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गरबा में आना है तो मुस्लिम युवक पहले करें घर वापसी... हरिद्वार में साधु-संतों की तीखी प्रतिक्रिया

शंकराचार्य राजराजेश्वरानंद ने गरबा में पहचान छुपकर मुस्लिम युवको के जाने पर जताया ऐतराज

शंकराचार्य राजराजेश्वरानंद ने गरबा में पहचान छुपकर मुस्लिम युवको के जाने पर जताया ऐतराज

Haridwar News: मुस्लिम युवकों द्वारा गरबा में आने पर जहां पूरे देश में बवाल मचा हुआ है. इससे संत समाज भी काफी आक्रोशित ...अधिक पढ़ें

हाइलाइट्स

शंकराचार्य राजराजेश्वरानंद का कहना है कि इस्लाम आतंकवाद का पर्याय है
महंत रवींद्रपुरी ने कहा कि अगर मुसलमान युवकों को गरबे में आना है उन्हें घर वापसी करनी चाहिए

हरिद्वार. अहमदाबाद में नवरात्र के दौरान होने वाले गरबा कार्यक्रमों में मुस्लिम युवकों द्वारा पहचान छुपाकर आने पर हिंदू संगठनों द्वारा उनकी पिटाई की गई. आरोप लगे कि मुस्लिम युवकों के गरबा में आने का उद्देश्य हिंदू लड़कियों को अपने बहकावे में लेना था. गरबा में मुस्लिम युवकों के जाने पर हरिद्वार का संत समाज भी आक्रोशित है. साधु-संतों ने इस मामले पर सरकार से सख्त कार्रवाई की मांग की है. साथ ही मुस्लिम समाज से भी अपील की है कि अगर मुस्लिम समाज के लोगों को हिंदू पूजा पद्धति में आना है तो वो पहले घर वापसी करें और उसके बाद ही किसी हिंदू पूजा पद्धति के कार्यक्रम में जाएं.

मुस्लिम युवकों द्वारा गरबा में आने पर जहां पूरे देश में बवाल मचा हुआ है. इससे संत समाज भी काफी आक्रोशित नजर आ रहा है. शंकराचार्य राजराजेश्वरानंद का कहना है कि इस्लाम आतंकवाद का पर्याय है. इस्लामिक आतंकवाद भारत ही नहीं पूरे विश्व में देखने को मिल रहा है. इस्लाम से जुड़े लोग अपनी पहचान छुपाकर आज उत्तराखंड के बद्रीनाथ और केदारनाथ में भगवा वस्त्र धारण कर प्रसाद बेचने का कार्य कर रहा है. अब गरबा कार्यक्रमों में अपनी पहचान छुपाकर मुस्लिम युवक वहां जा रहे हैं. इससे वहां कोई भी बड़ी दुर्घटना हो सकती थी. पुलिस द्वारा समय रहते ही इस पर कार्रवाई की गई.

महंत रविंद्रपुरी ने कही ये बात
अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत रवींद्रपुरी का कहना है कि अगर मुसलमान युवकों को गरबे में आना है तो पहले उन्हें घर वापसी करनी चाहिए. अगर वह हमारे देवी-देवताओं को नहीं मानते तो उन्हें गरबे में नहीं आना चाहिए. क्योंकि जब हमारे देवी-देवताओं के भजन उनको पसंद नहीं है, तो गरबे में उनका क्या काम है?  इस तरह से गरबे में आकर विवाद पैदा करेंगे यह अनुचित बात है. अहमदाबाद में युवकों द्वारा अपनी पहचान छुपाई गई थी और यह लोग पीएफआई से जुड़े हुए नजर आते हैं.

कैलाशानंद गिरि ने की जांच की मांग
निरंजनी अखाड़े के आचार्य महामंडलेश्वर कैलाशानंद गिरि का कहना है कि केंद्र सरकार या किसी की भी राज्य सरकार हो, ऐसे लोगों की जांच करें जिनके द्वारा अपनी पहचान छुपाई जा रही हो. गुजरात और उज्जैन में गरबे के दौरान हुई घटना के बाद लोगों को एक जागृति मिली है. पुलिस द्वारा समय रहते उन लोगों को पकड़ा गया. आज देश भर में मुस्लिम समाज के कई ऐसे लोग हैं जो ऐसी घटनाओं को कर रहे हैं. सरकार को ऐसे लोगों पर सख्त कार्रवाई करनी चाहिए.

Tags: Haridwar news, Uttarakhand news

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