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परिवहन निगम की कर्मचारी यूनियनों में शामिल नहीं हो सकता कोई भी अधिकारी, आदेश जारी

News18 Uttarakhand
Updated: July 1, 2019, 4:44 PM IST
परिवहन निगम की कर्मचारी यूनियनों में शामिल नहीं हो सकता कोई भी अधिकारी, आदेश जारी
उत्तराखंड परिवहन निगम ने अधिकारियों के कर्मचारी यूनियन में शामिल होने पर रोक लगा दी है.

ऑर्डर में साफ़ कहा गया है कि अगर ये अधिकारी किसी यूनियन गतिविधि में शामिल होता है तो इनके ख़िलाफ़ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाए.

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उत्तराखंड परिवहन निगम के अधिकारी अब यूनियन का हिस्सा नहीं बन सकेंगे. निगम ने एक आदेश जारी कर 4200 ग्रेड पे और उससे ज़्यादा पाने वाले अधिकारियों उपअधिकारियों के कर्मचारी यूनियन के गतिविधियों पर रोक लगाए जाने को कहा है. सर्वोच्च प्राथमिकता के साथ जारी यह आदेश देहरादून/ नैनीताल/टनकपुर के ज़ोनल मैनेजरों, देहरादून/कश्मीरी गेट/आनंद विहार बस अड्डों के डीजीएम (ऑपरेशन्स) और सभी पर्वतीय ज़िलों के डिपो एजीएम को दिए गए हैं. कर्मचारी यूनियन नेता इस बारे में कानूनी राय लेने की बात कर रहे हैं.

यूनियन से दूर रहेंगे 'ये लोग' 

परिवहन निगम की जीएण (एडमिनिस्ट्रेशन) निधि यादव ने इस आदेश में कहा है कि निगम में सक्रिय कर्मचारी संगठनों, यूनियनों में सिर्फ़ कर्मचारी ही भाग ले सकते हैं. लेकिन कुछ सुपरवाइज़र्स, उपअधिकारी और अधिकारियों ने भी कर्मचारी संगठनों, यूनियनों की सदस्यता ले रखी है जो ट्रेड यूनियन एक्ट 1926 के प्रावधानों का उल्लंघन है.

सभी संबंधित अधिकारियों को यह भी बताया गया है कि 4200 ग्रेड पे और उससे ज़्यादा वाला कोई भी अधिकारी यूनियन का सदस्य नहीं हो सकता, न ही ऐसा कोई कर्मचारी जो मैनेजमेंट से जुड़े काम में लगा हो या जिसका काम अपने अधीनस्थ कर्मचारियों से काम लेना हो.

इस आदेश में ऐसे 14 पदों का नाम भी दिया गया है. ये हैं- ड्यूटी क्लर्क, असिस्टेंट ट्रांस्पोर्ट इंस्पेक्टर,  ट्रांस्पोर्ट इंस्पेक्टर, जूनियर सेंटर इंचार्ज, सेंटर इंचार्ज, अकाउंटेंट, ड्राइवर ट्रेनर, जूनियर फ़ोरमैन, सीनियर फ़ोरमैन, असिस्टेंट स्टोर इंचार्ज, स्टोर इंचार्ज, स्टोर सुपरिटेंडेंट, हेड क्लर्क, ऑफ़िस सुपरिटेंडेंट.

विधिक राय का इंतज़ार 

इस ऑफ़िस ऑर्डर में साफ़ कहा गया है कि अगर ये अधिकारी किसी यूनियन गतिविधि में शामिल होता है तो इनके ख़िलाफ़ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाए.
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उधर रोडवेज़ कर्मचारी यूनियन इस मामले पर अभी ख़ामोश हैं. उत्तरांचल रोडवेज़ कर्मचारी संयुक्त परिषद के प्रदेशाध्यक्ष अशोक चौधरी कहते हैं कि इस मामले पर विधिक राय ले रहे हैं. कर्मचारी यूनियन ने अपने वकील से पूछा है कि क्या निगम को ऐसा प्रतिबंध लगाने का अधिकार है भी? चौधरी कहते हैं कि इस बारे में विधिक राय मिलने के बाद ही अगले कदम के बारे में फ़ैसला लिया जाएगा.

(भारती सकलानी के साथ राजेश डोबरियाल की रिपोर्ट)

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First published: July 1, 2019, 4:44 PM IST
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