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आयुर्वेद में देश का नेतृत्व करेगा उत्तराखंडः मदन कौशिक

आयुर्वेद में देश का नेतृत्व करेगा उत्तराखंडः मदन कौशिक

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प्रदेश के शहरी विकास, आवास, राजीव गांधी शहरी आवास, जनगणना, पुनर्गठन और निर्वाचन मंत्री मदन कौशिक ने कहा कि आयुर्वेद के क्षेत्र में उत्तराखण्ड देश का नेतृत्व करेगा.

एक स्थानीय होटल में आयुष विषय पर आयोजित एक दिवसीय कार्यशाला में अध्यक्षीय भाषण में कौशिक ने कहा कि उत्तराखण्ड में आयुष, आयुर्वेद के विकास की असीम सम्भावनाएं हैं. वर्तमान सरकार इन सम्भावनाओं के उपयोग के सम्बन्ध में अपनी नीतियाँ भी बना रही है.

उन्होंने कहा कि हमारी परम्परा में एलोपैथ के पहले आयुर्वेद का स्थान आता है और आयुर्वेद को अत्यधिक महत्व भी दिया गया है. लेकिन चकाचौंध की दुनिया में एलोपैथ का स्थान पहले हो गया है. हालत ऐसी है कि मरीज़ के साथ आयुर्वेद क्षेत्र के डॉक्टर भी एलोपैथ पर अधिक विश्वास करते हैं. इसके परिणाम स्वरूप आज आयुर्वेद का अपेक्षित विकास नहीं हो सका है.

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इस अन्तराल को हमारा राज्य उत्तराखण्ड अपना नेतृत्व देकर पूर्ण कर सकता है. इसलिए आवश्यकता है, आयुर्वेद क्षेत्र के डॉक्टर क्टर अपनी पद्धति में विश्वास रखें और अपने स्वाभाविक स्वरूप को सामने लाएं.

बाबा रामदेव का उदाहरण देते हुए कौशिक ने कहा कि योग हमारी प्राचीन परम्परा का मूल स्वरूप होते हुए भी अपेक्षाकृत कम लोकप्रिय था परन्तु बाबा रामदेव ने योग को आम जनता के सामने लाकर इसकी उपयोगिता को घर-घर तक पहुंचाया.

मुख्य अतिथि के रूप में पर आयुष मंत्री डॉक्टर हरक सिंह रावत ने कहा कि हमारा लक्ष्य चिकित्सा पद्धति की गुणवत्ता में सुधार लाना है. इसके लिए अनेक मेडिकल कॉलेजज खोले गए हैं. आने वाले दिनों में देहरादून, हरिद्वार के अतिरिक्त अन्य पहाड़ी जनपदों में मेडिकल कॉलेज को प्राथमिकता दी जाएगी. आयुर्वेद के क्षेत्र में अनेक डॉक्टर क्टरों द्वारा उल्लेखनीय कार्य किया गया है. सरकार आयुष विभाग के सुधार के लिए निरन्तर प्रयास कर रहा है.

इस अवसर पर निदेशक आयुर्वेदिक एवं यूनानी अरूण कुमार त्रिपाठी, निदेशक होम्योपैथिक डॉक्टर  नसरीन फातिमा, एनएबीए के चिकित्सा विशेषज्ञ डॉक्टर  अनुराग मित्तल, डॉक्टर एके कम्बोज, डॉक्टर  एचएन चन्दोला, डॉक्टर एके झा इत्यादि मौजूद थे.

 

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Char Dham Yatra 2021 : श्रद्धालुओं को किस वेबसाइट पर कैसे करवाना होगा रजिस्ट्रेशन? जानें पूरे डिटेल्स

Char Dham Yatra 2021 : श्रद्धालुओं को किस वेबसाइट पर कैसे करवाना होगा रजिस्ट्रेशन? जानें पूरे डिटेल्स

Char Dham Yatra Registration : उत्तराखंड में तीर्थ यात्रा 18 सितंबर से शुरू होने जा रही है. इसके लिए रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया देवस्थानम बोर्ड के सुपुर्द की गई है, जिसकी वेबसाइट के माध्यम से तीर्थ यात्रियों को पूर्व रजिस्ट्रेशन करवाना अनिवार्य होगा. जानिए सभी ज़रूरी डिटेल्स.

  • News18Hindi
  • LAST UPDATED : September 17, 2021, 10:50 IST
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देहरादून. उत्तराखंड में लंबे समय से प्रतीक्षित चार धाम यात्रा को हाई कोर्ट से हरी झंडी मिलने के बाद मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने केदारनाथ, बद्रीनाथ, गंगोत्री, यमुनोत्री धामों में श्रद्धालुओं के स्वागत का ऐलान करते हुए कहा कि 18 सितंबर से यात्रा शुरू हो जाएगी. चार धाम के साथ ही हेमकुंड साहिब यात्रा भी शनिवार से ही शुरू होगी. लेकिन अब सवाल यह है कि अगर आपको चार धाम यात्रा पर जाना है, तो आपके लिए क्या ज़रूरी या अनिवार्य नियम, कायदे और तरीके हैं? तीर्थ यात्रा के लिए सबसे पहले आपको पूर्व रजिस्ट्रेशन करवाना होगा. आपको बताते हैं कि यह पूरी प्रक्रिया क्या है.

श्रद्धालु इस वेबसाइट पर करवाएं ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन
अगर आप उत्तराखंड में तीर्थ यात्रा के लिए जा रहे हैं तो पहले ही देवस्थानम बोर्ड की वेबसाइट पर रजिस्ट्रेशन करवाना आपके लिए अनिवार्य होगा. बोर्ड को रजिस्ट्रेशन की ज़िम्मेदारी सौंपी गई है और इस रजिस्ट्रेशन के बगैर यात्रियों को धाम में अनुमति नहीं मिलेगी. रजिस्ट्रेशन करवाने की पूरी प्रक्रिया इस तरह है :

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1. सबसे पहले आप Badrinath-kedarnath.gov.in वेबसाइट पर लॉगिन करें.
2. लॉगिन करने के लिए आपको अपना वैध मोबाइल नंबर वेबसाइट पर दर्ज करना होगा.
3. इसके बाद आप एक पासवर्ड जनरेट कर सकेंगे और एक कैप्चा टाइप करने के बाद लॉगिन हो जाएंगे.
4. लॉगिन के बाद आपके दिए गए मोबाइल नंबर के ज़रिए वेरिफिकेशन होगा इसलिए अपना मोबाइल चालू रखें.
5. एक ओटीपी के साथ मोबाइल या फिर दिए गए ईमेल के माध्यम से वेरिफिकेशन प्रक्रिया होगी.

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देवस्थानम बोर्ड की वेबसाइट के इस पेज पर आप लॉगिन कर सकते हैं.

इस बात का खास खयाल रखें कि मोबाइल नंबर वैध भारतीय नंबर ही हो. दूसरी ज़रूरी बात है कि आपको पूजा, पाठ, आरती, भोग या रुकने ठहरने संबंधी बुकिंग आदि के लिए इसी तरह रजिस्ट्रेशन करवाना अनिवार्य होगा. इस रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया में कोई समस्या आती है तो उसके लिए बोर्ड की वेबसाइट पर एक संपर्क ईमेल भी दिया गया है.

कौन से यात्री कर सकते हैं तीर्थ यात्रा?
चार धाम यात्रा के लिए हाई कोर्ट के आदेश के मुताबिक आने वाले श्रद्धालुओं के संबंध में कुछ निर्देश स्पष्ट कर दिए गए हैं. शनिवार से शुरू हो रही यात्रा के तहत हर एक दिन केदारनाथ में 800, बद्रीनाथ में 1200, गंगोत्री में 600 और यमुनोत्री में 400 से ज़्यादा तीर्थ यात्रियों को अनुमति नहीं दी जा सकेगी. इसके अलावा कुछ और भी बातें ध्यान में ज़रूर रखें.

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1. आप तभी यात्रा कर पाएंगे जब आपने वैक्सीन के दोनों डोज़ लगवा लिये हों, उनका सर्टिफिकेट आपके पास हो.
2. तीर्थ यात्री किसी भी कुंड में स्नान नहीं कर सकेंगे.
3. तीर्थ यात्रियों को कोरोना नेगेटिव रिपोर्ट भी अपने साथ कैरी करनी होगी.
4. फेस मास्क, सोशल डिस्टेंसिंग और अन्य कोरोना नियमों का पालन न करने वाले तीर्थ यात्रियों पर जुर्माने और सज़ा तक के प्रावधान लागू हैं.

इन तमाम बातों को ध्यान में रखते हुए आप रजिस्ट्रेशन करवा सकते हैं. रजिस्ट्रेशन और वेरिफिकेशन के बाद आपको एक ई-पास की तरह का दस्तावेज़ मिल जाएगा, जिसे तीर्थ यात्रा की पूरी अवधि के दौरान आपको साथ रखना होगा. ये तमाम प्रक्रियाएं और शर्तें अगले आदेश तक के लिए लागू हैं.

Char Dham Yatra Update : कल से बद्रीनाथ, केदारनाथ, गंगोत्री, यमुनोत्री में जुटेंगे श्रद्धालु, CM धामी ने कहा, 'भक्तों का स्वागत'

Char Dham Yatra Update : कल से बद्रीनाथ, केदारनाथ, गंगोत्री, यमुनोत्री में जुटेंगे श्रद्धालु, CM धामी ने कहा, 'भक्तों का स्वागत'

बद्रीनाथ, गंगोत्री, यमनोत्री, केदारनाथ, इन चार धामों की यात्रा के लिए देवस्थानाम बोर्ड करेगा यात्रियों का रजिस्ट्रेशन. यात्रियों को कोविड प्रोटोकॉल का पालन करना होगा.

  • News18Hindi
  • LAST UPDATED : September 17, 2021, 09:25 IST
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देहरादून. उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर धामी ने चार धाम यात्रा शुरू होने को लेकर कहा कि राज्य में शनिवार 18 सितंबर से चार धाम यात्रा और हेमुकंड साहिब यात्रा शुरू हो जाएगी. उन्होंने दावा किया कि सरकार की तरफ से यात्रा को लेकर सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं. बता दें कि हाईकोर्ट ने गुरुवार को रोक हटाते हुए इस यात्रा के लिए मंज़ूरी दी थी. इस यात्रा को जिन शर्तों के साथ मंज़ूरी दी गई है, उनके अनुसार सीमित यात्री ही जा सकेंगे. करीब दो महीने का समय इस यात्रा के लिए बचा है. जानिए पहले श्रद्धालुओं ने सीएम को आभार दिया और फिर सीएम धामी ने किस तरह श्रद्धालुओं का स्वागत किया.

लगातार ट्वीट करते हुए सीएम धामी ने कहा, ‘चारधाम यात्रा का उत्तराखण्ड के लिए सांस्कृतिक और आर्थिक महत्व है. प्रत्येक वर्ष देश-विदेश के लाखों लोगों को इस यात्रा की प्रतीक्षा रहती है. प्रदेश सरकार #COVID19 के सभी नियमों का पालन करते हुए सुरक्षित और सुगम चार धाम यात्रा हेतु प्रतिबद्ध है.’ सीएम ने अपने ट्वीट में उत्तराखण्ड में 18 सितम्बर से यात्रा की शुरुआत होने के उपलक्ष्य में ट्वीट करते हुए सभी भक्तों एवं श्रद्धालुओं का राज्य सरकार की ओर से स्वागत किया.

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सीएम पुष्कर सिंह धामी के ट्वीट का स्क्रीनशॉट

जन्मदिन की बधाई ली और यात्रा के लिए दी
सीएम धामी ने अपने जन्मदिन के मौके को चार धाम यात्रा के साथ जोड़ते हुए लिखा कि ‘आज चारधाम तीर्थ पुरोहितों ने भेंट कर जन्मदिन की बधाई देते हुए चारधाम यात्रा पुनः शुरू किये जाने के सन्दर्भ में प्रदेश सरकार के प्रयासों की सराहना की. मैं अपनी ओर से चारधाम पुरोहितों एवं सभी श्रद्धालुओं के प्रति आभार प्रकट करता हूं.’

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इससे पहले धामी ने हाई कोर्ट के फैसले पर लिखा, ‘जन भावनाओं के अनुरूप माननीय उच्च न्यायालय द्वारा चार धाम यात्रा पुनः प्रारंभ करने के निर्णय पर राज्य सरकार सहृदय आभार व्यक्त करती है. इस निर्णय से न केवल धार्मिक भावनाओं का सम्मान हुआ है बल्कि प्रदेश के लाखों लोगों की आजीविका पर भी सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा.’

यूपी और उत्तराखंड में भारी बारिश के आसार, पूर्वी UP के लिए अलर्ट, कल से ढीले पड़ेंगे तेवर

यूपी और उत्तराखंड में भारी बारिश के आसार, पूर्वी UP के लिए अलर्ट, कल से ढीले पड़ेंगे तेवर

UP-Uttarakhand Weather : 1 जून से 15 सितंबर के बीच के आंकड़ों की मानें तो उत्तराखंड में 1072.8 मिमी और उत्तर प्रदेश में 632.5 मि​मी बारिश दर्ज की जा चुकी है, जो 'पर्याप्त' है. इस मानसून सीज़न के खत्म होते तक दोनों राज्य सामान्य से ज़्यादा तरबतर हो जाएंगे.

  • News18Hindi
  • LAST UPDATED : September 17, 2021, 08:50 IST
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लखनऊ/देहरादून. उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड दोनों ही राज्योंं में पिछले कुछ दिनों से हो रही लगातार भारी बारिश से उथल पुथल मची हुई है. उप्र में बारिश के चलते दीवार गिरने के हादसे में कम से कम चार लोगों की मौत हो जाने के साथ ही, दोनों ही राज्यों के कई ज़िलों में सड़कों, पु​लों व अन्य इन्फ्रास्ट्रक्चरों को नुकसान पहुंचने की खबरें आ चुकी हैं. भारतीय मौसम विभाग ने गुरुवार और शुक्रवार के लिए खास तौर से पूर्वी उत्तर प्रदेश में बेहद भारी बारिश की चेतावनी देते हुए रेड अलर्ट जारी किया है. इसके अलावा, उत्तराखंड के कुछ हिस्सों में भी शुक्रवार को भारी बारिश के आसार बताए गए हैं.

उत्तर प्रदेश में मौसम का हाल
बुधवार से गुरुवार के बीच रायबरेली, लांभुआ, प्रतापगढ़, प्रयागराज, अमेठी, रानीगंज, गाज़ीपुर और कानपुर समेत कुछ अन्य जगहों पर भारी बारिश की रिपोर्ट वेदर चैनल ने दी है. इस रिपोर्ट में यह भी कहा गया कि पूर्वी यूपी समेत पश्चिमी हिस्से में उत्तराखंड से सटे इलाकों में भी बारिश के आसार बने हुए हैं. गुरुवार के लिए रेड अलर्ट जारी करते हुए मौसम विभाग ने कहा कि शुक्रवार को पूर्वी हिस्सों को छोड़ अधिकांश यूपी के लिए यलो अलर्ट रहेगा. वहीं, 17 सितंबर के बाद से यूपी समेत उत्तराखंड में भी बारिश की तेवरों में कुछ कमी देखी जाएगी.

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शुक्रवार को बारिश के बाद शनिवार से दोनों राज्यों में मानसून ढीला पड़ सकता है.

उत्तराखंड में कैसा है मौसम?
पहाड़ी इलाकों यानी खास तौर से कुमाऊं अंचल में भारी बारिश के आसार शुक्रवार को भी बने हुए हैं. गुरुवार के लिए आरेंज अलर्ट जारी करते हुए मौसम विभाग ने कहा था कि शुक्रवार को उत्तराखंड के कुछ इलाके यलो अलर्ट पर व अन्य अलर्ट मुक्त होंगे. न्यूज़18 ने आपको ज़िलेवार यह भी खबर दी थी कि किस तरह उत्तराखंड में सितंबर के पहले 14 दिनों में करीब 13 फीसदी ज़्यादा बारिश हो चुकी थी. हालांकि इस पूरे महीने में बारिश का दौर बना रहेगा, ऐसी भविष्यवाणी मौसम विभाग कर चुका है.

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क्या है ऐसे मौसम का कारण?
अरब सागर और बंगाल की खाड़ी दोनों तरफ से कम दबाव का सिस्टम बनने से चल रही नम हवाओं के चलते ऐसा मौसम बना हुआ है. वेदर चैनल के मुताबिक यह सिस्टम अगले कुछ दिनों तक मध्य प्रदेश के पूर्वी व मध्य भारत के कुछ हिस्सों तक बना रहेगा, जिससे भारी और मद्धम दर्जे की बारिश होती रहेगी. शुक्रवार के बाद यह सिस्टम उत्तर पश्चिम की तरफ रुख करेगा, जिससे उत्तराखंड और यूपी में बारिश के तेवर ढीले पड़ने की उम्मीद है.

उत्तराखंड का मौसमः सितंबर में हो चुकी 13% ज्यादा बारिश, और बरसेंगे बदरा, येलो अलर्ट जारी

उत्तराखंड का मौसमः सितंबर में हो चुकी 13% ज्यादा बारिश, और बरसेंगे बदरा, येलो अलर्ट जारी

Yellow Alert in Uttarakhand : मौसम विभाग की चेतावनी है कि कम से कम आज और भारी बारिश हो सकती है. यलो अलर्ट जारी किया गया है. राज्य में भारी बारिश को लेकर खासकर यात्रियों के लिए हिदायतें जारी की गई हैं. आंकड़ों से जानिए बारिश का पूरा मिज़ाज.

  • News18Hindi
  • LAST UPDATED : September 16, 2021, 17:20 IST
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देहरादून. पिछले महीने भारी और लगातार बारिश से तबाही की तस्वीरें सामने आने के बाद लग रहा था कि सितंबर में मानसून की रफ्तार उत्तराखंड में कुछ थमेगी, लेकिन ताज़ा स्थिति यह है कि सितंबर के महीने में राज्य में 13 फीसदी तक ज़्यादा बारिश दर्ज की जा चुकी है और मौसम विभाग की चेतावनी यह भी है कि बाकी बचे महीने में अभी और बारिश होगी. इस महीने में बागेश्वर ज़िले में सामान्य से 200 फीसदी तक ज़्यादा बारिश दर्ज की गई है, जबकि राजधानी देहरादून समेत कुछ ज़िलों में इस महीने में औसत से कम पानी बरसा है. कुल मिलाकर उत्तराखंड के पहाड़ी इलाकों में मानसून अभी और सुर्खियां रचने के मूड में है.

1 से 14 सितंबर तक के आंकड़े जारी करते हुए मौसम विभाग ने सरप्लस वर्षा हो जाने की बात इस तरह कही कि इस अवधि में 115.9 मिमी बारिश की अपेक्षा रहती है, लेकिन 131 मिमी हो चुकी है. ये अनुमान भी ज़ाहिर किया कि आने वाले दिनों में खास तौर पर कुमाऊं अंचल में भारी बारिश का दौर जारी रह सकता है. यहां मंगलवार से यलो अलर्ट जारी किया गया है, जो आज गुरुवार के लिए भी लागू है.

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कहां-कैसे रहे बारिश के आंकड़े?
बागेश्वर में 202 फीसदी ज़्यादा तक बारिश हो गई क्योंकि 77.4 मिमी औसत रहता है लेकिन 14 दिनों में आंकड़ा 234 मिमी का रहा. चमोली में 144 फीसदी और चंपावत में भी 58 फीसदी ज़्यादा बारिश हुई. पहाड़ी ज़िलों के उलट मैदानी इलाकों में इस दौरान कम बारिश दर्ज की गई. नैनीताल में 41%, यूएस नगर में 39%, हरिद्वार में 30% और देहरादून में औसत से 25% कम बारिश दर्ज की गई.

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क्या है और बारिश का अनुमान?
आंचलिक मौसम केंद्र के निदेशक बिक्रम सिंह के हवाले से खबरों में कहा गया कि कम से कम 16 सितंबर तक तो राज्य में बारिश के आसार बने हुए ही हैं. ‘कुमाऊं अंचल के ज़िलों में गढ़वाल अंचल के ज़िलों से ज़्यादा बारिश होगी.’ गौरतलब है कि भारी बारिश के चलते लगातार खबरें बनी हुई हैं कि आम रास्ते और हाईवे ठप हो रहे हैं. सड़कों, पुलों के टूटने और भूस्खलन होने की सुर्खियां भी बनी हुई हैं. सिर्फ पौड़ी गढ़वाल ज़िले में ही 36 सड़कें ठप होने की खबर आ चुकी है, जिसमें पीएम ग्रामीण सड़क योजना की करीब दो दर्जन सड़कें चौपट हो चुकी हैं. यानी भारी बारिश का कहर सबसे ज़्यादा गांवों और ग्रामीणों पर टूट रहा है.

Sarkari Naukri : उत्तराखंड, राजस्थान, यूपी, झारखंड और पंजाब में 16000 से अधिक नौकरियां, टीचर सहित इन पदों के लिए करें आवेदन

Sarkari Naukri : उत्तराखंड, राजस्थान, यूपी, झारखंड और पंजाब में 16000 से अधिक नौकरियां, टीचर सहित इन पदों के लिए करें आवेदन

Sarkari Naukri : पंजाब, राजस्थान, यूपी, झारखंड और उत्तराखंड में ग्रजुएट से लेकर 10वीं पास तक के लिए नौकरियां हैं. उत्तराखंड में चल रही टेक्नीशियन स्टाफ भर्ती के लिए आवेदन की अंतिम तिथि बढ़ गई है.

  • News18Hindi
  • LAST UPDATED : September 16, 2021, 17:08 IST
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नई दिल्ली. Sarkari Naukri : सरकारी नौकरियों के लिए प्रयासरत युवाओं के लिए बंपर भर्तियां निकली हैं. पंजाब, राजस्थान, उत्तराखंड और झारखंड में ही 16500 से अधिक नौकियां हैं. यहां टीचर से लेकर कुक, चौकरीदार, डाक सेवक, टेक्नीशियन और वीडियो जैसे पदों पर भर्तियां हो रही हैं. इस तरह हाई स्कूल पास से ग्रेजुएट तक के लिए नौकरियां हैं. इन सब पदों के लिए आवेदन की अंतिम तिथि नजदीक है. हालांकि पंजाब में अभी भर्ती शुरू होने वाली है. शानदार सरकारी नौकरी के सपने पूरे करने का यह अच्छा मौका है. न्यूनतम योग्यता की शर्तें पूरी कर रहे हैं तो तुरंत आवेदन कर दें.

बात उत्तराखंड से शुरू करें तो यहां मेडिकल कॉलेजों में टेक्नीशियन स्टाफ के पदों पर भर्ती निकली है. उत्तराखंड मेडिकल सर्विस सेलेक्शन बोर्ड द्वारा जारी नोटिफिकेशन के अनुसार कुल 306 वैकेंसी है. इसके लिए आवेदन की अंतिम तिथि 15 सितंबर थी. जिसे बढ़ाकर अब 15 अक्टूबर कर दिया गया है. टेक्नीशियन स्टाफ भर्ती के अंतर्गत लैब टेक्नीशियन, ओटी टेक्नीशियन और रेडियोथेरेपी टेक्नीशियन के साथ सीएसएसडी टेक्नीशियन, ईसीजी टेक्नीशियन, ऑडियोमेट्री टेक्नीशियन, डेंटल टेक्नीशियन, फिजियोथेरेपिस्ट, रिसेप्शनिस्ट और रेडियो ग्राफिक टेक्नीशियन पदों पर भर्ती होगी. पूरी

झारखंड में टीचर से लेकर चौकीदार तक की नौकरियां

झारखंड शिक्षा परियोजना परिषद ने प्रदेश के आवासीय कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों में टीचर, अकाउंटेंट कम कंप्यूटर ऑपरेटर, कुक और चौकीदार के पदों पर भर्ती निकली है. इसके तहत कुल 479 वैकेंसी है. इन पदों पर सिर्फ महिलाओं की भर्ती होगी. इसके लिए आवेदन की अंतिम तिथि 27 सितंबर 2021 है. इसके लिए आवेदन ऑफलाइन करना है.

Sarkari Naukri : टीचर से लेकर चौकीदार तक 450 से अधिक नौकरियां, तुरंत करें आवेदन

पंजाब में टीचर्स की 8000 से अधिक वैकेंसी

पंजाब शिक्षा विभाग ने प्री प्राइमरी टीचर्स की 8393 पदों पर भर्ती निकाली है. इसके लिए आवेदन की प्रक्रिया 11 अक्टूबर 2021 से शुरू होगी. इसके लिए आवेदन पंजाब स्कूल शिक्षा विभाग की वेबसाइट educationrecruitmentboard.com परा जाकर किया जा सकेगा. प्री प्राइमरी शिक्षक पद के लिए न्यूनतम शैक्षिक योग्यता 12वीं पास मांगी गई है. आवेदन के 12वीं में न्यूनतम 45% अंक होने चाहिए. इसके अलावा नर्सरी टीचर एजुकेशन प्रोग्राम में डिप्लोमा या सर्टिफिकेट भी जरूरी है.

प्री प्राइमरी टीचर्स की 8000 से अधिक वैकेंसी

राजस्थान में ग्राम विकास अधिकारी के पदों पर वैकेंसी

राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड ने ग्राम विकास अधिकारी के 3896 पदों पर भर्ती निकाली है. इसके लिए आवेदन 09 अक्टूबर तक किया जा सकता है. आवेदन र्थी चयन बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट www.rsmssb.rajasthan.gov.in पर जाकर करना है. राजस्थान ग्राम विकास अधिकारी भर्ती 2021 में कुल रिक्त पदों की दो फीसदी सीटें खिलाड़ियों के लिए आरक्षित की गई हैं. खिलाड़ियों को आक्षण क्षैतिज रूप में मिलेगा यानी अभ्यर्थी जिस वर्ग (सामान्य/इडब्लूएस/एससी/एसटी /ओबीसी/एमबीसी) का होगा उसे उसी वर्ग के अंर्गत समायोजित किया जाएगा.

ग्राम विकास अधिकारी के पदों पर करें आवेदन

यूपी में 4000 से अधिक वैकेंसी

उत्तर प्रदेश में भारतीय डाक विभाग ग्रामीण डाक सेवक पदों पर बंपर भर्तियां कर रहा है. इसके लिए आवेदन की अंतिम तिथि 22 सितंबर है. ग्रामीण डाक सेवक भर्ती के तहत असिस्टेंट ब्रांच पोस्ट मास्टर और ब्रांच पोस्ट मास्टर के 4000 से अधिक पदों पर भर्ती होगी. इसके लिए आवेदन ऑनलाइन करना है. इसके लिए न्यूनतम शैक्षिक योग्यता 10वीं पास मांगी गई है.

डाक विभाग में 10वीं पास के लिए 4000 से अधिक नौकरियां

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Chardham Yatra: गंगोत्री-यमुनोत्री, बदरीनाथ और केदारनाथ धाम में नहीं होगी तकलीफ अगर पढ़ लेंगे ये खबर

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Uttarakhand News: नैनीताल हाईकोर्ट की ओर से चारधाम यात्रा पर लगी रोक हटने के बाद अब पुलिस विभाग ने अपनी तैयारियां शुरू कर दी हैं. इस दौरान कोरोना नियमों का कड़ाई से पालन करवाया जाएगा, साथ ही सीमित संख्या में यात्रियों को दर्शन की अनुमति होगी.

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देहरादून. नैनीताल हाईकोर्ट ने गुरुवार को आदेश जारी कर चार धाम यात्रा पर लगी रोक को हटा दिया है. इसके साथ ही पुलिस विभाग ने अब चारधाम यात्रा की तैयारियां भी शुरू कर दी हैं. उत्तराखंड के डीजीपी अशोक कुमार के अनुसार सभी जिला कप्तानों को उचित दिशा निर्देश दे दिए गए हैं और यात्रा का संचालन कोविड प्रोटोकॉल के तहत ही करवाया जाएगा. अशोक कुमार ने बताया कि इस दौरान हर दिन यात्रियों की संख्या को सीमित रखा गया है. साथ ही चारधाम पर आने वाले यात्रियों को कोविड नेगेटिव होने की रिपोर्ट या फिर कोरोना वैक्सीनेशन की दोनों डोज का सर्टिफिकेट दिखाना अनिवार्य होगा. ऐसा नहीं होने पर उन्हें यात्रा करने की अनुमति नहीं मिलेगी. साथ ही मौके पर भी यात्रियों की कोरोना जांच करवाने का प्रावधान किया गया है.

क्या होंगे नए नियम

  • अब केदारनाथ में 800, बद्रीनाथ में 1200, गंगोत्री में 600 और यमुनोत्री में 400 यात्रियों को ही हर दिन दर्शनों की अनुमति होगी.
  • अब यात्री किसी भी कुंड में स्नान नहीं कर सकेंगे.
  • यात्रियों को कोरोना नेगेटिव रिपोर्ट या फिर कोरोना वैक्सीनेशन की दोनों डोज के सर्टिफिकेट दिखाने होंगे.
  • यात्रियों को फेस मास्क, सोशल डिस्टेंसिंग और अन्य कोरोना नियमों का पालन करना होगा, ऐसा नहीं
  • करने पर जुर्माने और सजा का प्रावधान है.

सुप्रीम कोर्ट में दायर की थी एसएलपी
गौरलतब है कि हाईकोर्ट ने 26 जून को कोरोना के बढ़ते मामलों को देखते हुए राज्य में चारधाम यात्रा पर रोक लगा दी थी. इस आदेश के खिलाफ राज्य सरकार ने सुप्रीम कोट्र में एसएलपी दायर की थी. लेकिन फिर कुछ दिन पहले ही प्रदेश सरकार ने एसएलपी वापस ले ली गई थी. जिसके बाद गुरुवार को हाईकोर्ट में यात्रा को लेकर निर्णय लिया गया है.

मिलेगी राहत…
हाईकोर्ट की ओर से यात्रा पर लगी रोक हटाए जाने से राज्य सरकार सहित यात्रा से जुड़े व्यवसाइयों को बड़ी राहत मिली है. इससे तीर्थ पुरोहितों और उत्तरकाशी, चमोली व रुद्रप्रयाग जिले के निवासियों को भी राहत की उम्मीद है जो प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष रूप से यात्रा से जुड़े हैं.

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उत्तराखंड में भाजपा और कांग्रेस ने आम आदमी पार्टी के इस अभियान को वोटरों को लुभाने का हथकंडा कहा तो आप ने भी दोनों पार्टियों पर निशाना साधा. जानिए क्या है पूरा मामला और कैसे आप की वेबसाइट से जुड़ रहे हैं लोग.

  • News18Hindi
  • LAST UPDATED : September 16, 2021, 13:39 IST
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देहरादून. उत्तराखंड चुनावी माहौल में सभी सियासी पार्टियां जनमत के लिए अपने स्तर पर मुहिम छेड़ रही हैं. इसी सिलसिले में आम आदमी पार्टी ने पहल करते हुए उत्तराखंड में ‘सेल्फी विद टेंपल’ मुहिम शुरू कर दी है. देवभूमि कहे जाने वाले राज्य में हाल में इस मुहिम के शुरू होने के बाद से अब तक करीब 25 हज़ार लोगों के जुड़ जाने का दावा भी आप ने किया. इस अभियान के तहत पार्टी ने लोगों से अपील की है कि वह राज्य स्थित अपने विशेष लगाव वाले किसी मंदिर के सामने सेल्फी खींचकर पोस्ट करने को कहा है, जिसकी मौजूदा हालत में सुधार की ज़रूरत हो. यही नहीं, ऐसे मंदिर की स्थिति सुधारने को लेकर आप ने लोगों से उनकी राय भी मांगी है.

आम आदमी पार्टी के नेता नवीन पिरशाली के हवाले से खबरों में कहा गया कि इस मुहिम के साथ सिर्फ चार दिनों में 22,976 लोग जुड़े, जिन्होंने अपने सुझाव देकर बताया कि राज्य के किस मंदिर की स्थिति को किस तरह बेहतर किया जा सकता है. पिरशाली ने यह भी कहा कि उत्तराखंड को देश की आध्यात्मिक राजधानी बनाए जाने के संबंध में आप ने सफलतापूर्वक वेबसाइट लॉंच की, जिसके माध्यम से यह मुहिम चल रही है.

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आप का दावा है कि उसका सेल्फी विद टेंपल ​अभियान चर्चित और लोकप्रिय हो रहा है. (Symbolic Image)

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वास्तव में, इस अभियान के दो मकसद बताए गए हैं. आप का दावा है कि लोगों के सुझावों से राज्य के मंदिरों को विश्व पटल पर पर्यटन के नक्शे और पहचान के लिहाज़ से बेहतर करने में मदद मिलेगी. दूसरी ओर, चर्चा यह भी ​है कि देवभूमि में चुनाव जीतने के लिए लोगों की धार्मिक भावना के साथ जुड़ाव के लिहाज़ से आप का यह अभियान मील का पत्थर भी साबित हो सकता है. विपक्षियों के इस तरह के हमले पर भी आप ने निशाना साधते हुए साफ कहा कि लोग इस मुहिम के साथ हैं और विपक्षियों को तकलीफ किस बात की है अगर आप ने उत्तराखंड को हिंदू आस्था की राजधानी बनाने का मिशन शुरू किया है.

रेप और बच्चों के यौन शोषण मामलों का रिपोर्ट कार्ड, 9 राज्यों के बीच उत्तराखंड में कितने खराब हैं हालात?

रेप और बच्चों के यौन शोषण मामलों का रिपोर्ट कार्ड, 9 राज्यों के बीच उत्तराखंड में कितने खराब हैं हालात?

NCRB Report Released : हिमालय के बीच बसे नौ भारतीय राज्यों की तुलना में उत्तराखंड में अपराध की स्थिति चिंताजनक है. हालांकि इन आंकड़ों पर राज्य की पुलिस ने इसे 'इंसाफ के प्रति सकारात्मक नज़रिया' बताया है.

  • News18Hindi
  • LAST UPDATED : September 16, 2021, 09:19 IST
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देहरादून. राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड्स ब्यूरो ने भारत में साल 2020 के लिए नौ हिमालयीन राज्यों के संबंध में बलात्कार और बच्चों के यौन शोषण मामलों को लेकर जो आंकड़े जारी किए, उनमें उत्तराखंड का नाम सबसे ऊपर रहा. अरुणाचल प्रदेश, हिमाचल प्रदेश, मणिपुर, मेघालय, मिज़ोरम, नागालैंड, सिक्किम और त्रिपुरा के मुकाबले उत्तराखंड में 2020 में बलात्कार के सबसे ज़्यादा मामले दर्ज किए गए, जिनकी संख्या ब्यूरो ने 487 बताई. महिलाओं के खिलाफ अपराध पर मंगलवार रात एनसीआरबी ने जो रिपोर्ट जारी की, उसके मुताबिक राज्यवार कुछ और अहम बातें जानिए.

सबसे ज़्यादा रेप केस की लिस्ट में उत्तराखंड के बाद हिमाचल प्रदेश दूसरे नंबर पर रहा, जहां 331 मामले दर्ज किए गए. त्रिपुरा में 79 और मेघालय में 67 ऐसे मामले रहे जबकि सबसे कम रेप केसों की संख्या मिज़ोरम में रही, जहां 33 मामले दर्ज हुए. इसी तरह उत्तराखंड बच्चों के प्रति किए जाने यौन अपराधों की सूची में भी अव्वल रहा. राज्य में 573 ऐसे केस दर्ज किए गए, जिनमें POCSO एक्ट के तहत अपराध दर्ज हुआ. कुछ और मामलों में भी उत्तराखंड की हालत गंभीर बताई गई.

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महिलाओं एवं बच्चों के खिलाफ अपराधों के मामले में उत्तराखंड की स्थिति चिंताजनक हुई.

ड्रग्स तस्करी उत्तराखंड में बड़ा सिरदर्द
साल 2020 के संदर्भ में एनसीआरबी के आंकड़ों से यह ज़ाहिर हुआ कि उत्तराखंड में ड्रग्स कारोबार भी एक बड़ी समस्या है. नारकोटिक्स एक्ट के तहत 1282 केस दर्ज ​हुए. हालांकि इस मामले में उत्तराखंड, हिमाचल से पीछे रहा, जहां 1538 ऐसे केस मिले. ड्रग्स तस्करी उत्तराखंड में प्रमुख समस्या के तौर पर उभरकर आ चुकी है और सरकार ने हाल में यह घोषणा भी कि इसकी रोकथाम के लिए जल्द ही एक ‘एंटी ड्रग पॉलिसी’ भी बनाई जाएगी.

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क्या है आंकड़ों पर उत्तराखंड की सफाई?
एनसीआरबी के आंकड़ों पर देहरादून स्थित पुलिस मुख्यालय के प्रवक्ता के तौर पर महानिरीक्षक अमित सिन्हा के हवाले से खबरों में कहा गया, ‘POCSO और रेप के मामले इसलिए बढ़े हुए दिख रहे हैं क्योंकि राज्य की पुलिस इन मामलों को गंभीरता से लेते हुए ऐसे केस बगैर ढिलाई बरते दर्ज कर रही है. न्याय की आस में ऐसे केस दर्ज कराने में पीड़ितों को भी बल मिला है क्योंकि राज्य पुलिस की प्राथमिकता है कि ऐसे मामलों में न्याय हो सके.’

BJP में कलह: मंत्री हरक सिंह ने ढेंचा बीज पर कही थी ये बात, फिर त्रिवेंद्र रावत कुछ यूं दिया जवाब

BJP में कलह: मंत्री हरक सिंह ने ढेंचा बीज पर कही थी ये बात, फिर त्रिवेंद्र रावत कुछ यूं दिया जवाब

uttarakhand BJP: कैबिनेट मंत्री हरक सिंह रावत ने ढेंचा बीज घोटाले का जिक्र कर पूर्व सीएम त्रिवेंद्र रावत पर निशाना साधा था. इसके जवाब में त्रिवेंद्र रावत ने कहा कि हमारे यहां कहा जाता है- 'गधा जो होता है, वो ढेंचा-ढेंचा करता है.' इस बयान के बाद एक बार फिर उत्तराखंड बीजेपी के अंदर का घमासान सामने आ गया है.

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देहरादून. ढेंचा बीज घोटाले (dhencha seed scam) को लेकर शुरू हुए इस विवाद के बीच बुधवार शाम त्रिवेंद्र रावत (trivendra rawat) ने एक ऐसा विवादित बयान दे दिया, जिसने इस पूरे प्रकरण में आग में घी डालने का काम कर दिया है. त्रिवेंद्र रावत ने हरक सिंह के बयान को लेकर पूछे गए सवाल के जवाब में कहा कि हमारे यहां कहा जाता है – “गधा जो होता है, वो ढेंचा-ढेंचा करता है.” त्रिवेंद्र रावत के इस बयान के बाद अब बीजेपी में चल रही अंदरूनी रार खुलकर सड़कों पर आ सकती है. हालांकि, हरक सिंह रावत की ओर से अभी इस बयान पर कोई रिएक्शन नहीं आया है.

दरअसल, कैबिनेट मंत्री हरक सिंह रावत ने न्यूज 18 को दिए एक एक्सक्लूसिव इंटरव्यू में त्रिवेंद रावत के कृषि मंत्री रहते हुए सामने आए ढेंचा बीज घोटाले को लेकर कहा था कि हमारी सरकार आने पर हरीश रावत त्रिवेंद्र रावत को जेल भेजना चाहते थे. मैंने बतौर कृषि मंत्री त्रिवेंद्र रावत के समर्थन में दो पेज की नोटिंग की, जिसके चलते उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज नहीं हो पाया और वो जेल जाने से बच गए. हरक ने कहा था कि यदि वो जेल चले जाते तो 2017 में मुख्यमंत्री भी नहीं बन पाते.

इस बयान के न्यूज 18 पर चलते ही सियासी गलियारों में हंगामा मच गया था. आम आदमी पार्टी ने इसे बकायदा मुद्दा बनाते हुए प्रेस कान्फ्रेंस कर कहा कि पिछले बीस सालों से बीजेपी और कांग्रेस ऐसी ही मिलीभगत कर प्रदेश को लूट रहे हैं. मामले ने इतना तूल पकड़ा कि बीजेपी संगठन को हस्तक्षेप कर मंत्री हरक सिंह रावत को तलब करना पड़ा. बुधवार को मंत्री हरक सिंह रावत मंत्री धन सिंह रावत को साथ लेकर एक ही कार से बलबीर रोड स्थित बीजेपी प्रदेश कार्यालय पहुंचे. यहां महामंत्री संगठन अजेय कुमार और प्रदेश अध्यक्ष मदन कौशिक के साथ करीब आधे घंटे तक तक बंद कमरे में बातचीत हुई. मीटिंग से बाहर निकलने के बाद मदन कौशिक ने इसे एक सामान्य मुलाकात बताया, तो हरक ने भी कहा कि सरकार और संगठन के मुद्दों पर जरूरी बातचीत हुई.

पत्रकारों द्वारा ढेंचा बीज घोटाले के उनके बयान को लेकर पूछे गए सवाल पर हरक ने बचते बचाते कहा कि उनका बयान सही था, उस पर वे आज भी कायम हैं. इसके बाद मामला करीब-करीब शांत माना जा रहा था, लेकिन इसके कुछ ही घंटों के बाद सामने आए त्रिवेंद्र रावत के बयान ने आग में घी डालने का काम कर दिया है.

UKMSSB Recruitment 2021 : टेक्नीशियन के 300 से अधिक पदों के लिए आवेदन की अंतिम तिथि बढ़ी

UKMSSB Recruitment 2021 : टेक्नीशियन के 300 से अधिक पदों के लिए आवेदन की अंतिम तिथि बढ़ी

Sarkari Naukri 2021 : उत्तराखंड उत्तरखंड मेडिकल सर्विस सेलेक्शन बोर्ड की ओर से टेक्नीशियन सहित विभिन्न पदों पर 12वीं पास के लिए भर्ती निकली है. इसके लिए आवेदन ऑनलाइन करना है.

  • News18Hindi
  • LAST UPDATED : September 15, 2021, 18:30 IST
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नई दिल्ली. UKMSSB Recruitment 2021 : उत्तराखंड के मेडिकल कॉलेजों में टेक्नीशियन पदों पर होने वाली भर्ती के लिए आवेदन की अंतिम तिथि बढ़ा दी गई है. उत्तराखंड मेडिकल सर्विस सेलेक्शन बोर्ड ने आवेदन की अंतिम तिथि बढ़ाकर 15 अक्टूबर कर दी है. इस भर्ती के लिए आवेदन की अंतिम तिथि 15 सितंबर तक ही थी. उत्तराखंड मेडिकल सर्विस सेलेक्शन बोर्ड टेक्नीशियन भर्ती के तहत लैब टेक्नीशियन, ओटी टेक्नीशियन और रेडियोथेरेपी टेक्नीशियन के साथ सीएसएसडी टेक्नीशियन, ईसीजी टेक्नीशियन, ऑडियोमेट्री टेक्नीशियन, डेंटल टेक्नीशियन, फिजियोथेरेपिस्ट, रिसेप्शनिस्ट और रेडियो ग्राफिक टेक्नीशियन पदों कुल 306 वैकेंसी है. इसके लिए आवेदन यूकेएमएसएसबी की वेबसाइट https://ukmssb.org/ पर जाकर ऑनलाइन करना होगा. नोटिफिकेशन के अनुसार योग्य अभ्यर्थियों का चयन लिखित परीक्षा और इंटरव्यू के आधार पर किया जाएगा.

वैकेंसी का विवरण

लैब टेक्नीशियन- 104 पद
ओटी टेक्नीशियन- 62 पद
सीएसएसडी टेक्नीशियन- 63 पद
रेडियो थेरेपी टेक्नीशियन- 05 पद
ईसीजी टेक्नीशियन- 04 पद
ऑडियोमेट्री टेक्नीशियन- 02 पद
डेंटल टेक्नीशियन- 16 पद
फिजियो थेरेपिस्ट- 06 पद
ऑक्यूपेशनल थेरेपिस्ट- 08 पद
रिसेप्शनिस्ट- 02 पद
रेडियोग्राफिक टेक्नीशियन- 34 पद

आवश्यक योग्यता-

लैब टेक्नीशियन- अभ्यर्थी का साइंस विषयों के साथ इंटरमीडिएट पास होना जरूरी है.
ओटी टेक्नीशियन- अभ्यर्थी का साइंस विषयों के साथ इंटरमीडिएट पास होना जरूरी है.
सीएसएसडी टेक्नीशियन, रेडियो थेरेपी टेक्नीशियन, ईसीजी टेक्नीशियन, ऑडियोमेट्री टेक्नीशियन, डेंटल टेक्नीशियन, फिजियोथेरेपिस्ट, ऑक्यूपेशनल थेरेपिस्ट, रिसेप्शनिस्ट, रेडियोग्राफिक टेक्नीशियन- इंटरमीडिएटट पास होने के साथ संबंधित विषय में डिप्लोमा या डिग्री.

आयु सीमा– 18 से 42 वर्ष

यहां क्लिक करके नोटिफिकेशन पढ़ें

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