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Haldwani: पहाड़ की सड़कों से पैराफिट 'गायब', जान जोखिम में डाल सफर को मजबूर मुसाफिर

पहाड़ की सड़कों से पैराफिट गायब होने से हादसे बढ़ रहे हैं.

पहाड़ की सड़कों से पैराफिट गायब होने से हादसे बढ़ रहे हैं.

Haldwani News: पहाड़ को जाने वाले रास्तों में पैराफिट एक सुरक्षा कवच की तरह काम करते हैं. दरअसल यह पहाड़ में सड़क हादसे ...अधिक पढ़ें

    रिपोर्ट: पवन सिंह कुंवर

    हल्द्वानी. उत्तराखंड के नैनीताल जिले में पहाड़ों पर पैराफिट को सुरक्षा का सबसे अहम उपाय माना जाता है. दरअसल पैराफिट वाहनों के अनियंत्रित होने पर या अन्य आपातकालीन स्थिति में उन्हें खाई में गिरने से बचाते हैं, लेकिन भीमताल-भवाली, हैड़ाखान और हल्द्वानी-नैनीताल रोड पर आपको संभलकर चलना होगा. जगह-जगह टूटे पैराफिट रफ्तार पर लगाम नहीं लगा पाएंगे. यही नहीं, पैराफिट न होने की वजह से कई गाड़ियां सीधा खाई में जा गिरी हैं. नैनीताल रोड में रानीबाग, भुजियाघाट, दो गांव, मटयाली के पास तो सड़कों से पैराफिट ही गायब हैं.

    हल्द्वानी-नैनीताल (NH 109) की सड़कों पर पैराफिट नहीं हैं. वहीं, भीमताल-भवाली और हैड़ाखान रोड पर भी कई जगह पैराफिट गायब हैं. इन सड़कों से हजारों लोग रोज आवाजाही करते हैं. वहीं, काठगोदाम से एक सड़क हैड़ाखान को जाती है. रास्ते में जगह-जगह गांव पड़ते हैं. रोजाना इन सैकड़ों से लोगों का आवागमन यहां से होता है, लेकिन इस रोड पर पैराफिटों का हाल बुरा है.

    पैराफिट न होने से कितने हादसे हुए हैं?
    पहाड़ को जाने वाले रास्तों में पैराफिट एक सुरक्षा कवच की तरह काम करते हैं और पहाड़ में यह सड़क हादसे होने पर भी लगाम लगाते हैं, लेकिन अब पहाड़ के रास्तों से पैराफिट गायब हैं. इस वजह से कई गाड़ियां सीधा खाई में जा गिरी हैं. पैराफिट नहीं होने से नैनीताल रोड पर इस साल अभी तक दो दर्जन से ज्यादा सड़क हादसे हो चुके हैं.

    नैनीताल हाईवे की सड़क एक साल बाद भी खस्ताहाल
    नैनीताल हाईवे की सड़क एक साल बाद भी खस्ताहाल है. कुमाऊं के महत्वपूर्ण हिस्सों को जोड़ती इस प्रमुख सड़क की सुध लेने वाला कोई नहीं है. कई जगहों पर आधी सड़क खाई में समा चुकी है. हजारों की संख्या में पर्यटक और स्थानीय लोग हर रोज इस सड़क से आवाजाही करते हैं, जिस वजह से कई बार प्रभावित क्षेत्र में लंबा जाम लग जाता है. वहीं, आधी हो चुकीं सड़कों की वजह से हुए हादसों में कई लोगों की मौत भी हो चुकी है.

    पिछले साल अक्टूबर में आई थी आपदा
    पिछले साल अक्टूबर में कुमाऊं के कई जिलों में भारी बारिश ने तबाही मचाई थी. आपदा में नैनीताल जिले की कई प्रमुख सड़कें भी जगह-जगह टूट गई थीं. एक साल का समय बीत गया है, लेकिन ये सड़कें ठीक नहीं हो सकी हैं. स्थानीय लोग कई बार इसकी शिकायत भी कर चुके हैं और अधिकारियों को सड़क बनवाने के लिए ज्ञापन भी दे चुके हैं, लेकिन नतीजा अभी तक सिफर है. खस्ताहाल सड़कों की वजह से कई बड़े हादसे भी हो चुके हैं, जिसमें कई लोग अपनी जान गंवा चुके हैं.

    नैनीताल के जिलाधिकारी ने कही ये बात
    News 18 Local की टीम ने पहाड़ की सड़कों के किनारे पैराफिट न होने के बारे में जब नैनीताल के जिलाधिकारी धीराज सिंह गर्ब्याल से बात की, तो उन्होंने कहा कि पर्वतीय क्षेत्रों में पैराफिट बनवाने का कार्य जल्द शुरू कर दिया जाएगा. जहां-जहां सड़क और पैराफिट खराब हैं, उन सड़कों को दुरुस्त किया जाएगा और नए पैराफिट बनाए जाएंगे. डीएम ने कहा कि वह खुद इसकी निगरानी करेंगे और आश्वस्त करेंगे कि पहाड़ के रास्तों में सभी जगह पैराफिट बना दिए जाएं, ताकि सड़क दुर्घटनाओं को रोका जा सके.

    Tags: Haldwani news, Nainital news, Road Accidents

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