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साहसिक पर्यटन के लिए अच्छी ख़बरः पर्वतारोहण पर घटेगा शुल्क

News18India
Updated: October 13, 2017, 5:18 PM IST
साहसिक पर्यटन के लिए अच्छी ख़बरः पर्वतारोहण पर घटेगा शुल्क
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Updated: October 13, 2017, 5:18 PM IST
साहसिक पर्यटन के शौकीनों के लिए उत्तराखंड से अच्छी खबर है. यहां सरकार साहसिक पर्यटन को बढ़ावा देने के उददेश्य से पर्वतारोहण के शुल्क में कटौती कर सकती है. भारतीय पर्वतारोहियों के लिए शुल्क में कमी का प्रस्ताव भेजा जा चुका है. उम्मीद की जा रही है कि जल्द ही विदेशी पर्वतारोहियों को भी इसका लाभ मिल सकता है.

दरअसल उत्तराखंड में साहसिक पर्यटन की हमेशा से ही अपार संभावनाएं रही हैं. पर्वतारोहण इसमें सबसे पसंदीदा क्षेत्र माना जाता रहा है. उत्तराखंड में करीब 81 हिमशिखर ऐसे हैं जिन पर आरोहण के लिए हर साल बड़ी संख्या में देशी-विदेशी पर्यटक पहुंचते हैं.

पर्यटकों की संख्या को देखते हुए 2004 में राज्य सरकार ने इसके लिए गाइड लाइन जारी की और रिजर्व फॉरेस्ट और रिजर्व फॉरेस्ट से बाहर के क्षेत्र में पर्वतारोहण के लिए तीन चरणों में अलग-अलग शुल्क निर्धारित कर दिया गया.

विदेशी पर्वतारोहियों के लिए 80 हज़ार, 65 हज़ार, 55 हज़ार रुपये और देशी पर्वतारोहियों के लिए 14 हज़ार, साढ़े 11 हज़ार, साढ़े 10 हज़ार रुपये का शुल्क निर्धारित किया गया. लेकिन, इसके बाद पर्वतारोहियों की संख्या में गिरावट आने लगी...

पर्यटन विभाग की उपनिदेशक पूनम चौधरी कहती हैं कि फ़ीस के अलावा अनुमति के लिए कई जगह भटकने की वजह से भी पर्यटकों की संख्या में भारी कमी आई. वह कहती हैं कि इसी वजह से उत्तराखंड में हिमाचल और जम्मू-कश्मीर के अलावा पर्यटक कम आते हैं.

अब पर्यटन विभाग सिंगल विंडो सिस्टम तैयार करने पर बल दे रहा है.

अब पर्यटन विभाग ने यह शुल्क घटाने का प्रस्ताव शासन को भेजा है. इसमें विदेश पर्यटको से लिया जान वाला शुल्क आधा किया जा सकता है तो से देसी पर्यटकों को पांच गुना तक राहत दी जाने का प्रस्ताव है.

वन विभाग यह भी चाहता है कि संरक्षित वन क्षेत्र के बाहर पर्वतारोहण को निशुल्क कर दिया जाए.

उत्तराखंड के स्थानीय और बाहर से आने वाले पर्यटकों के लिए यह अच्छी ख़बर हो सकती है कि पर्ययन और वन विभाग दोनों मिलकर उनकी राह में आने वाली अनावश्यक बाधाओं को दूर करने की कोशिश कर रहे हैं. इसलिए उम्मीद की जा सकती है कि उत्तराखंड के खूबसूरत और अनछुए डेस्टिनेशन्स तक पर्यटक पहुंच पाएंगे.

 
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