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कैसे होगा कुमाऊं के 'प्रवेश द्वार' का इलाज? सरकारी अस्पतालों में डॉक्टरों की भारी कमी

कैसे होगा कुमाऊं के 'प्रवेश द्वार' का इलाज? सरकारी अस्पतालों में डॉक्टरों की भारी कमी

Haldwani Government Hospitals: हल्द्वानी शहर के प्रमुख अस्पताल सोबन सिंह जीना बेस हॉस्पिटल, महिला चिकित्सालय और कुमाऊं के सबसे बड़े अस्पताल सुशीला तिवारी हॉस्पिटल में पिछले लंबे समय से डॉक्टरों के दर्जनों पद रिक्त हैं. इस वजह से मरीजों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है.

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हाइलाइट्स

हल्द्वानी के तीनों सरकारी अस्पतालों में हर रोज दूरदराज से 3000 से ज्यादा मरीज आते हैं.
सुशीला तिवारी राजकीय अस्पताल में लंबे समय से चिकित्सकों के 60 प्रतिशत पद खाली हैं.
महिला अस्पताल में 8 पद स्त्री रोग विशेषज्ञ के लिए स्वीकृत हैं, लेकिन चार की ही नियुक्ति हुई है.
सोबन सिंह जीना बेस अस्पताल में डॉक्टरों के 25 पद खाली हैं.

रिपोर्ट- पवन सिंह कुंवर

हल्द्वानी. उत्तराखंड के नैनीताल जिले में स्वास्थ्य सुविधाओं को बेहतर बनाने का सरकार द्वारा लगातार दावा किया जाता है, लेकिन यह दावा केवल कागजों तक ही सीमित है. ऐसा हम इसलिए कह रहे हैं क्योंकि कुमाऊं के प्रवेश द्वार हल्द्वानी शहर के सरकारी अस्पतालों की हकीकत कुछ और ही है. शहर के प्रमुख अस्पताल सोबन सिंह जीना बेस हॉस्पिटल, महिला चिकित्सालय और कुमाऊं के सबसे बड़े अस्पताल सुशीला तिवारी हॉस्पिटल में पिछले लंबे समय से डॉक्टरों के दर्जनों पद रिक्त हैं.

तीनों सरकारी अस्पतालों की बात करें, तो हल्द्वानी में हर रोज दूरदराज से 3000 से ज्यादा मरीज इलाज के लिए पहुंचते हैं. काफी मरीज बिना डॉक्टर के परामर्श के लौट जाते हैं, क्योंकि शहर के तीनों सरकारी अस्पतालों में डॉक्टरों की कमी है. सुशीला तिवारी राजकीय अस्पताल की बात करें, तो यहां लंबे समय से चिकित्सकों के 60 प्रतिशत पद खाली हैं. इसका प्रमुख कारण राजकीय मेडिकल कालेज हल्द्वानी में चिकित्सा संकाय सदस्यों की नियुक्ति न होना है.

खाली हैं इतने पद
अस्पताल प्रशासन इस संबंध में कई बार नियुक्तियां निकाल चुका है, लेकिन उसे कोई सफलता नहीं मिल पाई है. आलम यह है कि अस्पताल में सेवारत चिकित्सकों पर अत्याधिक भार पड़ रहा है. यहां असिस्टेंट प्रोफेसर के 66, एसोसिएट प्रोफेसर के 36 और प्रोफेसर के 14 पद खाली हैं. एसटीएच में एक दिन में करीब 1400 से 1500 मरीज इलाज के लिए पहुंचते हैं.

हल्द्वानी के राजकीय महिला अस्पताल की बात करें, तो इस अस्पताल में चिकित्सकों के 9 पद खाली हैं. महिला अस्पताल में 8 पद स्त्री रोग विशेषज्ञ के लिए स्वीकृत हैं, जिसमें चार की ही नियुक्ति हुई है. अस्पताल में रोजाना 450 से 500 तक ओपीडी होती है. महिला अस्पताल में वर्तमान में तैनात रेडियोलॉजिस्ट डॉ कुमुद पंत सप्ताह में पांच दिन अस्पताल में सेवा देते हैं. उन्हें पदमपुरी पीएचसी से भी अटैच किया गया है.

सोबन सिंह जीना बेस अस्पताल का ऐसा है हाल
सोबन सिंह जीना बेस अस्पताल में क्षमता के आधे से कम डॉक्टर मरीजों का इलाज कर रहे हैं. इस अस्पताल में मात्र 26 चिकित्सक ही कार्यरत हैं. जबकि 25 डॉक्टरों के पद खाली हैं. अस्पताल में 51 चिकित्सकों के पद स्वीकृत हैं. चिकित्सकों के अभाव में अस्पताल का आईसीयू वार्ड एक साल से बंद पड़ा है. हालात यह है कि यहां आने वाले गंभीर मरीजों को तुरंत हायर सेंटर रेफर कर दिया जाता है.

अस्पतालों में डॉक्टरों की कमी जल्‍द होगी दूर
नैनीताल जिले की सीएमओ डॉ भागीरथी जोशी का कहना है कि बेस व महिला अस्पताल में चिकित्सकों की कमी को दूर करने के पूरे प्रयास किए जा रहे हैं. इस संबंध में शासन को पत्र भी भेजा गया है. जल्द ही कई चिकित्सकों के प्रमोशन होने हैं, इसके बाद ही चिकित्सकों को नई नियुक्ति मिलेगी. अस्पतालों में डॉक्टरों की कमी को जल्द दूर किया जाएगा.

राजकीय मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल डॉ अरुण जोशी का कहना है कि लगातार चिकित्सकों की नियुक्ति के लिए इंटरव्यू किए जा रहे हैं. सभी रिक्त पदों पर एक साथ नियुक्ति संभव नहीं है. कुछ दिन पूर्व हुए साक्षात्कार में अलग-अलग विभाग के 9 चिकित्सकों का चयन हुआ है. जल्द ही सभी डॉक्टर अस्पताल में कार्यभार संभाल लेंगे.

Tags: Government Hospital, Haldwani news

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