हिंसा पीड़ित महिलाओं को देहरादून में मिलेगा आश्रय, सखी वन स्टॉप सेंटर में मिलेगी कानूनी सहायता, काउंसिलिंग भी

मुख्यमंत्री ने कहा कि जीवन में कई बार ऐसी समस्याएं आती हैं, जब आश्रय की जरूरत पड़ती है. इस सेंटर में परेशान महिलाओं और बालिकाओं को सहारा मिलेगा.

Kishore Kumar Rawat | News18 Uttarakhand
Updated: September 12, 2019, 7:38 PM IST
हिंसा पीड़ित महिलाओं को देहरादून में मिलेगा आश्रय, सखी वन स्टॉप सेंटर में मिलेगी कानूनी सहायता, काउंसिलिंग भी
किसी भी प्रकार की हिंसा से पीड़ित महिलाओं एवं बालिकाओं को एक ही स्थान पर अस्थायी आश्रय, पुलिस-हेल्प डेस्क, कानूनी सहायता, चिकित्सा और काउन्सलिंग की सुविधा उपलब्ध कराने के लिए देहरदून में सखी वन स्टॉप सेंटर का उद्घाटन किया गया.
Kishore Kumar Rawat | News18 Uttarakhand
Updated: September 12, 2019, 7:38 PM IST
किसी भी प्रकार की हिंसा से पीड़ित (Violence Affected) महिलाओं एवं बालिकाओं (Women and Girls) को एक ही स्थान पर अस्थायी आश्रय (Shelter) , पुलिस-हेल्प डेस्क (Police Help Desk), कानूनी सहायता (Legal Help), चिकित्सा (Medical Fecilities) और काउन्सलिंग (Counseling) की सुविधा उपलब्ध कराने के लिए देहरदून में सखी वन स्टॉप सेंटर (Sakhi One  Stop Center) का उद्घाटन (Ianuguration) किया गया. मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत (CM Trivendra Singh Rawat) ने इस सेंटर का उद्घाटन किया. यह सखी वन स्टॉप सेंटर, केन्द्र सहायतित योजना के तहत देहरादून के सर्वे चौक स्थित महिला छात्रावास (Women Hostel) परिसर में बनाया गया है. इस मौके पर महिला सशक्तिकरण और बाल विकास मंत्री रेखा आर्या (Woman Empowerment and Child Development Minister), राजपुर के विधायक खजानदास (Rajpur MLA Khajandas) भी मौजूद थे.

स्वच्छता बहुत ज़रूरी 

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी का आभार व्यक्त करते किया. उन्होंने कहा कि जीवन में कई बार ऐसी समस्याएं आती हैं, जब आश्रय की जरूरत पड़ती है. सखी वन स्टॉप सेंटर भी उन महिलाओं और बालिकाओं को सहारा देंगे जो कि कई वजहों से परेशान हैं. उन्हें सुविधाएं उपलब्ध कराने के साथ ही अच्छा माहौल दिया जाएगा.

मुख्यमंत्री ने कहा कि जीवन में स्वच्छता बहुत जरूरी है. इस पर किसी तरह की हिचक नहीं होनी चाहिए. हाल ही में एक सर्वे आया था कि माहवारी में स्वच्छता का ध्यान न रख पाने से महिलाओं में सर्वाइकल केंसर की सम्भावना बढ़ जाती है. राज्य सरकार ने सैनेटरी नैपकिन कम कीमत पर उपलब्ध करने की योजना संचालित की है.

बच्चों को कुपोषण से निकालने की कोशिश 

इसके अलावा बच्चों को कुपोषण से बाहर निकालने के लिए विशेष प्रयास किए जा रहे हैं. अति कुपोषित बच्चों की उचित देखरेख के लिए गोद योजना शुरू की गई है. आंगनबाड़ी केंद्रों के बच्चों को सप्ताह में दो दिन निशुल्क दूध उपलब्ध कराया जा रहा है. मुख्यमंत्री ने महिला छात्रावास परिसर का भी अवलोकन किया. उन्होंने यहां आवश्यक उपकरण व अन्य सुविधाएं उपलब्घ कराने की घोषणा की.

महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास मंत्री रेखा आर्या ने कहा कि सखी वन स्टॉप सेंटर के अंतर्गत सभी प्रकार की हिंसा से पीड़ित महिलाओं एवं बालिकाओं को एक ही स्थान पर अस्थायी आश्रय, पुलिस-डेस्क, विधि सहायता, चिकित्सा एवं काउन्सलिंग की सुविधा उपलब्ध करायी जाएगी. इसका उद्देश्य एक ही छत के नीचे हिंसा से पीड़ित महिलाओं एवं बालिकाओं को एकीकृत रूप से चिकित्सा, विधिक, मनौवैज्ञानिक सहायता करना है.
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First published: September 12, 2019, 7:37 PM IST
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