Home /News /uttarakhand /

uttarakhand weather update rivers near danger level badrinath highway closed know weather forecast and alert

Pre-Monsoon में ही उत्तराखंड की ये नदियां बाढ़ के निशान के करीब, Badrinath हाईवे व पहाड़ों की कई सड़कें ठप

पौड़ी ज़िले में मंगलवार को भारी बारिश से एक पैदल पुल बह गया.

पौड़ी ज़िले में मंगलवार को भारी बारिश से एक पैदल पुल बह गया.

Orange Alert in Uttarakhand : उत्तराखंड में मॉनसून की दस्तक के बीच खबर यह है कि प्री-मॉनसून की अभी 2 दिन की बारिश में ही प्रदेश भर में ग्रामीण मोटर मार्ग बुरी तरह प्रभावित हुए हैं, तो नदियों का जलस्तर चिंता में डाल रहा है. ऐसे में मुख्यमंत्री धामी आपदा से निपटने की तैयारियों का जायज़ा लेने वाले हैं. देखिए पूरी रिपोर्ट.

अधिक पढ़ें ...

देहरादून. मौसम विभाग ने आज 29 जून के लिए भी कहीं कहीं भारी बारिश होने का अलर्ट जारी किया है. पहाड़ों की बात करें तो चमोली, पिथौरागढ़, बागेश्वर, चंपावत और रुद्रप्रयाग जैसे ज़िलों समेत देहरादून और नैनीताल ज़िलों में भी कहीं-कहीं भारी बारिश हो सकती है. मौसम विभाग की यह भविष्यवाणी सही भी दिख रही है क्योंकि पौड़ी, चमोली और बागेश्वर में 28 जून की देर रात से ही भारी बारिश है और यहां हाईवे व बिजली अच्छे खासे प्रभावित हो गए हैं. इधर, उत्तराखंड में अभी प्री-मॉनसून की ही बारिश से प्रदेश में कई नदियों में जलस्तर ख़तरे के निशान के करीब है जबकि जगह जगह ग्रामीण मोटर मार्ग प्रभावित हैं.

प्रदेश में बारिश की वजह से होने वाली परेशानियां लोगों की जिंदगी पर आफत बनकर न टूटे, इसके लिए आपदा प्रबंधन विभाग जहां मॉनसून सीज़न के लिए तैयारियां कर रहा है, वहीं मौसम विज्ञान केन्द्र भी समय समय पर एडवाइज़री जारी कर रहा है. फिलहाल 30 तारीख़ तक प्रदेश में बारिश के आसार हैं. आंचलिक मौसम विज्ञान केंद्र के निदेशक बिक्रम सिंह का कहना है कि 29 के लिए ऑरेज तो 30 जून के लिए यलो अलर्ट है. मौसम विभाग ने उत्तराखंड के मौसम कुछ इस तरह एक्स्प्लेन किया है.

सिंह का कहना है कि दो दिन पहले भीमताल में एक घंटे के भीतर करीब 117 मिलीमीटर बारिश हो गई. यह तकरीबन बादल फटने जैसी एक्टिविटी कही जाएगी. असल में प्रदेश में जहां गर्मी तेज़ है और मौसम अनिश्चित बना हुआ है, वहां प्री-मॉनसून में इस तरह की एक्टिविटी हो जाती है. कल 30 जून से राज्य में भारी बारिश का सिलसिला थमेगा और हल्की से मध्यम बारिश तक ही कुछ क्षेत्रों में होगी.

खतरे के निशान के करीब हैं ये नदियां
पिथौरागढ़ – काली नदी – 889.20 मीटर (खतरे का स्तर – 890 मीटर)
गोरी नदी – 604.95 मीटर (खतरे का स्तर – 607.80 मीटर)
चंपावत – शारदा नदी – 219.20 मीटर (खतरे का स्तर 221.70 मीटर)
रुद्रप्रयाग – अलकनंदा – 621.10 मीटर (खतरे का स्तर 627 मीटर)

सरयू उफान पर, रास्ते बंद और बिजली भी..
बागेश्वर में कल मंगलवार देर रात से हुई बारिश के कारण सरयू नदी उफान पर है. ज़िले के कपकोट के कई इलाकों में भूस्खलन की खबरें हैं और कई सड़कें बंद हो गई हैं. ज़िले के कई क्षेत्रों में बिजली गुल है. इधर, चमोली ज़िले से बड़ी खबर यह है कि भारी बारिश से बद्रीनाथ नेशनल हाईवे लामबगड़ के पास खचड़ा नाला बंद होने से ठप हो गया. हाईवे के दोनों तरफ याी फंसे हैं और बीआरओ रास्ता खोलने की कोशिश कर रहा है. कुछ ही घंटे पहले टंगड़ी पागल नाला के बंद होने से यहां यातायात ठप था, जिसे खोला गया.

यहां नदी उफनी तो बह गया पुल
पौड़ी जनपद की चाकीसैंण तहसील में हुई मूसलाधार बारिश से उफान पर आई पश्चिमी नयार नदी में बना सुनारगांव का पैदल पुल बह गया. पुल बहने से तीन गांवों की आवाजाही प्रभावित हो गई. साथ ही पास के चंगीन गांव में मछलियों के 3 तालाब भी क्षतिग्रस्त होने से मछली पालन में लगे युवाओं को नुकसान हुआ है. तहसील प्रशासन ने नुकसान का जायज़ा लेकर रिपोर्ट ज़िला प्रशासन को भेजने की बात कही है.

आपदा प्रबंधन की बैठक लेंगे सीएम
देहरादून में पुष्कर सिंह धामी आज मीटिंग में जानेंगे कि बारिश को लेकर आपदा प्रबंधन विभाग की क्या तैयारियां हैं. चूंकि यह विभाग धामी के ही पास है इसलिए सुबह 11 बजे सचिवालय में हो रही इस मीटिंग में कुछ अहम बातें तय की जा सकती हैं. इधर, आपदा प्रंबधन प्राधिकरण के प्रभारी निदेशक राहुल जुगरान ने बताया कि पुराने अनुभवों के आधार पर ही विभाग अभी से टीमें बना रहा है. हर अलर्ट को गंभीरता से लेकर फिलहाल एसडीआरएफ, टूरिज्म, जल, ऊर्जा संस्थान के साथ मिलकर रणनीतियां बनाई जा रही हैं.
(बागेश्वर से सुष्मिता थापा, पौड़ी से सुधीर भट्ट और चमोली से नितिन सेमवाल के इनपुट के साथ)

Tags: Monsoon Update, Uttarakhand Rainfall, Weather news

विज्ञापन

राशिभविष्य

मेष

वृषभ

मिथुन

कर्क

सिंह

कन्या

तुला

वृश्चिक

धनु

मकर

कुंभ

मीन

प्रश्न पूछ सकते हैं या अपनी कुंडली बनवा सकते हैं ।
और भी पढ़ें
विज्ञापन

टॉप स्टोरीज

अधिक पढ़ें

अगली ख़बर