

भारत चीन बार्डर पर स्थित उत्तराखंड के गांव विकास की धारा से अलग पड़े हुए हैं.

विकास कार्य भी होगा

इंडो-तिब्बती बॉर्डर से लगे क्षेत्रों हर्षिल, नीति और व्यास वैली में करीब 18 से 20 गांव हैं, जो आज भी विकास की मुख्य धारा से अलग-थलग पड़े हैं. पुलिस अब बड़ी कम्पनियों से संपर्क कर उनके सीएसआर फण्ड से इन क्षेत्रों में मेलों के आयोजन करेगी और विकास कार्यों को प्रमोट करेगी. बॉर्डर से लगे गांव एक तरह से देश के लिए प्रहरी का भी काम करते हैं लेकिन पिछले कुछ साल से रोज़गार, शिक्षा, स्वास्थ्य के नाम पर सीमांत क्षेत्रों से बड़े पैमाने पर हो रहे पलायन ने सरकार और सुरक्षा एजेंसियों की चिंता बढ़ा दी है. लिहाज़ा सैन्य बलों के साथ ही अब लोकल पुलिस भी इन क्षेत्रों में दखल बढ़ाने जा रही है.

ये भी पढ़ें : VIDEO : ‘मैं चौथी मां की संतान हूं, मां ने बहुत संघर्ष किया’, हरीश रावत ने सुनाई बचपन व गरीबी की दास्तान

इस बारे में पुलिस महानिदेशक अशोक कुमार का कहना है कि हर साल DGP की कॉन्फ्रेंस होती है, उसमें पीएम मोदी ने सभी राज्यों के पुलिस महानिदेशकों को निर्देश दिया था कि पुलिस राज्य के सीमांत इलाकों में विकास मेला महोत्सव का आयोजन करे, शुरुआत में तीन मेलों का आयोजन उत्तराखण्ड में किया जा रहा है. इन मेलों को आंतरिक सुरक्षा के लिहाज़ से बड़ा कदम बताया जा रहा है.

पढ़ें Hindi News ऑनलाइन और देखें Live TV News18 हिंदी की वेबसाइट पर. जानिए देश-विदेश और अपने प्रदेश, बॉलीवुड, खेल जगत, बिज़नेस से जुड़ी News in Hindi.

हमें FacebookTwitter, Instagram और Telegram पर फॉलो करें.

विज्ञापन
विज्ञापन

विज्ञापन

टॉप स्टोरीज