उत्तराखंड: 'आत्मनिर्भर' बनाने को त्रिवेंद्र रावत सरकार ने लॉन्‍च की नई स्‍कीम, ऐसे उठा सकते हैं फायदा
Dehradun News in Hindi

उत्तराखंड: 'आत्मनिर्भर' बनाने को त्रिवेंद्र रावत सरकार ने लॉन्‍च की नई स्‍कीम, ऐसे उठा सकते हैं फायदा
राज्य में कोरोना संक्रमण से अब तक 10 लोगों की मौत हो चुकी है. (फाइल फोटो)

सीएम त्रिवेंद्र रावत ने मुख्‍यमंत्री स्‍वरोजगार योजना (Chief Minister Self-Employment Scheme) की शुरुआत की है. इसके तहत प्रवासियों और युवाओं को प्रदेश में ही रोजगार का मौका दिया जाएगा.

  • Share this:
देहरादून. लॉकडाउन (Lockdown) में वापस पहुंचे प्रवासियों और उत्तराखंड में रह रहे युवाओं को रोजगार और स्वरोजगार से जोड़ने के लिए प्रदेश सरकार ने मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना (Chief Minister Self-Employment Scheme) की शुरुआत की है. इस योजना में प्रदेश में रोजगार और स्वरोजगार के साधन सुलभ कराने के लिए एक नई पहल की गई है, जिसमें युवाओं को पशुपालन और दुग्ध उत्पादन के व्यवसाय के माध्यम से जोड़ना है. दरअसल, लॉकडाउन के चलते करीब 5 लाख प्रवासियों के उत्तराखंड में आने की उम्मीद है. ऐसे में राज्य सरकार की जिम्मेदारी हो जाती है कि इतनी बड़ी तादाद में आ रहे प्रवासियों के लिए रोजगार व स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध करवाएं. इसके लिए उत्तराखंड की त्रिवेंद्र रावत सरकार ने मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना की शुरुआत की है.

खास बात यह है कि युवाओं को राज्य में ही रोजगार और स्वरोजगार मिल सके इसके लिए राज्य सरकार डेयरी व्यवसाय से जोड़ने का प्रयास कर रही है. इसमें राज्य समेकित सहकारी विकास परियोजना तथा गाय गंगा महिला डेयरी योजना के अंतर्गत 3 व 5 दुधारू पशुओं को खरीदने के लिए 25 प्रतिशत छूट दी जाएगी. इसी के साथ शहरी क्षेत्रों में आंचल मिल्क बूथ भी स्थापित किए जाएंगे, जिसमें 20% की छूट पर लोन उपलब्ध करवाया जायेगा. योजना का लाभ दुग्ध सहकारी समिति सदस्यों को प्रदान किया जाएगा. वह व्यक्ति जो वर्तमान में दुग्ध सहकारी समिति का सदस्य नहीं है, परंतु सदस्य बनने के इच्छुक है उन्हें भी योजना अंतर्गत लाभान्वित किया जाएगा. साथ ही योजना अंतर्गत क्रय किए जाने वाले दुधारू पशु राज्य से बाहर क्रय किए जा सकेंगे ताकि प्रदेश में पशु धन की वृद्धि हो सके.

कुल 10 हजार दुधारू पशु उपलब्ध कराए जाएंगे
वहीं, 3000 दुग्ध उत्पादकों को कुल 10 हजार दुधारू पशु उपलब्ध कराए जाएंगे. राज्य में  500 आंचल मिल्क बूथ भी स्थापित किए जाएंगे. इसके लिए राज्य सरकार ने 1 जून से 15 जून तक आवेदन प्राप्त करने की तिथि रखी है, जिसे प्रबंधक व प्रधान प्रबंधक दुग्ध संघ कार्यालय से प्राप्त और जमा किया जा सकता है. राज्य सरकार की मंशा है कि इन योजनाओं से पलायन पर रोक लग सकेगी. दरअसल, राज्य सरकार चाहती है कि राज्य दुग्ध क्षेत्र में आत्मनिर्भर बने. साथ ही अन्य प्रदेशों में भी दूध का निर्यात किया जा सके.
रोजगार के साधन उपलब्ध कराना राज्य सरकार की प्राथमिकता है


मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत के मुताबिक, ग्रामीण क्षेत्रों की अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए ग्राम स्तर पर रोजगार के साधन उपलब्ध कराना राज्य सरकार की प्राथमिकता है. मुख्यमंत्री ने कहा कि गांव में निवास करने वाले ग्रामीण तथा अन्य राज्यों से आए राज्य के प्रवासियों के लिए राज्य सरकार द्वारा स्वरोजगार का यह उचित अवसर प्रदान किया जा रहा है. सीएम त्रिवेंद्र ने कहा कि पशुपालन और दुग्ध उत्पादन के माध्यम से वे अपनी आजीविका चला सकते हैं और राज्य सरकार की योजनाओं को अधिक लाभ ले सकते हैं.

ये भी पढ़ें- 

Corona side effects: जयपुर में सैलून कर्मचारी PPE किट पहनकर कर रहे हेयर कटिंग

Udaipur: कोरोना ने छीन ली दुनिया के खूबसूरत शहर 'Lake City' की रौनक
अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज

corona virus btn
corona virus btn
Loading