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bhagwanpur villagers now selling houses in dada jalalpur but administration over painted notices what is issue

उत्तराखंडः डाडा जलालपुर में लोगों ने घरों पर लिखा 'मकान बिकाऊ है', जानें क्या है मामला?

डाडा जलालपुर के ग्रामीणों के घर पर लिखी सूचनाओं को प्रशासन ने पुतवाया.

डाडा जलालपुर के ग्रामीणों के घर पर लिखी सूचनाओं को प्रशासन ने पुतवाया.

Haridwar News : प्रशासन का कहना है कि करीब 7 मकानों पर इस तरह की सूचना लिखी मिली तो उसे इसलिए मिटवा दिया गया क्योंकि ग्रामीणों ने यह भावुकता में लिख दिया था. इधर, ग्रामीण प्रशासन से उलट बात कहकर बता रहे हैं कि आज नहीं तो कल, वो मकान बेचकर चले ही जाएंगे...

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रुड़की. भगवानपुर के डाडा जलालपुर गांव के लोग अब अपने मकान बेचकर पलायन की तैयारी में हैं. यहां आधा दर्जन से ज़्यादा परिवारों ने जब अपने घरों की दीवारों पर लिख दिया ‘यह मकान बिकाऊ है’, तो खलबली मच गई. आनन फानन में प्रशासन की टीमें इस गांव में पहुंची और दीवारों पर लिखी इस सूचना को पेंट से पुतवा दिया. कहा जा रहा है कि इस गांव से पहले ही कुछ परिवार पलायन कर चुके हैं . अब इस कवायद को लेकर चारों तरफ़ चर्चा है.

कहा जा रहा है कि 16 अप्रैल को हनुमान जयंती पर हुए एक सांप्रदायिक बवाल के 25 दिन बाद गांव में कुछ परिवारों ने घर बेचने की कवायद शुरू की. दीवार पर सूचना लिखी तो प्रशासन ने इसे ‘माहौल खराब होने के डर’ से पेंट करवा दिया. एक ग्रामीण असलम ने बताया, प्रशासन ने कहा कि निजी स्तर पर या डीलर के ज़रिए मकान चाहें तो बेच सकते हैं. ग्रामीण इस तरह मकान बेचने की सूचना न लिखें. इधर ग्रामीण मकान बेचकर जाने का मन बना चुके हैं.

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डाडा जलालपुर निवासी असलम ने न्यूज़18 के साथ बातचीत की.

क्यों मकान बेच रहे हैं ग्रामीण?

ग्रामीणों का कहना है कि बवाल के दौरान उनका काफी नुकसान हुआ लेकिन उसका कोइ मुआवज़ा या कोई सहायता राशि उन्हें अब तक नहीं मिली. भगवानपुर के एसडीएम ब्रजेश तिवारी ने कहा, ‘किसी ग्रामीण ने नुकसान की शिकायत या मुआवज़े की मांग लिखित में नहीं की है. प्रशासन के साथ ही पुलिस के लोग भी बराबर इस क्षेत्र में नज़र रखे हैं. फ़िलहाल गांव में शांति है.’

सूचना मिटवाने पर दावे और बयान

एसडीएम ने कहा, ‘गांव में तहसीलदार को भेजा गया था. उन्होंने गांव वालों से बातचीत करके दीवारों पर लिखी वे सूचनाएं पुतवा दीं, जो ग्रामीणों में भावुकता में लिख दी थीं.’ इधर, गांव की महिलाएं दबी आवाज़ में कहती दिखीं कि प्रशासन की टीम जबरन पेंट पोत गई और अब ग्रामीणों को इसे काले पेंट से अच्छी तरह पुतवाने को कहा जा रहा है.

महिलाएं कह रही हैं कि यहां उनके परिवार, खास तौर से बच्चे काफी डरे हुए हैं. यहां रहना अब उनके लिए मुहाल हो चुका है. वहीं, असलम ने न्यूज़18 से कहा कि प्रशासन भले ही उन्हें कुछ देर के लिए रोक ले, लेकिन वो आज नहीं तो कल गांव छोड़कर जाएंगे. गौरतलब है कि हनुमान जयंती के मौके पर यहां पथराव के बाद सांप्रदायिक तनाव हो गया था और एक संप्रदाय विशेष के मकानों को क्षतिग्रस्त किए जाने की घटनाएं सुर्खियां बनी थीं.

Tags: Communal Tension, Haridwar news, Uttarakhand news

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