हरिद्वार में गेहूं की बंपर पैदावार बनीं किसानों की परेशानी

हरिद्वार में किसानों पर एक ओर बेमौसम बरसात की मार, तो दूसरी ओर प्रशासन की मार झेलने को मजबूर हैं. किसानों गेहूं खेत और खलिहान में पड़े हुए सड़ने को मजबूर हैं, लेकिन सरकारी विपणन केंद्र अभी तक खुले ही नहीं है. जिस कारण किसान परेशान है.

Tanuj Walia | News18 Uttarakhand
Updated: April 17, 2018, 2:18 PM IST
हरिद्वार में गेहूं की बंपर पैदावार बनीं किसानों की परेशानी
गेहूं की खरीदी शुरू न होने से बढ़ी किसानों की परेशानी.
Tanuj Walia | News18 Uttarakhand
Updated: April 17, 2018, 2:18 PM IST
उत्तराखंड के हरिद्वार जिले के ग्रामीण इलाकों में इस बार गेहूं की बंपर पैदावार हुई है, लेकिन अब यह पैदावार ही किसानों के लिए परेशानी का सबब बन गई है. अभी तक शासन की ओर से कहीं पर भी क्रय केंद्र शुरू ही नहीं हो पाए हैं. किसानों का कहना है कि अभी गन्ने की फसल का भुगतान हुआ नहीं था कि अब गेहूं की फसल बर्बाद होने की कगार पर है.

किसानों का कहना है कि सरकार ने गेहूं की कीमत तो निर्धारित कर दी, लेकिन अभी तक कहीं पर भी करेक्ट प्रिंट नहीं खोले हैं. जिस कारण किसान ओने पौने दामों पर आड़तियों को गेहूं बेचने को मजबूर है. वहीं कर्जा होने के कारण किसान के पीछे अमीन दौड़ रहे हैं.

इस सबके विपरीत जिला प्रशासन अभी भी किसानों को कोरे आश्वासन दे रहा है. लक्सर के एसडीएम कौस्तुभ मिश्रा का कहना है कि जल्दी किसान क्रय केंद्र शुरू कर दिए जाएंगे. इस संबंध में तैयारियां अपने अंतिम चरण में हैं.

लक्सर विधायक संजय गुप्ता का कहना है कि सरकार ने इस बार अच्छा समर्थन मूल्य घोषित किया है. क्रय केंद्र न खुलने के संबंध में जिलाधिकारी से वार्ता की गई है और उन्हें जल्दी क्रय केंद्र शुरू करने का आश्वासन दिया है.
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