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आधी-अधूरी तैयारी के साथ कुंभ की सुरक्षा में उतरेगी उत्तराखंड पुलिस... क्योंकि खो गई भर्ती प्रस्ताव की फ़ाइल

satendra bartwal | News18 Uttarakhand
Updated: January 14, 2020, 1:05 PM IST
आधी-अधूरी तैयारी के साथ कुंभ की सुरक्षा में उतरेगी उत्तराखंड पुलिस... क्योंकि खो गई भर्ती प्रस्ताव की फ़ाइल
. प्रदेश की पुलिस की चिंता यह है कि सदी के सबसे बड़े आयोजन, महाकुंभ, में अब एक साल भी नहीं बचा है और यहां उसके पास पर्याप्त फ़ोर्स ही नहीं है.

विज्ञापन जारी करने से लेकर ट्रेनिंग तक में करीब 10 महीने का समय लग जाता है और महाकुम्भ की सुरक्षा व्यवस्था के लिए हरिद्वार में फोर्स की तैनाती जून तक की जानी है.

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देहरादून. उत्तराखंड में सरकारी मशीनरी कैसे काम करती है इसका एक क्लासिक उदाहरण सामने आया है. उत्तराखंड पुलिस में भर्ती की जानी है और इसके लिए पिछले साल सितंबर में ही सरकार की ओर से हरी झंडी मिल गई थी. लेकिन उसके बाद से इस मामले पर आश्चर्यजनक ख़ामोशी छा गई और अब पता चल रहा है कि यह प्रस्ताव कहीं फ़ाइलों में दबकर खो गया है. प्रदेश की पुलिस की चिंता यह है कि सदी के सबसे बड़े आयोजन, महाकुंभ, में अब एक साल भी नहीं बचा है और यहां उसके पास फ़ोर्स ही नहीं है.

चार महीने पहले मिल गई थी हरी झंडी 

अगले साल आज ही के दिन यानी कि मकर सक्रांति को महाकुंभ का पहला स्नान होना है. ज़ाहिर है कि इससे पहले बाकी इंतज़ामों के साथ सुरक्षा व्यवस्था को दुरुस्त कर लिया जाना है लेकिन सरकारी तंत्र की लापरवाही के चलते इस पर बड़ा सवाल खड़ा हो गया है.

बता दें कि पिछले साल सितंबर में सरकार ने फोर्स में 1700 नई भर्तियां करने को हरी झंडी दिखा दी थी लेकिन प्रस्ताव फ़ाइलों में कहीं खो गया. जी हां बात अजीब लग सकती है लेकिन यह प्रस्ताव कहीं खो गया. हालांकि उत्तराखंड पुलिस के डीजी (लॉ एंड ऑर्डर) अशोक कुमार आशा जताते हैं कि जल्द ही इस प्रस्ताव को हरी झंडी मिल जाएगी और भर्ती प्रक्रिया शुरु होगी.

हो गई देर 

लेकिन अब तक इसमें काफ़ी देर हो चुकी है. दरअसल नौकरी भर्ती का विज्ञापन जारी करने से लेकर ट्रेनिंग तक में करीब 10 महीने का समय लग जाता है और महाकुम्भ की सुरक्षा व्यवस्था के लिए हरिद्वार में फोर्स की तैनाती जून तक की जानी है.

साफ़ है कि या तो पुलिस पर्याप्त सुरक्षाकर्मी तैनात नहीं कर पाएगी या फिर आधी अधूरी तैयारी के साथ महाकुंभ की सुरक्षा व्यवस्था में पुलिसकर्मी तैनात होंगे. ऐसे में सवाल तो उठता ही है कि जिस आयोजन पर देश ही नहीं दुनिया की भी निगाहें होंगी, उसको लेकर ऐसी लापरवाही करने वालों की कोई ज़िम्मेदारी तय भी होगी?ये भी देखें: 

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First published: January 14, 2020, 1:01 PM IST
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