ANALYSIS: लोकगायक नरेंद्र सिंह नेगी के शराब फैक्ट्री के समर्थन से महिलाएं दुखी हैं

आज ऐसा क्या हुआ कि नेगी जी देवप्रयाग में सरकार द्वारा लगाई जा रही शराब फैक्ट्री का समर्थन कर रहे है.

News18 Uttarakhand
Updated: July 20, 2019, 6:03 PM IST
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मैं लोकगायक नरेंद्र सिंह नेगी जी की हार्दिक फैन हूं. नेगी जी ने अपनी कविताओं, गीतों के द्वारा गढ़वाल की नई पीढ़ी को, जो अपनी बोली भूलने के कगार पर हैं. नरेंद्र सिंह नेगी गढ़वाली के खोए शब्दों से परिचय करवाया. उन्होंने अपने गीतों में पहाड़ की औरतों के पहाड़ जैसे कठोर दुख, दर्द, मेहनत, प्रेम, विरह ओर लोकगीतों के माधुर्य को लोगों तक पंहुचाया. उत्तराखंड आंदोलन के दौरान उनके गीत गाकर हम सड़कों पर लाठी गोली खाने को तत्पर रहते थे.

नेगी जी की गीतों में सत्ता पलटने की थी ताकत

wine factory-शराब फैक्ट्री का विरोध
उत्तराखंड राज्य का संघर्ष जल, जंगल, जमीन का संरक्षण, उस पर लोक अधिकार, शराब बंदी ओर बच्चों की बेरोजगारी के मुद्दों पर केंद्रित था.


वो नरेन्द्र सिंह नेगी ही थे, जिन्होंने नोछमी नारायणा गीत गा कर लोगों को मजबूर किया कि वे सत्ता को पलट दें. तो आज ऐसा क्या हुआ कि नेगी जी देवप्रयाग में सरकार द्वारा लगाई जा रही शराब फैक्ट्री का समर्थन कर रहे है. वो जानते हैं कि उत्तराखंड राज्य का संघर्ष जल, जंगल, जमीन का संरक्षण, उस पर लोक अधिकार, शराब बंदी ओर बच्चों की बेरोजगारी के मुद्दों पर केंद्रित था.

आंदोलनरत औरतों की जुबान रहे नेगी जी के गीत

उत्तराखंड राज्य के गठन के लिए हुए आंदोलन में प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों की औरतों ने बढ़चढ़ कर भाग लिया था और जिन्हें हाशिये पर धकेल कर दोनों पार्टियां सत्ता सुख भोग रही हैं, नेगी जी उन औरतों की जुबान रहे हैं. फिर आज जब इन्हीं हाशिये के लोगों को अपने वनाधिकारों से वंचित किया जा रहा है.

नशे ने कई घरों को दीमक की तरह चाट लिया
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शराब और बाकी नशे की लत ने जिनके घरों को दीमक की तरह चाट लिया है. बेरोजगारी से जिनकी कमर टूट रही है. खेत, खलिहान बंजर हो रहे हैं. ऐसे कठिन दौर में नेगी जी जैसे लोकप्रिय, लोकहृदय के सम्राट शराब फैक्ट्री का समर्थन कर रहे हैं तो ये लोग अब कहां किसके पास जाएंगे?

नरेंद्र सिंह नेगी ने दिया ये बयान

नरेंद्र सिंह नेगी ने त्रिवेन्द्र सरकार के देवप्रयाग के पास शराब फैक्टी लगाने का समर्थन करते हुए कहा है कि इससे राज्य में फल उत्पादन से जुड़े काश्तकारों को उनकी उपज का सही दाम मिलेगा और उन्हें दूसरे राज्यों की मंडियों के भरोसे नहीं रहना पड़ेगा. फैक्ट्री बनने से राज्य के युवाओं को रोजगार भी मिलेगा. नरेन्द्र सिंह के बयान की वीडियो इस खबर के साथ संलग्न की जा रही है.

राज्य में कम नहीं हुई है बेरोजगारी

मैं नरेंद्र सिंह नेगी जी से यह पूछना चाहती हूं कि राज्य में आज तक इतने बांध, फैक्ट्रियां लगीं, उससे कितनी बेरोजगारी कम हुई? कुमाऊं की एक बेल्ट की बात अगर यहां पर छोड़ दी जाए तो पहाड़ी खेती के कौन सी उपज का सदुपयोग सरकारी योजनाओं के द्वारा किया गया गया है. कुछ संस्थाओं की बात छोड़ दी जाए तो उद्यान विभाग, कृषि विभाग के सौजन्य से कितने बेरोजगारों को रोजगार मिला है? अब शराब के बॉटलिंग प्लांट लगाने के लिए बेरोजगारी और पलायन कम होने की आड़ ली जा रही है.

देवप्रयाग से कुछ ही दूर मंडल बैरागणा में बहुतायत से होने वाली माल्टा की पैदावार के विपणन की उचित व्यवस्थाओं के चलते किसानों-बागवानों की हालत का हाल हम सबके सामने है.

मैं और उत्तराखंड की हजारों महिलाएं नरेंद्र सिंह नेगी के बयान से बहुत आहत हैं. इस एक बयान ने आपके अब तक किए गए लोकहितकारी कामों को ठेस पंहुचाई है.

(यह ​लेखिका गीता गैरोला के विचार हैं. गीता महिला सामाख्या की निदेशक रही हैं और जानी मानी सामाजिक कार्यकर्ता हैं.)
First published: July 20, 2019, 3:37 PM IST
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