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Politics of Uttarakhand: एक मुलाकात में नहीं मानीं नाराज संध्या डालाकोटी, हरीश रावत फिर मनाएंगे

Politics of Uttarakhand: एक मुलाकात में नहीं मानीं नाराज संध्या डालाकोटी, हरीश रावत फिर मनाएंगे

संध्या डालाकोटी को मनाने के लिए हरीश रावत कोशिशें कर रहे हैं.

संध्या डालाकोटी को मनाने के लिए हरीश रावत कोशिशें कर रहे हैं.

Uttarakhand Election : राजनीतिक पार्टियों के भीतर उठ रही असंतोष (Discontent in Parties) की लहरें इस समय में उत्तराखंड चुनाव की सबसे अहम सुर्खियां बनी हुई हैं. राजनीतिक जानकार (Political Analysts) तो यहां तक मान रहे हैं कि पार्टियों को अपने ही बागियों का विरोध महंगा पड़ सकता है. पहले हरीश रावत की रामनगर सीट (Ramnagar Assembly) पर खासा विरोध नज़र आया और अब बदली हुई सीट लालकुआं (Lalkuan Assembly Seat) पर भी उनके खिलाफ हवा बंध रही है. संध्या डालाकोटी निर्दलीय चुनाव लड़ेंगी या नहीं? ये भी जानिए संध्या को कांग्रेस कैसे मना रही है.

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हल्द्वानी. चुनाव की सरगर्मियां टिकटों के ऐलान के बाद से अपने चरम पर हैं और राजनीतिक पार्टियों में असंतोष भी. उत्तराखंड की दोनों ही प्रमुख पार्टियां अपने असंतुष्टों को मनाने में लगी हुई हैं. इसी सिलसिले में पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने दावा किया कि लालकुआं सीट से पहले उम्मीदवार घोषित की गईं संध्या डालाकोटी को वह और पार्टी मना लेगी. कांग्रेस से घोषित टिकट कटने पर लालकुआं की कांग्रेस नेता संध्या ने पार्टी से नाराज़गी गुरुवार को खुलकर ज़ाहिर कर दी, तो उसके बाद उन्हें मनाने की कवायद में हरीश रावत ने उनसे मुलाकात की, लेकिन इसे ज़ाहिर नहीं किया जा रहा.

कांग्रेस कैंपेन कमेटी के प्रमुख हरीश रावत को पहले रामनगर सीट से प्रत्याशी घोषित किया गया था, लेकिन वहां रणजीत सिंह रावत व उनके समर्थकों के विरोध के कारण उन्हें लालकुआं सीट से उम्मीदवार बनाया गया. नए प्रत्याशी के तौर पर रावत ने संध्या का टिकट काटा तो स्वाभाविक रूप से नाराज़गी सामने आई. रावत ने गुरुवार देर रात संध्या से मुलाकात की, हालांकि दोनों नेताओं की इस मुलाकात को गोपनीय रखा गया है. इस मुलाकात के बारे में कांग्रेस ज़्यादा जानकारी नहीं दे रही है और इस पर भी सस्पेंस बरकरार है कि संध्या रावत के खिलाफ चुनाव मैदान में उतरेंगी या नहीं!

क्या निर्दलीय चुनाव लड़ेंगी संध्या?
देर रात हरीश रावत संध्या डालाकोटी के घर पहुंचे और उन्हें मनाने की कोशिश की. हालांकि संध्या ने निर्दलीय चुनाव लड़ने या न लड़ने को लेकर हरीश रावत को कोई साफ जवाब नहीं दिया, लेकिन इसके बावजूद रावत ने दावा किया कि वो एक बार फिर संध्या को मनाने उनके घर जाएंगे. इस बीच रावत शुक्रवार को लालकुआं से अपना नामांकन भी दाखिल कर रहे हैं.

लालकुआं के नाम संध्या ने लिखी थी खुली चिट्ठी!
इस खुले पत्र में संध्या ने कुछ इस तरह कहा ​था, ‘कांग्रेस के निष्ठावान कार्यकर्ता के रूप में मैंने 12-12 घंटे क्षेत्र में रह कर अपना घर बार छोड़कर सबके लिए काम किया. कोरोना काल में अपने हाथों से पैकेट बनाकर हज़ारों तक राशन पहुंचाया. बिंदुखत्ता आपदा की एक पीड़िता को निजी ज़मीन दान दी. परसों मेरे पितातुल्य दुर्गापाल जी ने मेरा अपमान किया और अब हरीश रावत जी ने. इसे मैं आखिरी सांस तक नहीं भूलूंगी. ‘लड़की हूं लड़ सकती हूं’ नारा देने वाली पार्टी ने जो अपमान किया है, उस पर मैं आगे की रणनीति तय करूंगी.’

Tags: Harish rawat, Uttarakhand Assembly Election, Uttarakhand Congress

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