होम /न्यूज /उत्तराखंड /हल्द्वानी की स्वस्ति को हुनर ने दिलाई पहचान, उंगलियों से ही बुन देती हैं स्वेटर-मफलर

हल्द्वानी की स्वस्ति को हुनर ने दिलाई पहचान, उंगलियों से ही बुन देती हैं स्वेटर-मफलर

हल्द्वानी की स्वस्ति नागपाल फिंगर निटिंग में माहिर हैं. वह अपने हाथों की उंगलियों से ऊन को बुन मफलर, टोपी, दस्ताने समेत ...अधिक पढ़ें

रिपोर्ट- पवन सिंह कुंवर

हल्द्वानी. आपने ऊन से बने स्वेटर, मोजे, मफलर, टोपी व अन्य कपड़े जरूर देखे और इस्तेमाल किए होंगे. वे कपड़े या तो मशीन से बने होते हैं या फिर महिलाएं सलाई से उन्हें बुनती हैं. लेकिन आज हम आपको उत्तराखंड के हल्द्वानी की रहने वाली स्वस्ति नागपाल के बारे में बताने जा रहे हैं. वह ऊन से अलग-अलग कपड़े तो जरूर बनाती हैं लेकिन उसके लिए मशीन या सलाई का इस्तेमाल नहीं करती हैं. स्वस्ति कीउंगलियों में जादू है. वह अपनी उंगलियों से ही टोपी, मोजे, दस्ताने, मफलर और स्वेटर बुन देती हैं.

स्वस्ति नागपाल फिंगर निटिंग में माहिर हैं. वहअपने हाथों की उंगलियों से ऊन को बुन मफलर, टोपी, दस्ताने समेत कई कपड़े बड़ी ही आसानी से बना लेती हैं. लगभग 3 साल से वह इस लाजवाब हुनर को अपनी उंगलियों में समेटे कई तरह की चीजें बनाती हैं. स्वस्ति नागपाल ने ‘न्यूज 18 लोकल’ से बातचीत में कहा कि मुझे इन सब चीजों का शौक पहले से था और मुझे बेहद ही अच्छा लगता है कि मैं अपनी उंगलियों से स्वेटर, टोपी, मफलर तैयार कर सकती हूं. मैंने खुद ही धीरे-धीरे ये सब चीजें सीखी हैं.

नैनीताल ऊन के नाम से है दुकान
स्वस्ति की माता जी अल्का नागपाल ने कहा कि नैनीताल शहर में हमारी प्रसिद्ध दुकान भी है, जिसका नाम नैनीताल ऊन वाले है. मेरी बेटी को बचपन से ही कढ़ाई, बुनाई और सिलाई का शौक था लेकिन अपनी उंगलियों से स्वेटर बुनकर तैयार करना एक अलग बात है. पहले हमें भी विश्वास नहीं हो रहा था कि क्या कोई अपनी उंगलियों से ऐसे ही स्वेटर या दूसरी चीजें तैयार कर सकता है, लेकिन मेरी बेटी पिछले 3 सालों से सिर्फ उंगलियों से स्वेटर, मफलर, टोपी और भी कपड़े तैयार कर रही है. सभी लोग उसके इस हुनर की तारीफ करते हैं.

विज्ञापन

टॉप स्टोरीज

अधिक पढ़ें