पहाड़ में 30 एकड़ ज़मीन लीज़ पर लेने का रास्ता साफ... तो अब पहाड़ में बढ़ेगा कारोबार!

पहाड़ों में अब उद्योगों के लिए 30 एकड़ ज़मीन लीज पर मिल सकेगी. (प्रतीकात्मक तस्वीर)

पहाड़ों में चकबंदी न होना एक बड़ी मुश्किल है इसलिए सरकार ने दिक्कतों को देखते हुए अब लैंड लीज़िंग पॉलिसी बनाई है.

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    देहरादून. उत्तराखंड में पहाड़ खाली होते जा रहे हैं और बीते 20 साल में हज़ारों युवा रोज़गार की तलाश में उत्तराखंड के अलग-अलग ज़िलों को छोड़कर पलायन कर गए हैं. ऐसे में उत्तराखंड सरकार ने पहाड़ों में फिर से विकास के लिए एक स्कीम तैयार की है. हालांकि वीरान होते पहाड़ों पर यह कितनी कामयाब होगी यह बड़ा सवाल है?

    यह हैं नियम

    पहाड़ों में अब उद्योगों के लिए 30 एकड़ ज़मीन लीज पर मिल सकेगी. राजभवन की मंज़ूरी मिलने के बाद इसकी अधिसूचना जारी कर दी गई जिसके बाद खेती की ज़मीन को बड़े पैमाने पर लीज़ पर लेने का रास्ता साफ हो गया है. सरकार का प्लान पहाड़ों में खेती, बागवानी, जड़ी-बूटी उत्पादन, सब्जी उत्पादन, डेयरी, चाय बगान और सोलर एनर्जी उत्पादन को बढ़ावा देने का है और उसी को देखते हुए पहाड़ में ज़मीन लीज़ पर देने का फैसला लिया गया है.

    शासन की तरफ से जारी नोटिफिकेशन के मुताबिक अब कोई संस्था, फर्म, कंपनी या स्वयं सहायता समूह गांवों में खेती की ज़मीन को लीज़ पर ले सकता है. नियम के मुताबिक 30 एकड़ से ज़्यादा ज़मीन लीज़ पर नहीं ली जा सकेगी और ये लीज़ 30 साल के लिए होगी. अगर खेती की ज़मीन से जुड़ी सरकारी ज़मीन है तो डीएम की मंज़ूरी के साथ फीस चुकाकर ज़मीन पट्टे पर ली जा सकती है.

    पहला राज्य

    पहाड़ों में चकबंदी न होना एक बड़ी मुश्किल है इसलिए सरकार ने दिक्कतों को देखते हुए अब लैंड लीज़िंग पॉलिसी बनाई है. खेती, बागवानी, चाय बगान, सोलर प्लांट इंडस्ट्री के लिए लैंड लीज़ पर देने वाला उत्तराखंड पहला राज्य बन गया है. यह पहला राज्य है जहां खेती की ज़मीन को लीज़ पर देने के लिए बाकायदा स्पष्ट नीति बनाई गई है. लीज़ पर ज़मीन के बदले ज़मीन मालिक को किराया मिलेगा.

    लैंड लीज़ के मामले में डीएम मध्यस्थ की भूमिका में होंगे. माना जा रहा है कि लैंड लीज़ के फैसले के बाद पहाड़ी इलाकों में सबसे ज्यादा निवेशकों का इंटरेस्ट चाय बगान और सोलर प्लांट प्रोजेक्ट में हो सकता है.

    वेलनेस समिट अप्रैल में

    साल 2018 में इंवेस्टर समिट के बाद साल 2020 के अप्रैल में सरकार का प्लान वेलनेस समिट के आयोजन का है जिसका उद्धाटन खुद देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी करेंगे. 18 जनवरी को सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत ने पीएम मोदी को वेलनेस समिट में आने का न्यौता दिया था.

    वेलनेस समिट में सरकार का फोकस योग, आयुर्वेद, टूरिज्म को एक साथ जोड़कर दिखाने पर होगा ताकि निवेशक उत्तराखंड पर भरोसा जताएं. ऐसे में ज़ड़ी-बूटी उत्पादन, चाय बगान जैसे अलग-अलग सेक्टर को लेकर लैड लीजिंग पॉलिसी अहम कदम साबित हो सकती है.​

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