हरिद्वार में सांसों का संकट, मुंह मांगे दामों पर खरीदनी पड़ रही है ऑक्सीजन

हरिद्वार में सांसो का संकट, ऑक्सीजन के मुंह मांगे दाम वसूल रहे डीलर्स.

हरिद्वार में सांसो का संकट, ऑक्सीजन के मुंह मांगे दाम वसूल रहे डीलर्स.

कोरोनाकाल में मरीजों को ऑक्सीजन का अभाव हो गया है. हरिद्वार में सरकारी और प्राइवेट अस्पतालों में ऑक्सीजन की किल्लत के कारण गैस रिफिलिंग प्लांट संचालक चांदी काट रहे हैं. अस्पताल में ऑक्सीजन उपलब्ध न होने के कारण पेशेंट के परिजन खुद ही ऑक्सीजन का सिलेंडर मुंहमांगे दामों पर खरीदने पर विवश हैं.

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पुलकित शुक्ला

हरिद्वार. कोरोना ( corona ) के बढ़ते संक्रमण ने स्वास्थ्य सेवाओं को चौपट कर रखा है. मरीजों को ऑक्सीजन (oxygen) का अभाव हो गया है. हरिद्वार ( Haridwar) में सरकारी और प्राइवेट अस्पतालों में ऑक्सीजन की किल्लत के कारण गैस रिफिलिंग प्लांट संचालक चांदी काट रहे हैं. अस्पताल में ऑक्सीजन उपलब्ध न होने के कारण पेशेंट के परिजन खुद ही ऑक्सीजन का सिलेंडर लेने के लिए निकल पड़ते हैं. ऐसे में ऑक्सीजन विक्रेता मुंह मांगे दाम वसूल रहे हैं.

हरिद्वार जिला प्रशासन ने फिलहाल औद्योगिक इस्तेमाल के लिए ऑक्सीजन देने पर रोक लगा दी है. सिर्फ मेडिकल यूज के लिए ही ऑक्सीजन बेची जा रही है. ऑक्सीजन गैस के खाली सिलेंडर के दाम में बेतहाशा वृद्धि देखी जा रही है. आम दिनों में 5 हजार रुपए का मिलने वाला सिलेंडर इन दिनों 15 हजार रुपये तक का मिल रहा है. वहीं ऑक्सीजन सिलेंडर की कालाबाजारी के मामले पर अधिकारी चुप्पी साधे हुए हैं. अधिकारियों की इस लापरवाही का खामियाजा आम जनता को भुगतना पड़ रहा है.

मांग बढऩे से आसमान छू रहे दाम
बाजार में जब किसी भी चीज की मांग अचानक से बढ़ जाती है तो उसके दामों में भी इजाफा हो जाता है. ज्वालापुर स्थित अशोका गैस एजेंसी चलाने वाले के के मोदी बताते हैं कि जिसके घर में किसी को सांस लेने में प्रॉब्लम होती है या हॉस्पिटल में ऑक्सीजन उपलब्ध नहीं होती तो ऐसे लोग खुद ही ऑक्सीजन लेने के लिए उनके पास आते हैं. सबसे बड़ी समस्या खाली सिलेंडर को लेकर होती है. 10 लीटर का जो सिलेंडर पहले 5 हजाार का मिलता था अब वह 3 गुना दामों में 15 हजार रुपये तक का बमुश्किल मिल पा रहा है. डिमांड ज्यादा होने से लिक्विड भी पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध नहीं है, इसलिए सभी लोगों को ऑक्सीजन गैस देने में दिक्कत आ रही है.

अधिकारी नहीं दे पा रहे जवाब

हरिद्वार जिला प्रशासन ऑक्सीजन की किल्लत को दूर करने और कालाबाजारी रोकने के लाख दावे तो कर रहा है, लेकिन धरातल पर स्थिति दावों से बिल्कुल उलट नजर आ रही है. जिला प्रशासन ने ऑक्सीजन की किल्लत को दूर करने के लिए फिलहाल ऑक्सीजन की औद्योगिक सप्लाई पर रोक लगा दी है. सिर्फ वास्तविक जरूरतमंदों को ही ऑक्सीजन गैस देने के निर्देश डीलर्स को दिए हैं, लेकिन प्रशासन की यह तैयारी नाकाफी साबित हो रही है. ऑक्सीजन गैस की किल्लत और कालाबाजारी के मामले पर अधिकारी जवाब देने से बच रहे हैं.
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