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एक साल से बजट के इंतजार में दून अस्पताल, दवाओं का संकट

एक साल से बजट के इंतजार में दून अस्पताल, दवाओं का संकट

Doon Hospital, Dehradun

Doon Hospital, Dehradun

प्रदेश के कोने कोने से मरीज बड़ी उम्मीदों के साथ अपना इलाज कराने के लिए देहरादून हॉस्पिटल का रुख करते हैं. फिलहाल देहरादून हॉस्पिटल अब मेडिकल कॉलेज बन चुका है. फिर भी मरीज बेहतर इलाज की सुविधाओं से महरुम है. देहरादून मेडिकल कॉलेज का संचालन अब चिकित्सा शिक्षा विभाग कर रहा है.

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प्रदेश के कोने कोने से मरीज बड़ी उम्मीदों के साथ अपना इलाज कराने के लिए देहरादून हॉस्पिटल का रुख करते हैं. फिलहाल देहरादून हॉस्पिटल अब मेडिकल कॉलेज बन चुका है. फिर भी मरीज बेहतर इलाज की सुविधाओं से महरुम है. देहरादून मेडिकल कॉलेज का संचालन अब चिकित्सा शिक्षा विभाग कर रहा है.

17 जुलाई, 2016 से दून हॉस्पिटल का जिला हॉस्पिटल का दर्जा समाप्त हो गया है. जिससे एक साल से जिला हॉस्पिटल का बजट भी जारी नहीं हो रहा है.

दूसरी तरफ मेडिकल शिक्षा विभाग भी बजट जारी नहीं कर रहा है. जिससे हॉस्पिटल में दवाओं की कमी बनी हुई है. एलपी की सुविधा नहीं मिल रही है, जिला चिकित्सा प्रबंधन कमेटी एक साल से भंग है. यानी मरीजों के इलाज से मिलने वाली धनराशि को हॉस्पिटल खर्च नहीं कर सकता है. जबकि कमेटी को 50 फीसदी धनराशि खर्च करने का पहले अधिकार रहा है.

अप्रैल 2016 से हॉस्पिटल मरीजों के इलाज से 3 करोड़ रुपये राजस्व के तौर पर सरकारी खजाने में जमा कर चुका है. मगर हॉस्पिटल को दवाओं की खरीद के लिए एक रुपया नहीं मिल रहा है. ड़ॉ केके टम्टा, अधीक्षक दून मेडिकल कॉलेज का कहना है कि बजट जारी न होने से दवाओं की खरीद में दिक्कतें आ रही है.

यूं तो हॉस्पिटल का सालाना बजट 14 करोड 90 लाख रुपये का रहा है, मगर मेडिकल कॉलेज बनने से बजट बंद हो गया है. हां गनीमत इतनी जरूर है कि प्रदेश सरकार ने 2 करोड़ रुपये दवाओं की खरीद के लिए दिये हैं.

फिलहाल लोगों का कहना है कि अधिकारियों को ठोस कदम उठाना होगा तभी मरीजों को बेहतर इलाज मिल सकता है. फिलहाल बजट जारी न होने का खामियाजा मरीजों को उठाना पड रहा है.

Tags: Almora News, Uttarakhand news

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