लाइव टीवी

हरिद्वार-नजीबाबाद राष्ट्रीय राजमार्ग-74 पार करते 6 माह में 250 से अधिक वन्य जीवों की हुई मौत

News18 Uttarakhand
Updated: November 28, 2019, 11:23 AM IST
हरिद्वार-नजीबाबाद राष्ट्रीय राजमार्ग-74 पार करते 6 माह में 250 से अधिक वन्य जीवों की हुई मौत
हरिद्वार - हजारों वन्य जीवों की जान जाने के बाद वन महकमा अब नेशनल हाईवे अथॉरिटी के साथ मिलकर कॉरिडोर बनाने की बात कर रहा है.

वन्य जीव संस्थान (Wildlife Institute) ने 6 महीने की स्टडी में ये पाया कि 222 जानवर वाहनों से टकराने के कारण मर गए. इसमें वे वन्य जीव गिनती नहीं किए जा सके जो वाहनों से टकराकर घायल हो गए और वापस वन क्षेत्र की तरफ चले गए और बाद में लगी चोट के कारण मर गए.

  • Share this:
हरिद्वार. उत्तराखंड से उत्तर प्रदेश को जोड़ने वाला राष्ट्रीय राजमार्ग-74 (National Highway-74) वन्य जीवों का कब्रगाह (Wildlife Cemetery) बनता जा रहा है. इस क्षेत्र में वाहनों की चपेट में आने से कई वन्य जीव अपनी जान गंवा चुके हैं. इस मार्ग के चौड़ीकरण ने वन्य जीवों के संरक्षण में नया संकट पैदा कर दिया है. हरिद्वार (Haridwar) शहर जहां अपनी धार्मिक मान्यताओं के लिए विश्विख्यात है तो वहीं यहां के जंगल राज्य के पर्यावरण के लिए संजीवनी का कार्य करते हैं, मगर इन जंगलों से गुजरता हरिद्वार नजीबाबाद राष्ट्रीय राजमार्ग-74 (Haridwar-Najibabad National Highway-74) वन्य जीवों के लिए मौत का हाईवे बनता नजर आ रहा है. पिछले कई सालों में इस मार्ग पर हजारों छोटे बड़े वन्य जीव गाड़ियों की चपेट में आ कर अपनी जान गंवा चुके हैं. हाल ही में हुए सर्वे के मुताबिक पिछले छह माह में 250 से ज्यादा वन्य जीवों की मौत (Death of Wildlives) वाहनों के चपेट में आने से हुई है.

वाहनों से टकरा कर मर रहे बेजुबान

इस बारे में डीएफओ आकाश कुमार वर्मा ने कहा इस वर्ष जनवरी 2019 से लेकर अभी तक NH-74 पर चार गुलदार की मौत वाहनों से टकराने के कारण हुई है. उन्होंने कहा कि वन्य जीव संस्थान ने 6 महीने की स्टडी में ये पाया कि 222 जानवर वाहनों से टकराने के कारण मर गए. इसमें वे वन्य जीव गिनती नहीं किए जा सके जो वाहनों से टकराकर घायल हो गए और वापस वन क्षेत्र की तरफ चले गए और बाद में लगी चोट के कारण मर गए.

डीएफओ आकाश कुमार वर्मा ने कहा उन वन्य जीवों की गिनती नहीं की जा सकी जो वाहनों से टकरा कर घायल हो गए और वापस वन क्षेत्र की तरफ चले गए और बाद में उनकी मौत हो गई.


सड़क चौड़ीकरण के नाम पर काटे जा रहे हजारों पेड़

बता दें कि हरिद्वार नजीबाबाद राष्ट्रीय राजमार्ग के चौड़ीकरण का कार्य भी शुरू हो चुका है. इसके चलते इस मार्ग से हजारों पेड़ों को नेस्तनाबूद किया जा रहा है. इससे वन्य जीवों पर संकट और भी ज्यादा गहराने लगा है. आए दिन वन्य जीव इस हाईवे को पार कर गंगा की ओर रुख करते हैं और उनका सामना तेज रफ़्तार वाहनों से होता है. हालांकि इस स्थिति को देखते हुए वन महकमे ने नेशनल हाईवे अथॉरिटी के साथ मिलकर हॉट स्पॉट चिह्नित किए हैं. इनमें से 3 जगहों पर फ्लाइओवर और अंडर पास बनाए जाएंगे ताकि वाहनों की चपेट में आने से हो रहे वन्य जीवों की मौत पर काबू पाया जा सके.

हजारों वन्य जीवों की जान जाने के बाद वन महकमा भले ही अब नेशनल हाईवे अथॉरिटी के साथ मिलकर कॉरिडोर बनाने की बात कर रहा हो मगर बड़ा सवाल ये है कि अब तक महकमा इन बेजुबानों की मौत पर कोई ठोस कदम क्यों नहीं उठा पाया.
Loading...

(हरिद्वार से सुनील पाल की रिपोर्ट)

ये भी पढ़ें - केदारनाथ धाम में 2 दिनों से लगातार बर्फबारी, तापमान शून्य से 8 डिग्री नीचे

ये भी पढ़ें - वैष्णो देवी मंदिर की तर्ज पर बनेगा चारधाम श्राइन बोर्ड, कैबिनेट ने दी मंज़ूरी

News18 Hindi पर सबसे पहले Hindi News पढ़ने के लिए हमें यूट्यूब, फेसबुक और ट्विटर पर फॉलो करें. देखिए हरिद्वार से जुड़ी लेटेस्ट खबरें.

First published: November 28, 2019, 11:03 AM IST
Loading...
पूरी ख़बर पढ़ें अगली ख़बर
Loading...