होम /न्यूज /उत्तराखंड /हल्द्वानी के शीतला माता मंदिर पर भक्तों का अटूट विश्वास, यहां ठीक होते हैं चर्म रोग, जानें इतिहास

हल्द्वानी के शीतला माता मंदिर पर भक्तों का अटूट विश्वास, यहां ठीक होते हैं चर्म रोग, जानें इतिहास

Haldwani News: शीतला माता का मंदिर हल्द्वानी से लगभग 8 किलोमीटर दूर स्थित है. इस दूरी को श्रद्धालु पैदल या वाहन की मदद ...अधिक पढ़ें

रिपोर्ट- पवन सिंह कुंवर

हल्द्वानी. माता शीतला देवी मंदिर में हर साल नवरात्र में हजारों श्रद्धालु माता के दर्शन के लिए मंदिर में पहुंचते हैं. मंदिर की मान्यता यह है कि माता से जो भी भक्त सच्चे मन से मुराद मांगता है, माता उनकी मनोकामनाएं जरूर पूरा करती हैं. माता शीतला को मां दुर्गा का अवतार भी माना जाता है और हल्द्वानी के रानीबाग क्षेत्र में स्थित यह मंदिर एक शक्तिपीठ है. शीतला माता को चर्म रोग ठीक करने वाली देवी भी माना जाता है. भक्त माता पर अटूट विश्वास करते हैं और नवरात्र में हर साल अपनी मनोकामनाएं लेकर माता शीतला के मंदिर आते हैं. यहां माता के दर्शन करने के लिए स्थानीय लोग ही नहीं बल्कि दूर-दूर से श्रद्धालु आते हैं.

शीतला देवी की मान्यता पौराणिक काल से जुड़ी है. देवी दुर्गा और महादेव शिव की महिमा गान वाले स्कंद पुराणों में शीतलाष्टक स्त्रोत का वर्णन है. आदियोगी शिव का एक अवतार वैद्यनाथ भी है, जिसमें वह संसार में उत्पन्न हर बीमारी के निदान और उनके उपाय की रचना करते हैं. इन रचनाओं में ऐसे रोगों का वर्णन मिलता है, जिनके लक्षण त्वचा रोग, हैजा, रक्ताल्पता और अलग-अलग तरह के ज्वर भी शामिल हैं. शीतला माता को चर्म रोगों से निदान दिलाने वाली देवी माना जाता है.

शीतला माता मंदिर के पुजारी गिरीश चंद्र का कहना है कि माता के प्रति लोगों का अटूट विश्वास है और जो भी मंदिर में सच्चे मन से मुराद मांगता है, माता उनकी मुरादें जरूर पूरी करती हैं. नवरात्र में यहां लाखों की संख्या में लोग माता के दर्शन करने के लिए पहुंचते हैं. उन्होंने बताया कि इस मंदिर में आकर चर्म रोगों से मुक्ति पाने के लिए देवी के सामने अपनी कामना करें और जल्द ही व्यक्ति को सभी तरह के रोगों से मुक्ति मिल जाती है.

कैसे पहुंचे शीतला माता मंदिर
शीतला माता का मंदिर हल्द्वानी से लगभग 8 किलोमीटर दूर स्थित है. इस दूरी को श्रद्धालु पैदल या वाहन की मदद से तय कर सकते हैं. हल्द्वानी से नजदीकी रेलवे स्टेशन लगभग 5 किलोमीटर दूर काठगोदाम में स्थित है. हल्द्वानी व काठगोदाम से मंदिर के लिए वाहन आसानी से मिल जाते हैं. मुख्य सड़क से करीब तीन किलोमीटर चढ़ाई के बाद आपको शीतला माता के दर्शन का सौभाग्य प्राप्त होता है.

यह मंदिर सुबह 5 बजे से शाम 7 बजे तक खुलता है.

Tags: Durga Puja festival, Haldwani news, Hindu Temple, Hindutva, Navratri Celebration, Uttarakhand news

विज्ञापन

टॉप स्टोरीज

अधिक पढ़ें