होम /न्यूज /उत्तराखंड /Nainital: चोपड़ा गांव की महिलाएं बनेंगी आत्मनिर्भर, सीख रहीं हैंडीक्राफ्ट का हुनर

Nainital: चोपड़ा गांव की महिलाएं बनेंगी आत्मनिर्भर, सीख रहीं हैंडीक्राफ्ट का हुनर

नैनीताल की ज्योलीकोट की चोपड़ा ग्रामसभा में 'चेष्टा विकास कल्याण समिति' भारती उद्यम विकास संस्थान के सहयोग से महिलाओं को ...अधिक पढ़ें

    रिपोर्ट: पवन सिंह कुंवर

    ज्योलीकोट. उत्तराखंड के नैनीताल जिले के अंतर्गत आने वाले ज्योलीकोट की चोपड़ा ग्रामसभा में ‘चेष्टा विकास कल्याण समिति’ भारती उद्यम विकास संस्थान के सहयोग से महिलाओं को हैंडीक्राफ्ट का प्रशिक्षण दे रही है. महिलाएं घरों की साज-सजावट का सामान जैसे-रंग-बिरंगे गुलदस्ते, ऊन से बने गमले आदि बनाना सीख रही हैं. साथ ही कपड़े के बैग, जूट के बैग, ऊनी स्वेटर बनाना भी सिखाया जा रहा है. इस पहल से महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने का प्रयास किया जा रहा है. ट्रेनिंग के लिए 50 महिलाओं का चयन किया गया है. चेष्टा विकास कल्याण समिति काफी लंबे समय से महिलाओं के उत्थान के लिए काम कर रही है.

    भारतीय उद्यम विकास संस्थान की ओर से चोपड़ा गांव की महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूती देने के लिए हस्तकला प्रशिक्षण शुरू किया गया है. संस्था की अध्यक्ष सुमन अधिकारी ने बताया कि महिलाएं नौकरी की तलाश में घर से दूर जा रही हैं, जिसमें उनका घर-परिवार भी छूट जाता है. ऐसे में वे या तो काम छोड़ देती हैं या फिर बच्चों को समय नहीं दे पाती हैं. उन्‍होंने कहा कि भारतीय उद्यम विकास संस्थान की ओर से महिलाओं को घर पर ही रोजगार देने के लिए उनको हस्तकला का प्रशिक्षण दिया जा रहा है. ट्रेनिंग के बाद प्रशिक्षित महिलाएं अन्य महिलाओं को भी अपने साथ रोजगार के साथ जोड़ सकती हैं. संस्था में प्रशिक्षण के लिए 92 महिलाओं ने आवेदन किया था, जिसमें 50 महिलाओं का चयन किया गया है.

    स्‍थानीय महिलाओं ने कही ये बात
    स्थानीय निवासी पूजा जीना का कहना है कि हमें इस ट्रेनिंग से काफी कुछ सीखने को मिल रहा है. भविष्य में हम स्वरोजगार से जुड़कर अपनी आर्थिक स्थिति मजबूत कर सकते हैं और आत्मनिर्भर बन सकते हैं. स्थानीय निवासी गीता जीना का कहना है कि इस तरह की ट्रेनिंग से हमारा मनोबल बढ़ता है और हमें काफी कुछ नया सीखने को ही मिलता है. हस्तकला से हम लोग काफी कुछ सीख रहे हैं. यहां पर करीब 50 महिलाओं को प्रशिक्षण दिया जा रहा है. गांव की सभी महिलाएं मन लगाकर सीख रही हैं. हमें अपने गांव में ही रहकर अच्छा रोजगार मिल सकता है और इसके बाद हम अन्य लोगों को भी रोजगार में जोड़ सकते हैं, जिससे हम सभी लोग आत्मनिर्भर बनकर खुद का स्वरोजगार शुरू कर सकते हैं.

    महिलाओं को ट्रेनिंग दे रहीं मास्टर ट्रेनर धना देवी ने बताया कि चोपड़ा गांव में अभी 50 महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने और स्वरोजगार से जोड़ने के लिए ट्रेनिंग दी जा रही है. यहां महिलाएंघरों की साज सज्जा की सुंदर चीजें, बैग, स्वेटर आदि बनाना सीख रही हैं. ट्रेनिंग के बाद सभी महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के साथ-साथ उन्हें स्वरोजगार से भी जोड़ने का प्रयास किया जाएगा.

    Tags: Haldwani news

    विज्ञापन

    टॉप स्टोरीज

    अधिक पढ़ें