कुछ गीत बदलते समय के हिसाब से लिखने पड़े : फैज अनवर

'दिल है की मानता नहीं' और 'तुम बिन' जैसी फिल्मों के गीत लिखने वाले फैज अनवर ने कहा कि बदलते वक्त के अनुसार उन्हें 'चिकनी कमर पे तेरी' और 'छम्मक छल्लो छैल छबीली' जैसे गीत भी लिखने पड़े.

Agencies
Updated: June 12, 2016, 1:01 PM IST
कुछ गीत बदलते समय के हिसाब से लिखने पड़े : फैज अनवर
'दिल है की मानता नहीं' और 'तुम बिन' जैसी फिल्मों के गीत लिखने वाले फैज अनवर ने कहा कि बदलते वक्त के अनुसार उन्हें 'चिकनी कमर पे तेरी' और 'छम्मक छल्लो छैल छबीली' जैसे गीत भी लिखने पड़े.
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Updated: June 12, 2016, 1:01 PM IST
'दिल है की मानता नहीं' और 'तुम बिन' जैसी फिल्मों के गीत लिखने वाले फैज अनवर ने कहा कि बदलते वक्त के अनुसार उन्हें 'चिकनी कमर पे तेरी' और 'छम्मक छल्लो छैल छबीली' जैसे गीत भी लिखने पड़े.

अनवर ने कहा, "कभी-कभी मुझे भी निर्माता और निर्देशक को खुश करने के लिए गाने लिखने पड़ते हैं. बदलते समय में अपना अस्तित्व बचाए रखने के लिए मेरे पास कोई दूसरा विकल्प नहीं है. मुझे भी संजय लीला भंसाली की फिल्म 'राउडी राठौर' के लिए 'चिकनी कमर पे तेरी मेरा दिल फिसल गया' और 'छम्मक छलो छैल छबीली' जैसे गाने लिखने पड़े."

उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा, "अगर संजय लीला भंसाली जैसा फिल्मकार ऐसी फिल्म बना सकता है, तो मुझ जैसा कवि गीतकार ऐसे गाने क्यों नही लिख सकता? ऐसे गीत ज्यादा दिन नहीं चलते और ये पहली बारिश की तरह होते हैं. ये आते-जाते रहते हैं. लेकिन समय की मांग के अनुसार ऐसे गीत लिखने पड़ते हैं."



एक गीतकार के रूप में सफलता हासिल करने के बाद अनवर एक रोमांटिक हास्य फिल्म 'लव के फंडे' का निर्माण करने जा रहे हैं. यह फिल्म 'एफआरवी बिग बिजनेस एंटरटेनमेंट प्राइवेट लिमिटेड' के बैनर तले बन रही है.

अनवर के साथ प्रेम प्रकाश गुप्ता भी इस फिल्म के निर्माता हैं. इसके निर्देशक और लेखक इंदरवेश योगी हैं.फिल्म जुलाई में रिलीज होगी.
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