उत्‍तराखंड पुलिस ने शुरू की अनूठी पहल, हर सिपाही एक परिवार को ले रहा है गोद
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उत्‍तराखंड पुलिस ने शुरू की अनूठी पहल, हर सिपाही एक परिवार को ले रहा है गोद
मुहिम के तहत, देहरादून पुलिस ने कुल 124 जरूरतमंद परिवारों की जिम्‍मेदारी ली है.

उत्‍तराखंड की देहरादून जिला पुलिस (Dehradun District Police ) ने एक अनूठी पहल शुरू की है, जिसको ‘एक सिपाही-एक परिवार’ का नाम दिया गया है.

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देहरादून. कोरोना वायरस (Coronavirus) के संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए 23 मार्च से पूरे देश में लॉकडाउन (Lockdown) जारी है. इस लॉकडाउन के चलते दैनिक मजदूरी कर अपना और अपने परिवार का पेल पालने वाले कामगारों को खासी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. परेशानी के जूझ रहे इन जरूरतमंद परिवारों की मदद के लिए उत्‍तराखंड की देहरादून जिला पुलिस ने एक अनूठी पहल शुरू की है, जिसको ‘एक सिपाही-एक परिवार’ का नाम दिया गया है.

अपनी तरह की इस अनूठी पहल की शुरूआत देहरादून जिला के नेहरू कॉलोनी थाने से की गई है. एक परिवार-एक सिपाही की मुहिम के तहत जरूरतमंद गरीब परिवारों को सहायता मुहैया कराई जाएगी. देहरादून पुलिस के वरिष्‍ठ अधिकारी ने बताया कि इस मुहिम में हर पुलिस कर्मी ने एक परिवार को गोद लेगा. गोद लेने वाले पुलिस कर्मी जरूरतमंद परिवार के खाने-पीने के साथ-साथ मेडिकल और गैस जैसी तमाम आवश्‍यक व्‍यवस्‍थाओं को सुनिश्चित करेगा.

भूखे पेट रहने को मजबूर हो गए थे ये परिवार
देहरादून पुलिस ने जिन परिवारों को गोद लिया है, उन्‍हें परिवारों में एक परिवार बिहार मूल के सुनील का भी है. देहरादून के बंजारा वाला इलाके में रहने वाले सुनील ने बताया कि वह मजदूरी कर अपने परिवार का लालन पोषण करता था. लॉकडाउन के चलते मजदूरी समाप्त हो गयी और परिवार में रहने वाले 5 सदस्यों पर भूखा रहने की स्थिति पैदा हो गयी थी. लेकिन, पुलिस की इस मुहिम से उसके परिवार को एक सदस्य तो मिला ही, साथ ही खाने-पीने की भी व्यवस्था हो गयी. अब उसके परिवार में खुशहाली वापस आ गई है.



113 पुलिसकर्मियों का है सामूहिक निर्णय


पुलिस की इस मुहिम का जिम्मा लिए एसओ दिलबर सिंह नेगी का कहना है कि अभी तक वो इन लोगों को समाजसेवियों द्वारा दिये गये राशन को दिया करते थे. लेकिन, अब उनके थाना और चौकियों में रहने वाले 113 पुलिस कर्मियों ने निर्णय लिया है कि वो अपनी सैलरी के हिसाब से 1 परिवार को गोद लेंगे. योजना के तहत, अब तक 124 जरूरतमंद परिवारों को चिन्हित कर उनकी जिम्मेदारी ली है.

इन्‍होंने उठाई है दो परिवारों की जिम्‍मेदारी
बाईपास चौकी इंचार्ज आशीष रावत का कहना है कि उन्होंने दो परिवारों की जिम्मेदारी उठायी है. वह रोजाना इन परिवारों के भोजन की व्‍यवस्‍था करते हैं. साथ ही, उन्होंने अपना नंबर इस परिवार को दिया है, जिससे कोई इमरजेंसी के दौरान वो कॉल कर सकें. वहीं, इस मुहिम को लेकर डीआईजी अरुण मोहन जोशी का कहना है कि पुलिस अपने काम से हट कर ऐसा कार्य करती है जो एक मिसाल कायम करता है. जिससे उन लोगों का मनोबल बढ़ाता है, जिनको इस लॉक डाउन में परेशानियां हो रही हैं.

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First published: April 12, 2020, 10:00 AM IST
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