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ऋषिकेश में गंगा का जलस्तर कम होना शुरु... सर्दियों में घाट से 300 मीटर दूर बहती है गंगा

Ashish Dobhal | News18 Uttarakhand
Updated: October 23, 2019, 3:22 PM IST
ऋषिकेश में गंगा का जलस्तर कम होना शुरु... सर्दियों में घाट से 300 मीटर दूर बहती है गंगा
सर्दियों में गंगा कम जलस्तर की वजह से मुख्य घाट से गंगा बहुत दूर हो जाती है जिसकी वजह से श्रद्धालुओं को भारी दिक्कत का सामना करना पड़ता है.

गंगा पर बन रही जलविद्युत परियोजनाओं (Hydro Power Projects) और अनियोजित विकास (unplanned development) की वजह से गंगा (Ganga) के मायके में ही नदी में पानी की कमी होने लगी है.

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ऋषिकेश. ऋषिकेश (Rishikesh) में गंगा का जलस्तर (Ganga water level) लगातार कम होता जा रहा है. यहां गंगा नदी घाट से तक़रीबन 300 मीटर दूर बह रही है. पानी इतना कम हो गया है कि गंगा में जगह-जगह टापू बन गए हैं. हालांकि पिछले कुछ सालों से सर्दियों (Winter) में यह समस्या पेश आ रही है. हर साल छह महीने के लिए गंगा घाटों (Ghat) से दूर चली जाती है और करोड़ों की लागत से बना घाट बेकार सा हो जाता है और टेंपरेरी जुगाड़ गंगा की जलधारा को घाट की ओर ले जाता है.

अनियोजित विकास का असर 

जानकारों का कहना है कि पहाड़ों में लगातार हो रहे अनियोजित विकास का असर गंगा पर पड़ रहा है. गंगा पर बन रही जलविद्युत परियोजनाओं और अनियोजित विकास की वजह से गंगा के मायके में ही नदी में पानी की कमी  होने लगी है.

जानकार मानते हैं कि लगातार पहाड़ पर हो रहा पेड़ों का कटान और ऑल वेदर रोड के साथ-साथ  अनियोजित विकास कार्यों की वजह से पहाड़ों से निकलने वाली गंगा की सहायक नदियों पर कुप्रभाव पड़ा है. गंगा में पानी के प्रवाह को बनाए रखने वाली सहायक नदियों में पानी कम हरोने का सीधा असर गंगा पर पड़ा है.

Rishikesh ganga ghat, जानकार मानते हैं कि लगातार पहाड़ पर हो रहा पेड़ों का कटान और ऑल वेदर रोड के साथ-साथ अनियोजित विकास कार्यों की वजह से पहाड़ों से निकलने वाली गंगा की सहायक नदियों पर कुप्रभाव पड़ा है.
जानकार मानते हैं कि लगातार पहाड़ पर हो रहा पेड़ों का कटान और ऑल वेदर रोड के साथ-साथ अनियोजित विकास कार्यों की वजह से पहाड़ों से निकलने वाली गंगा की सहायक नदियों पर कुप्रभाव पड़ा है.


सर्दियों में रहता है पानी कम 

ऋषिकेश का त्रिवेणी घाट अपनी सुन्दरता और भव्यता के लिए जाना जाता है और यहां रोज़ बड़ी संख्या में तीर्थयात्री स्नान और पूजा-पाठ के लिए आते हैं. सर्दियों में गंगा कम जलस्तर की वजह से मुख्य घाट से गंगा बहुत दूर हो जाती है जिसकी वजह से श्रद्धालुओं को भारी दिक्कत का सामना करना पड़ता है. न स्नान ठीक से हो पता है और न ही पूजा. बुजुर्गों को रेत-पत्थर भरे इस रास्ते पर खासी परेशानी उठानी पड़ती है.
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गंगा के गिरते जलस्तर को लेकर टिहरी डैम पर भी पानी रोकने का आरोप लगता रहा है. आमतौर पर सर्दियों में पानी की कमी के चलते विद्युत उत्पादन के लिए डैम में पानी स्टोर किया जाता है. इसका असर भी मैदानी इलाकों में गंगा धारा पर दिखता है.

Rishikesh ganga ghat, सर्दियों में गंगा कम जलस्तर की वजह से मुख्य घाट से गंगा बहुत दूर हो जाती है जिसकी वजह से श्रद्धालुओं को दिक्कत का सामना करना पड़ता है.
सर्दियों में गंगा कम जलस्तर की वजह से मुख्य घाट से गंगा बहुत दूर हो जाती है जिसकी वजह से श्रद्धालुओं को दिक्कत का सामना करना पड़ता है.


सर्दियां बस शुरु होने वाली हैं और एक बार फिर यह समस्या पैदा होगी. इस बार भी अगर वक्त रहते गंगा में पानी का डिस्चार्ज नहीं बढ़ाया गया तो तीर्थों पर पूजा और कर्मकांड में श्रद्धालुओं को दिक्कतें होंगी.

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First published: October 23, 2019, 3:22 PM IST
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