उत्तराखंडः कृषि विधेयकों के समर्थन में उतरे सुबोध उनियाल... कहा, किसानों को सशक्त करने वाले बिल

उत्तराखंड के कृषि मंत्री सुबोध उनियाल ने कृषि विधेयकों को लेकर एक प्रेस कांफ्रेंस की.
उत्तराखंड के कृषि मंत्री सुबोध उनियाल ने कृषि विधेयकों को लेकर एक प्रेस कांफ्रेंस की.

ये बिल किसानों को संरक्षण देने, बिचैलियों को समाप्त करने और किसानों को सशक्त करने में महत्वपूर्ण उपाय साबित होंगे.

  • News18Hindi
  • Last Updated: September 22, 2020, 2:41 PM IST
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देहरादून. राज्यसभा से पारित कृषि विधेयकों को लेकर कांग्रेस और अन्य विपक्षी दल उत्तराखंड में धरना, प्रदर्शन और विरोध प्रकट कर रहे हैं. अब इन कृषि विधेयकों के समर्थन में राज्य सरकार की ओर कृषि मंत्री सुबोध उनियाल उतरे हैं. देहरादून में एक प्रेस वार्ता में उनियाल ने कृषि उपज व्यापार और वाणिज्य (संर्वद्धन और सरलीकरण ) विधयेक 2020 और कृषक (सशक्तिकरण एवं संरक्षण ) कीमत आश्वासन समझौता और कृषि सेवा पर करार विधयेक 2020, तीनों बिलों को ऐतिहासिक बताया. उन्होंने कहा कि ये बिल किसानों को संरक्षण देने, बिचैलियों को समाप्त करने और किसानों को सशक्त करने में महत्वपूर्ण उपाय साबित होंगे.

किसानों को शोषण समाप्त होगा 

उत्तराखंड के कृषि मंत्री ने कहा कि जहां इस बिल से किसानों का शोषण समाप्त होगा, वहीं किसानों को अपनी उपज बेचने के लिए व्यापक अवसर प्राप्त होगा. ये बिल किसानों की आय बढ़ाएंगे और किसानों से अपनी उपज सीमित दायरे में बेचने का बन्धन समाप्त होगा. इससे किसान अपनी उपज अपने पसंद के अनुसार बेहतर विकल्प प्राप्त कर सकेंगे.



वन नेशन, वन मार्केट के तहत किसान अपनी उपज को एमएसपी पर अथवा अधिक दाम पर बेच सकता है. स्वामीनाथन आयोग की रिपोर्ट लागू हो जाने पर एमएसपी किसानों की कुल लागत से कम नहीं होगी. कॉन्ट्रेक्ट फ़ॉर्मिंग पहले से चल रही थी जो किसानों के समझौते से सम्बन्धित थी. अब हर दशा में खरीददार को उक्त करार का पालन करना होगा जबकि किसानों को इससे छूट होगी.

हाई ईल्ड बीज, उच्च टेक्नोलॉजी मिलेगी 

बढे हुए दामों में करार से अतिरिक्त किसानों को अंश देना होगा. बिचैलिया किसानों की भूमि खरीद नहीं सकता और न ही बन्धक बना सकता है. इसके कारण किसानों के हित पूरी तरह सुरक्षित है.

नई व्यवस्था में किसानों को हाई ईल्ड बीज, उच्च टेक्नोलॉजी उपलब्ध कराए जाएंगे.  कुछ उत्पादों को अवश्यक वस्तु अधिनियम से बाहर रखा गया है. सभी को उक्त वस्तुएं रखने का अधिकार दिया गया है ताकि वस्तुओं की उपलब्धता बनी रही और दामों पर नियंत्रण बना रहें. एक लाख करोड़ के इन्फ्रास्ट्रक्चर फंड का लाभ उठाकर  प्राइवेट सेक्टर भण्डारण, वेयर हाउस, कोल्ड स्टोरेज बना सकेंगे जिसका लाभ किसानों को मिलेगा.
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