अयोध्या का राम मंदिरः रुड़की CBRI तैयार करेगा नींव की डिजाइन, भूकंप से भी नहीं हिलेगी बुनियाद
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अयोध्या का राम मंदिरः रुड़की CBRI तैयार करेगा नींव की डिजाइन, भूकंप से भी नहीं हिलेगी बुनियाद
अयोध्या में राममंदिर की नींव का डिजाइन रुड़की में स्थित CBRI तैयार करेगा. (प्रतीकात्मक तस्वीर)

Ram Mandir Nirman: अयोध्या में बनने वाला राम मंदिर दुनिया में भारतीय वास्तुकला (Indian Architecture)और निर्माण की पहचान बने, इसके लिए रुड़की के केंद्रीय भवन अनुसंधान संस्थान (CBRI) ने नींव की डिजाइन का काम शुरू कर दिया है.

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रुड़की. इसी महीने 5 अगस्त को उत्तर प्रदेश के अयोध्या (Ayodhya) में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) ने भव्य राम मंदिर निर्माण (Ram Mandir Nirman) के लिए शिलापूजन किया था. इसके बाद से ही मर्यादा पुरुषोत्तम राम के भव्य मंदिर के बारे में चर्चाएं शुरू हो गई हैं. लेकिन अभी तक इस मंदिर की नींव का डिजाइन नहीं बना है. माना जा रहा है कि यह बेहद भव्य मंदिर होगा और इसे ऐसे तैयार किया जाएगा ताकि यह दुनिया में भारत की वास्तुकला (Indian Architecture) और निर्माण की छाप छोड़े. मंदिर सदियों तक भव्य बना रहे और मजबूती से खड़ा रहे, यह भी कोशिशें जारी हैं. इसलिए राम मंदिर की नींव (Foundation) को डिजाइन करने का महत्वपूर्ण काम उत्तराखंड के रुड़की के केंद्रीय भवन अनुसंधान संस्थान (CBRI) को सौंपा गया है.



अयोध्या का दौरा 



सीबीआरआई, रुड़की निर्माण क्षेत्र की बड़ी कंपनी एलएंडटी के साथ मिलकर राम मंदिर के नींव का डिजाइन तैयार कर रहा है. सीबीआरआई के वैज्ञानिकों की टीम ने अयोध्या का दौरा कर सर्वे भी शुरू कर दिया है. वैज्ञानिकों का कहना है कि इस दौरान भूकम्प आपदा और मिट्टी के व्यवहार का अध्ययन किया जा रहा है ताकि यह सुरक्षित किया जा सके कि इन आपदाओं से राम मंदिर को कोई नुकसान न पहुंचे.

...ताकि आपदाओं को झेल सके 
सीबीआरआई के जियो टेक्निकल डिवीजन के प्रमुख डॉक्टर शांतनु सरकार ने बताया कि उनके नेतृत्व में एक टीम बनाई गई है जो एलएंडटी कंपनी के साथ मिलकर राम मन्दिर की नींव की डिज़ाइन पर काम कर रही है. उन्होंने कहा कि मिट्टी की जांच की जा रही है और 60 मीटर तक या उससे अधिक गहराई तक भी मिट्टी को ड्रिल से निकाला जाएगा.

सीबीआरआई पहले भी कई भवनों के निर्माण के लिए अनुसंधान कर चुका है ताकि बड़ी आपदाओं के समय जानमाल के नुकसान को बचाया जा सके. उन्होनें कहा कि का कब तक पूरा होगा यह कहना अभी मुश्किल है. मंदिर के निर्माण के लिए खम्भे तैयार किए जाएंगे, उसी के अनुरूप डिजाइन तैयार किया जाएगा. फिलहाल सभी अभी चीज़ों का अध्ययन किया जा रहा है ताकि मन्दिर की नींव मजबूत हो.
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