गंगा की खातिर 111 दिनों से अनशन पर बैठे 87 साल के स्वामी सानंद का निधन

बुधवार को प्रशासन और पुलिस की संयुक्त टीम ने उन्‍हें आश्रम से उठा कर ऋषिकेश के एम्स अस्पताल में भर्ती कराया था.

News18Hindi
Updated: October 11, 2018, 6:46 PM IST
गंगा की खातिर 111 दिनों से अनशन पर बैठे 87 साल के स्वामी सानंद का निधन
पर्यावरणविद् प्रो.जीडी अग्रवाल स्वामी सानंद पिछले 111 दिनों से आमरण अनशन पर बैठे थे.
News18Hindi
Updated: October 11, 2018, 6:46 PM IST
गंगा की रक्षा के लिए एक और संत ने अपना बलिदान दे दिया. वैज्ञानिक से संत बने अनशनरत स्वामी ज्ञान स्वरूप सानन्द की गुरुवार को ऋषिकेश के एम्स हॉस्पिटल में दिल का दौरा पड़ने से मौत हो गई. स्वामी सानंद पिछले 112 दिनों से गंगा की रक्षा और अपनी मांगों को लेकर हरिद्वार के मातृ सदन आश्रम में अनशन कर रहे थे. उनकी बिगड़ती हालात को देखते हुए बुधवार को ही उन्हें प्रशासन ने जबरन अनशन से उठाकर ऋषिकेश एम्स हॉस्पिटल में भर्ती कराया था.

एम्स से ही गुरुवार सुबह 6.45 बजे स्वामी सानन्द ने हस्तलिखित प्रेस विज्ञप्ति जारी की थी. जिसमें उन्होंने अपना अनशन जारी रखने के लिए एम्स के डॉक्टरों द्वारा सहयोग किए जाने पर उनका धन्यवाद किया था.

सानन्द ने लिखा था कि डॉक्टरों ने उन्हें कहा था कि उनके सामने उनका जीवन बचाने के लिए फोर्स फीडिंग का भी विकल्प है. मगर डॉक्टरों की सलाह पर सानन्द ने 500 एमएल तरल मुंह एयर ड्रिप के जरिए लेने पर अपनी सहमति दे दी थी. सानन्द की सेहत के लिए तुरंत तरल पदार्थ दिया जाना जरूरी था क्योंकि उनके शरीर में जरूरी पोटेशियम की मात्रा 3.5 से घटकर 1.7 ही रह गई थी.

गंगा की निर्मलता और अविरलता बनाए रखने के लिए अपनी मांगों को लेकर कानपुर आईआईटी के पूर्व प्रोफेसर जीडी अग्रवाल उर्फ स्वामी ज्ञान स्वरूप सानन्द हरिद्वार के मातृ सदन आश्रम में 22 जून से अनशन पर बैठे हुए थे. इस बीच कुछ केंद्रीय मंत्री, सांसद भी आकर उनसे अनशन समाप्त करने का अनुरोध कर चुके थे. मगर सानन्द ने गंगा के लिए संसद में कानून बनाने तक अनशन खत्म करने को तैयार नहीं थे.

तीन दिन पहले सांसद रमेश पोखरियाल निशंक भी सानन्द से मिले थे और उनसे अनशन खत्म करने का अनुरोध किया था. मगर सानन्द ने खुद प्रधानमंत्री मोदी द्वारा संसद में कानून बनाने के आश्वासन मिलने के बाद ही अनशन खत्म करने की घोषणा की थी. उन्होंने निशंक से साफ कहा था कि शाम तक पीएम अगर उन्हें लिखित आश्वासन देते है तभी वह अनशन त्यागेंगे अन्यथा वह कल से जल का भी त्याग कर आमरण अनशन शुरू कर देंगे.

अपनी घोषणा के अनुरूप सानन्द ने जल भी त्याग कर दिया था. उनकी बिगड़ती सेहत को देखते हुए जिला प्रशासन ने मंगलवार को ही सानन्द को अनशन से जबरन उठाकर ऋषिकेश एम्स में भर्ती करा दिया था. एम्स में गुरुवार की दोपहर 1 बजे दिल का दौर पड़ने से उनकी मौत हो गई.

ये भी पढ़ें- गंगा को बचाने के लिए स्वामी ज्ञानस्वरूप का अनशन जारी,मिलने पहुंचे हरीश रावत
Loading...

VIDEO: गंगा की स्वच्छता को लेकर अनशन पर बैठे स्वामी सानंद एम्स में भर्ती
Loading...
पूरी ख़बर पढ़ें अगली ख़बर