Haridwar Kumbh 2021: पहली बार शामिल हुआ किन्नर अखाड़ा, पढ़ें महामंडलेश्वर बनने से जुड़ी ये खास बात

हरिद्वार कुंभ में पहली बार किन्नर अखाड़ा हुआ शामिल.

हरिद्वार कुंभ में पहली बार किन्नर अखाड़ा हुआ शामिल.

उत्तराखंड के हरिद्वार में चल रहे कुंभ मेले (Haridwar Kumbh 2021) में पहली बार किन्नर अखाड़ा भी शामिल हुआ. मेले में ये आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं,

  • Share this:
पुलकित शुक्ला

हरिद्वार. अक्सर आपने किन्नरों को खुशी के मौके पर गाते बजाते और बधाइयां लेते हुए देखा होगा. लेकिन उत्तराखंड के हरिद्वार में चल रहे कुंभ मेले (Haridwar Kumbh 2021) में किन्नर आकर्षण का प्रमुख केंद्र बने हुए हैं. दरअसल, हरिद्वार के कुंभ मेले में पहली बार किन्नर अखाड़ा भी शामिल हुआ है. इसमें देश भर से बड़ी संख्या में किन्नर साधु संत आए हुए हैं. यह सभी किन्नर साधु संत किन्नर अखाड़ा से जुड़े हुए हैं. ये सभी किन्नर संत धर्म के प्रचार के लिए प्रतिबद्धता की बात कर रहे हैं.

क्या है किन्नर अखाड़ा

किन्नर वर्ग के उत्थान और समाज में पर्याप्त सम्मान दिलाने के उद्देश्य से किन्नर अखाड़ा के अध्यक्ष लक्ष्मी नारायण त्रिपाठी ने साल 2013 में अखाड़े का गठन किया था. किन्नर अखाड़ा सबसे पहले उज्जैन फिर प्रयागराज और अब तीसरी बार हरिद्वार के कुंभ मेले में शामिल हुआ है. बीते 5 मार्च को किन्नर अखाड़ा नागा सन्यासियों के सबसे बड़े अखाड़े जूना अखाड़े के साथ पेशवाई में शामिल हुआ. इस पेशवाई को देखने के लिए लाखों लोगों की भीड़ उमड़ी थी. पेशवाई में किन्नर अखाड़ा के साधु संत ही आकर्षण का मुख्य केंद्र बने रहे. आम श्रद्धालुओं ने ना सिर्फ किन्नर साधु संतों से आशीर्वाद लिया बल्कि उनके साथ जमकर सेल्फियां भी खिंचवाई. 11 मार्च को होने वाले महाशिवरात्रि के पहले शाही स्नान में भी किन्नर अखाड़े के साधु संत शामिल होंगे.
ये भी पढ़ें: Bastar News: फिर बढ़ा COVID-19 का खतरा, महाशिवरात्रि पर भक्तों को इस मंदिर में नहीं मिलेगी एंट्री

मुस्लिम भी बने महामंडलेश्वर

किन्नर अखाड़े की खास बात यह है कि इसमें ना सिर्फ हिंदू बल्कि मुसलमान रहे साधु संतों का भी महामंडलेश्वर पद पर पट्टाभिषेक किया जा रहा है. नासिक से आई किन्नर अखाड़ा की महामंडलेश्वर पायलनंद गिरी ने बताया कि किन्नर अखाड़ा धर्म और संप्रदाय से ऊपर उठकर कार्य कर रहा है. अखाड़े में कुछ मुस्लिम महामंडलेश्वर भी शामिल हैं जिनका विधिवत धर्म परिवर्तन करने के बाद उन्हें महामंडलेश्वर बनाया गया है. किन्नर अखाड़ा देशभर में तेजी से बढ़ रहा है. लगभग सभी जिलों में किन्नर अखाड़ा से जुड़े साधु संत मौजूद हैं.
अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज