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शीतकालीन सत्रः ‘गन्ना किसानों की आवाज़ दबा रही है सरकार, चीनी मिलें बंद होने के लिए सरकार ज़िम्मेदार’

Sunil Navprabhat | News18 Uttarakhand
Updated: December 5, 2019, 2:27 PM IST
शीतकालीन सत्रः ‘गन्ना किसानों की आवाज़ दबा रही है सरकार, चीनी मिलें बंद होने के लिए सरकार ज़िम्मेदार’
कांग्रेस विधायकों ने सदन में गन्ना किसानों के बकाया भुगतान का मुद्दा उठाया. (फ़ाइल फ़ोटो)

संसदीय कार्य मंत्री मदन कौशिक (Madan Kaushik) ने कहा कि सरकार एक हफ्ते में समर्थन मूल्य घोषित कर देगी. समर्थन मूल्य घोषित करने के बाद ही भुगतान किया जाएगा.

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देहरादून. सदन में नियम 58 के तहत गन्ना किसानों (sugarcan farmers) के मुद्दे पर चर्चा शुरु हुई तो कांग्रेस विधायक क़ाज़ी निज़ामुद्दीन (congress mla qazi nizamuddin) ने गन्ना किसानों के बकाए भुगतान का मामला उठाया. गन्ना किसानों के मुद्दे पर कांग्रेस ने मिलकर हमला किया और चीनी मिलें (sugar mills) बंद होने, समर्थन मूल्य घोषित न होने, किसानों की आत्महत्या (farmers suicide) के लिए सरकार को दोषी ठहराया. सरकार की ओर से जवाब देते हुए संसदीय कार्य मंत्री मदन कौशिक (madan kaushik) ने कहा कि एक हफ़्ते में गन्ने का समर्थन मूल्य घोषित कर दिया जाएगा.

आस टूटने लगी किसानों की

गन्ना किसानों के बकाया भुगतान का मामला उठाते हुए क़ाज़ी निज़ामुद्दीन ने कहा कि गन्ना किसानों के 250 करोड़ रुपये चीनी मिलों पर बकाया हैं. उन्होंने दो चीनी मिलों के बंद होने के लिए सरकार को जिम्मेदार ठहराया और कहा कि पेराई सत्र शुरु हो गया लेकिन गन्ने का मूल्य घोषित नहीं किया गया यह दुर्भाग्यपूर्ण है.

चर्चा में शामिल होते हुए नेता प्रतिपक्ष इंदिरा हृदयेश ने कहा कि गन्ना किसानों का चीनी मिलों पर 250 करोड़ रुपये बकाया है और अब किसानों की आस टूटने लगी है. उन्होंने दो चीनी मिलों के बंद होने के लिए सरकार का ज़िम्मेदार ठहराया. उन्होंने कहा कि सरकार बताए कब तक गन्ने का मूल्य कर रही है?

कांग्रेस विधायक फुरकान अहमद ने सरकार से गन्ने का समर्थन मूल्य बढ़ाने की मांग की. उन्होंने कहा कि सरकार गन्ने का भाव 500 रुपये प्रति क्विंटल किया जाए.

किसानों की आवाज़ दबा रही सरकार

पूर्व विधानसभा अध्यक्ष और कांग्रेस विधायक गोविंद कुंजवाल ने कहा पीठ से सरकार को कड़े निर्देश देने की मांग की.कांग्रेस विधायक आदेश चौहान ने कहा 3 साल में गन्ने के दाम नहीं बढ़े हैं और इस वजह से किसान कम दाम पर गन्ना बेचने को मजबूर हैं. उन्होंने कहा कि ऊधम सिंह नगर में तीन फैक्ट्री बंद कर दी गई हैं और नादेही शुगर मिल और काशीपुर शुगर मिल पर तीन साल बाद भी बकाया है.

कांग्रेस विधायक ममता राकेश ने कहा कि सरकार गन्ना किसानों की आवाज़ दबा रही है. पिछले साल की कृषि सब्सिडी भी अभी तक किसानों को नहीं मिली है और इसकी वजह से गन्ना किसान आत्महत्या को मजबूर हैं. उन्होंने किसानों के बिजली-पानी के बिल पूरी तरह से माफ़ करने की मांग की.

एक हफ़्ते में समर्थन मूल्य घोषित

संसदीय कार्यमंत्री मदन कौशिक ने गन्ना किसानों के मुद्दे पर जवाब दिया. उन्होंने कहा कि MRP पर किसी किसान को भुगतान नहीं किया जाएगा. गन्ना किसानों का भुगतान समर्थन मूल्य घोषित करने के बाद किया जाएगा. संसदीय कार्य मंत्री ने कहा कि सरकार एक हफ्ते में समर्थन मूल्य घोषित कर देगी.

कौशिक ने कहा कि साल 2016-17 में गन्ने का मूल्य 230 रुपये प्रति कुन्तल था. भाजपा सरकार ने इसे 275 रुपये प्रति कुन्तल किया. कांग्रेस सरकार ने प्राइवेट मिलों के लिए 16-17 में 2 रुपये अनुदान घोषित किया था भाजपा सरकार ने इसे 4.50 रुपये किया.

उन्होंने कहा कि सरकार गन्ना किसानों को लेकर चिंतित है. सरकार उत्तराखंड शुगर फाउंडेशन के साथ मिलकर इथिनॉल प्लांट लगा रही है जो एक साल के अंदर लग जाएंगे. कौशिक ने दावा किया कि इससे गन्ना किसानों को लाभ मिलेगा उनकी आमदनी बढ़ेगी.

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First published: December 5, 2019, 2:26 PM IST
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