उत्तराखण्ड के परम्परागत पर्वतीय खानपान पौष्टिक तत्वों से भरपूरः त्रिवेंद्र रावत

राज्य में ‘खिलती कलियां’ कुपोषण से मुक्ति हेतु अभियान के तहत अभिनव प्रयोग के तौर पर कुपोषित और अतिकुपोषित बच्चों के लिए स्थानीय खाद्यान्नों पर आधारित पूरक पोषाहार की सामग्री तैयार की गई है.

News18 Uttarakhand
Updated: September 7, 2018, 7:53 PM IST
उत्तराखण्ड के परम्परागत पर्वतीय खानपान पौष्टिक तत्वों से भरपूरः त्रिवेंद्र रावत
मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने शुक्रवार को राष्ट्रीय पोषण अभियान के तहत राज्य स्तरीय कार्यशाला व पोषण अभियान का विधिवत शुभारम्भ किया.
News18 Uttarakhand
Updated: September 7, 2018, 7:53 PM IST
मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने शुक्रवार को राष्ट्रीय पोषण अभियान के तहत राज्य स्तरीय कार्यशाला व पोषण अभियान का विधिवत शुभारम्भ किया. मुख्यमंत्री ने महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास विभाग द्वारा प्रकाशित कैलेण्डर व पोषण गीत का विमोचन किया. राष्ट्रीय पोषण मिशन का उद्देश्य ठिगनापन, अल्पपोषण दूर करना और छोटे बच्चों, महिलाओं एवं किशोरियों में एनीमिया को कम करना है. इस योजना के तहत गर्भवती महिलाओं, दूध पिलाने वाली माताओं और तीन साल के कम आयु के बच्चों को शामिल किया जाएगा. योजना में आईसीडीएस कर्मचारियों और सामुदायिक पोषक कार्यकर्ताओं में कौशल व क्षमता में सुधार लाने के लिए निवेश किया जाएगा.

आईआरडीटी प्रेक्षागृह में आईसीडीएस विभाग के आयोजित कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र ने कहा कि प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना और राष्ट्रीय पोषण अभियान के द्वारा महिला व बाल कुपोषण को समाप्त करने हेतु प्रभावी प्रयास किए जा रहे हैं. उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड के परम्परागत पर्वतीय खानपान पौष्टिक तत्वों से भरपूर है. हमारा स्थानीय अनाज, सब्जियों, वनों से मिलने वाले फल-फूल, वनस्पति, अत्यन्त पौष्टिक हैं. हमारे बुर्जुगों ने खानपान की स्वास्थ्यवर्द्धक परम्पराओं को अपनाया था. आज विश्व में मंडुए को जच्चा-बच्चा के लिए सर्वाधिक पौष्टिक आहार माना जा रहा है.

मुख्यमंत्री ने कहा कि कुपोषण को दूर करने के लिए भी हमें अपनी समृद्ध परम्पराओं से जुड़े रहना होगा. नई पीढ़ियों को भी परम्परागत स्थानीय खाद्यान्नों के प्रति जागरूक करना होगा. कुपोषण को समाप्त करने के लिए सभी विभागों को मिलजुल कर कार्य करना होगा. आंगनबाड़ी केन्द्रों को बाल कुपोषण को समाप्त करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभानी है.

कार्यक्रम में महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास राज्य मंत्री रेखा आर्या ने कहा कि राज्य को कुपोषण मुक्त करने के लिये मुख्यमंत्री बाल पोषण अभियान आरम्भ किया गया है. समेकित बाल विकास सेवाओं के तहत टेक होम राशन अनुपूरक पोषाहार के रूप में वितरित किया जा रहा है. राज्य में ‘खिलती कलियां’ कुपोषण से मुक्ति हेतु अभियान के तहत अभिनव प्रयोग के तौर पर कुपोषित और अतिकुपोषित बच्चों के लिए स्थानीय खाद्यान्नों पर आधारित पूरक पोषाहार की सामग्री तैयार की गई है.

इस अवसर पर अपर मुख्य सचिव राधा रतूड़ी, नीति आयोग के सदस्य डॉक्टर वीके पाल, संयुक्त सचिव भारत सरकार राजेश कुमार भी उपस्थित थे.

उत्तराखंड के आंगनबाड़ी केंद्रों में लापरवाही, बच्चों को हो रही मुश्किल

पोषाहार से दो साल में खत्म करेंगे कुपोषण
Loading...
पूरी ख़बर पढ़ें अगली ख़बर