मिलिए रुद्रप्रयाग के हरि भाई मलवाल से, लाॅकडाउन में गांव लौटे और लगाई कॉपी बनाने की फैक्ट्री

हरिभाई ने अपने गांव के घर के एक कमरें में कापियां बनाने की मशीन लगाई हैं.

हरिभाई ने अपने गांव के घर के एक कमरें में कापियां बनाने की मशीन लगाई हैं.

हरि भाई मलवाल 20 साल से सहारनपुर में एक कॉपी किताब बनाने वाली फैक्ट्री में काम कर रहे थे. लेकिन लॉकडाउन (Lockdown) के कारण इनको भी घर आना पड़ा. फिर उन्होंने अपने गांव में ही अपने मकान के एक छोटे से कमरे में कटिंग मशीन व स्ट्रैचिंग मशीन लगाई.

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रुद्रप्रयाग. कोई चलता पदचिन्हों पर, कोई पदचिन्ह बनाता है, बस वही सूरमा वीर पुरुष ,दुनिया में पूजा जाता है. इस कहावत को चरितार्थ कर दिखाया है कि रुद्रप्रयाग (Rudraprayag) के रुनारी गांव के हरि भाई मलवाल ने. दरअसल, हम ऐसा इसलिए कह रहे है क्योंकि लाॅकडाउन (Lockdown) के बाद पहाड़ लौटे ज्यादातर युवाओं ने स्वरोजगार के लिए पहले से ही रचे बसे उद्योग धन्धों और कामों को चुना. लेकिन हरि भाई मलवाल ने पहाड़ में एक ऐसा व्यवसाय चुना, जिसकी चलने की संभावनाएं तो काफी हैं लेकिन अभी प्रतिस्पर्धा कुछ भी नहीं है. हरिभाई ने अपने गांव के घर के एक कमरें में कापियां बनाने की मशीन लगाई हैं.
हरि भाई मलवाल 20 साल से सहारनपुर में एक कॉपी किताब बनाने वाली फैक्ट्री में काम कर रहे थे. लेकिन लॉकडाउन के कारण इनको भी घर आना पड़ा. मन में विचार आया कि क्यों न घर पर ही कॉपी, रजिस्टर बनाये जाये और बुक बाइंडिंग की जाए. तो हरि मलवाल ने बिना देर करते हुए अपने गांव में ही अपने मकान के एक छोटे से कमरे में कटिंग मशीन व स्ट्रैचिंग मशीन लगाई. इससे कागज वे बाहर से लाते हैं और घर पर ही स्कूल की कॉपी, रजिस्टर, आर्ट कॉपी, रफ कॉपी आदि बनाते हैं और बाजार रेट से कम दाम पर विक्रय भी करते है. साथ ही बुक बाइंडिंग भी करते है.

आप भी कर सकते हैं काॅपी बनाने का उद्योग शुरू

आप भी काॅपी बनाने का उद्योग शुरू कर सकते हैं. कॉपी बनाने के व्यापार में बहुत कम लागत की आवश्यकता होती है जिसके कारण कोई भी उद्यमी इस व्यापार को आसानी से कर सकता है. तथा अच्छे पैसे कमा सकता है. कॉपी बनाने के लिए रॉ मटेरियल के रूप में खासतौर पर पेपर तथा गत्ते का इस्तेमाल किया जाता है. इन दोनों मटेरिसल्स को आप मार्किट तथा ऑनलाइन के द्वारा खरीद सकते है.



कॉपी नोटबुक बनाने की मशीनरी

कॉपी बनाने के लिए तीन प्रकार की मशीनों को काम मे लाया जाता है-

पिन अप मशीन

एज स्कवायर मशीन

कटिंग मशीन

इन मशीनों की कीमत लगभग 4 से 6 लाख के बीच होती है. वैसे ये मशीने आटोमेटिक होती है. इन मशीनों के मैन्युअल अमतेपवद भी मिल सकते है. इससे माल की उत्पादन काफी कम होगी इसलिए अधिक उत्पादन के लिए आप आटोमेटिक मशीनों को ही खरीदें.






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