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Ek Hai Tiger! आदमखोर बाघ को मारने पहुंचे इंटरनेशनल शूटर! क्या तीन शिकारी दिला पाएंगे कुमाऊं को दहशत से निजात?

हल्द्वानी के जंगलों में आदमखोर बाघ की तलाश तेज़ हुई.

हल्द्वानी के जंगलों में आदमखोर बाघ की तलाश तेज़ हुई.

Uttarakhand Tiger : पांच इंसानों को अपना निवाला बनाने वाले बाघ को मारने के लिए तीन शिकारी (Hunters to Kill Tiger) हल्द्वानी शहर से सटे जंगलों में पहुंच चुके हैं. हाल में हल्द्वानी से ही खबर थी कि बस्तियों तक पहुंच चुके गुलदार (Leopard) को वन विभाग ने ट्रैंकुलाइज़ कर पकड़ने में सफलता पाई. अब आदमखोर बाघ को ट्रैंकुलाइज़ करने या मार गिराने की कोशिश में फॉरेस्ट अमला (Forest Department) लगा हुआ है, लेकिन इस बाघ को आदमखोर क्यों घोषित किया गया? इसकी पहचान (Tiger Identification) कैसे होगी? फंसाने लिए क्या उपाय हो रहे हैं? जानिए तमाम डिटेल्स.

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हल्द्वानी. कुमाऊं के प्रवेश द्वार (Kumaon Entrance) हल्द्वानी में पिछले पांच महीनों से दहशत के पर्याय बने आदमखोर बाघ को मारने के लिए तीन एक्सपर्ट शिकारी (Expert Hunters) पहुंच चुके हैं, जिनमें से एक इंटरनेशनल शूटर भी हैं. यह बाघ दिसंबर से लेकर अब तक कम से कम पांच इंसानों का शिकार कर चुका है जबकि एक शख्स को गुलदार ने मार डाला. फॉरेस्ट की फतेहपुर रेंज में पांच इंसानों को अपना शिकार बनाने वाले बाघ को वन विभाग ने हाल में आदमखोर घोषित किया. अब आदमखोर को मारने के लिए विशेषज्ञ शिकारियों की टीम तैनात की गई है. शिकारियों को यूपी (Uttar Pradesh) औऱ हिमाचल प्रदेश (Himachal Pradesh) से बुलाया गया है.

फतेहपुर से लेकर दमुवाढूंगा और भदूनी के जंगल में वन विभाग के तीन डॉक्टर ट्रेंकुलाइज गन के साथ आदमखोर बाघ की तलाश में जुटे हुए हैं. इसी तरह तीन शिकारी भी पहाड़ और मैदान वाले इस जंगल में दस्तक दे चुके हैं. जो शिकारी यूपी और हिमाचल से बुलाए गए हैं, उनमें एक इंटरनेशनल शूटर रहे हैं. सैयद अल-बिन-हादी मेरठ के रहने वाले हैं और पूर्व में इंटरनेशनल शूटिंग (International Shooting Championship) में हिस्सा ले चुके हैं. दूसरे हिमाचल प्रदेश के मशहूर शिकारी आशीष दास गुप्ता हैं जबकि तीसरे हिमांचल के पौंटा के रहने वाले चौधरी किरनेश जंग हैं.

आदमखोर के शिकार का क्या है प्लैन?
फतेहपुर रेंज के रेंजर केआर आर्या के मुताबिक बाघ के हमले की जो भी घटनाएं हुई हैं, वो जंगल के भीतर हुई हैं क्योंकि लोग घास काटने या घूमने के लिए जंगल जा रहे हैं. आबादी इलाके में कोई भी बाघ या गुलदार की घटना नहीं है लेकिन विभाग ने बाघ को आदमखोर घोषित किया है. आदमखोर की तलाश के लिए एक हाथी, तीन डॉक्टरों की ट्रेंकुलाइज टीम, तीन शिकारी, आठ पिंजड़े और 80 कैमरा ट्रैप लगाए गए हैं ताकि उसकी मूवमेंट का पता लग सके.

बाघ का एनालिसिस और लोगों के लिए हिदायतें
आर्या के मुताबिक कुछ कैमरा ट्रैप में बाघ की तस्वीरें कैद हुई हैं लेकिन किस बाघ ने इंसानों का शिकार किया है, इसका आंकलन किया जा रहा है. इधर, उत्तराखंड के वरिष्ठ आईएफएस अधिकारी पराग मधुकर धकाते के मुताबिक वन विभाग की लोगों से अपील है कि वो जंगल के भीतर न जाएं. लोगों को जंगल के भीतर एंट्री रोकने के लिए जगह-जगह फॉरेस्ट टीमें लगाई गई हैं. इसके बावजूद लोग जंगल की तरफ जा रहे हैं. इससे उनका जीवन खतरे में आ सकता है.

एक बाघिन का शव मिला!
रामनगर से न्यूज़18 संवाददाता गोविंद पाटनी की रिपोर्ट के मुताबिक तराई पश्चिमी वन प्रभाग के आमपोखरा रेंज में बाघ का एक शव बरामद हुआ है. जिस बाघ की मौत हुई है, उसे 6 साल की उम्र की मादा बताया जा रहा है. विभाग को प्रथम दृष्टया उसकी मौत नेचुरल लग रही है लेकिन मौत के ठीक कारणों को जानने के लिए पोस्टमार्टम कराया जा रहा है.

Tags: Tiger hunt, Uttarakhand Forest Department, Uttarakhand news

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