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परिवहन विभाग में घोटाले पर छिड़ी जंग, कर्मचारी-अधिकारी आमने-सामने

News18India
Updated: October 12, 2017, 9:00 PM IST
परिवहन विभाग में घोटाले पर छिड़ी जंग, कर्मचारी-अधिकारी आमने-सामने
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Updated: October 12, 2017, 9:00 PM IST
उत्तराखंड के परिवहन विभाग विभाग का मिनिस्ट्रीयल कर्मचारी संगठन अपने ही विभाग में घोटाले की आंशका जाहिर कर रहा है लेकिन विभाग के आला अधिकारियों का कहना है कि यह इन कर्मचारियों की हताशा है.

उत्तराखंड के परिवहन विभाग में डीलर पॉएंट के जरिए रजिस्ट्रेशन करने को विभाग में खुला युद्ध छिड़ गया है. दरअसल प्रदेश में देहरादून और हरिद्धार में विभाग डीलर पॉएंट के जरिए नई गाड़ियों के रजिस्ट्रेशन करता है, लेकिन परिवहन विभाग के मिनिस्ट्रीयल कर्मचारी संगठन ने इस प्रक्रिया को गलत ठहराया है.

संगठन का कहना कि देहरादून आरटीओ ऑफिस में इस प्रक्रिया से एक करोड़ 20 लाख रुपये के राजस्व की हानि हुई है. संगठन ने परिवहन मंत्री से को ज्ञापन भेजकर मामले की जांच कराने की मांग की है.

संगठन का दावा है कि वित्तीय वर्ष 2016–17 में मार्च से अगस्त माह की तुलाना में वित्तीय वर्ष 2017–18 के अगस्त माह में 19 प्रतिशत ज्यादा वाहनों का रजिस्ट्रेशन हुआ लेकिन इसके बजाय सरकार को एक करोड़, 20 लाख रुपये राजस्व कम प्राप्त हुआ है.

देहरादून के एआरटीओ अरविंद पाण्डेय का कहना कि जो लोग यह आरोप लगा रहे हैं, वह पूरी तरह भ्रामक है. विभाग को राजस्व की हानि नहीं, फायदा हुआ है. विभाग को इस साल 10 प्रतिशज ज्यादा राजस्व अब तक प्राप्त हो चुका है.

परिवहन सचिव डी सैंथिल पांडियन कहते हैं कि यह उन लोगों की कोशिश है जो डीलर पॉएंट का विरोध कर रहे हैं. पांडियन कहते हैं कि जो लोग गलत आंकड़े पेश कर रहे हैं उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी और 16 अक्टूबर से पूरे प्रदेश में डीलर पॉएंट के जरिए ही नए वाहनों के रजिस्ट्रेशन होंगे.

उधर परिवहन मंत्री यशपाल आर्य ने इस मामले को गंभीरता से लिया और एक साथ मिनिस्ट्रीयल कर्मचारी संगठन और आला अफसर की बैठक इस मामले पर बुलाई है. इसके साथ ही 16 अक्टूबर से डीलर पॉएंट के ज़रिए रजिस्ट्रेशन पर यशपाल आर्य ने रोक लगा दी है.

 
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