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COVID-19: उत्तराखंड के विधायक की चेतावनी- मजदूरों को मुफ्त राशन न मिला तो करेंगे भूख हड़ताल
Haridwar News in Hindi

Kishore Kumar Rawat | News18 Uttarakhand
Updated: March 27, 2020, 1:14 PM IST
COVID-19: उत्तराखंड के विधायक की चेतावनी- मजदूरों को मुफ्त राशन न मिला तो करेंगे भूख हड़ताल
क़ाज़ी निज़ामुद्दीन ने मुख्यमंत्री से मज़दूरों को एक महीने का मुफ़्त राशन देने की अपील की है.

कांग्रेस विधायक काजी निजामुद्दीन का वीडियो सोशल मीडिया में वायरल हो रहा है, जिसमें उन्होंने कोरोना वायरस (coronavirus) की वजह से लॉकडाउन के बाद दिहाड़ी मजदूरों के लिए राशन देने की मांग उठाई है.

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रुड़की. कोरोना वायरस (Coronavirus) के बढ़ते संक्रमण की वजह से किए गए देशव्यापी लॉकडाउन (Lockdown) ने दिहाड़ी मज़दूरों की दुर्गति कर दी है. उत्तराखंड में इसकी चर्चा दिनभर टीवी चैनलों और सोशल मीडिया पर रही. सरकार ने गरीब और दिहाड़ी मजदूरों के लिए राहत का ऐलान भी कर दिया है और कई जगह राज्य सरकार ऐसे लोगों को खाना-पीना भी उपलब्ध करवा रही हैं. लेकिन कई जगहों से मजदूरों के भूखे रहने की खबरें आ रही हैं. इसको देखते हुए उत्तराखंड में मंगलौर से कांग्रेस विधायक काजी निजामुद्दीन का गुस्सा फूट पड़ा है. काजी निजामुद्दीन का एक वीडियो सोशल मीडिया में वायरल हुआ है, जिसमें वह मजदूरों के भूखे होने और उन्हें राशन न दिए जाने पर भूख हड़ताल करने की चेतावनी दे रहे हैं.

भर्राए गले से की अपील 

गुरुवार शाम मंगलौर के विधायक काजी निज़ामुद्दीन का यह वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने लगा. इसमें वह भर्राए हुए गले से मुख्यमंत्री से अपील कर रहे हैं कि तुरंत गरीब जनता और मजदूरों को एक महीने का मुफ़्त राशन उपलब्ध करवाया जाए.

वीडियो में कांग्रेस विधायक कहते हैं, 'मुख्यमंत्री जी आप और मैं तो अपने घर में खाना खा रहे हैं लेकिन मंगलौर में गरीबों, मजदूरों के पास खाने को कुछ नहीं है और वह भूखे मर रहे हैं. इस वीडियो और पत्र के माध्यम से मैं आपसे अपील करता हूं कि इन्हें तुरंत एक महीने का मुफ़्त राशन उपलब्ध करवाया जाए.'



48 घंटे की चेतावनी 

इसके साथ ही काजी निज़ामुद्दीन ने मुख्यमंत्री को चेतावनी भी दी है कि अगर 48 घंटे में इन गरीब, मजदूरों को राशन उपलब्ध नहीं करवाया जाता तो वह अन्न-जल छोड़ देंगे. उन्होंने कहा कि वह ज़्यादा तो कुछ नहीं कर सकते लेकिन अगर मुख्यमंत्री ने उनकी बात नहीं मानी तो वह मुख्यमंत्री आवास के बाहर या जहां तक पुलिस उन्हें जाने देगी वहां पर अन्न-जल त्यागकर बैठ जाएंगे.

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First published: March 27, 2020, 11:48 AM IST
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