कांवड़ मेले के सहारे 'कुंभ 2021' की तैयारी परखेगा हरिद्वार, ऐसा है प्‍लान

देश-दुनिया में हरिद्वार की पहचान धर्मनगरी की है. जबकि 2021 के कुंभ में करोड़ों लोगों का सैलाब उमड़ेगा.

Deepankar Bhatt | News18 Uttarakhand
Updated: July 15, 2019, 9:23 PM IST
कांवड़ मेले के सहारे 'कुंभ 2021' की तैयारी परखेगा हरिद्वार, ऐसा है प्‍लान
कांवड़ मेले के लिए तैयार है हरिद्वार.
Deepankar Bhatt
Deepankar Bhatt | News18 Uttarakhand
Updated: July 15, 2019, 9:23 PM IST
हर साल सावन महीने में आयोजित होने वाले कांवड़ मेले की बुधवार से शुरुआत होगी, जिसमें रोजाना करीब 5 लाख से ज्यादा भक्त हरिद्वार पहुंचेंगे. यही नहीं, हर व्रत, पर्व और त्योहार पर हरिद्वार में गंगा स्नान के लिए लाखों की भीड़ पहुंचती है. इसी साल सोमवती अमावस्या की बात करें तो करीब 70 लाख लोग एक दिन में गंगा स्नान के लिए हरिद्वार पहुंचे और पूरा शहर जाम हो गया. ऐसे में कांवड़ मेले के 15 दिन पुलिस-प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती हैं, तो ये साल 2021 के कुंभ से पहले एक छोटी सी रिहर्सल भी कही जा सकती है. आखिर कुंभ 2021 में कोई 1-2 करोड़ नहीं बल्कि 5 करोड़ लोगों के हरिद्वार आने का अनुमान है.

2021 कुंभ की तैयारी शुरू
2021 कुंभ मेले के लिए मेला अधिकारी और आईजी तैनात कर दिए गए हैं, जिनके कंधों पर इसे कामयाब बनाने की चुनौती है. हालांकि कांवड़ मेले की जिम्मेदारी जिला प्रशासन और पुलिस के कंधों पर है.

कांवड़ मेले की बुधवार से शुरुआत होगी.


हरिद्वार के डीएम दीपेंद्र चौधरी का कहना है, 'साफ-सफाई से लेकर सड़कों तक को सुधार लिया गया है. वहीं सुरक्षा को लेकर पुलिस पूरी तरह सतर्क है.'

ट्रैफिक है बड़ी चुनौती
हरिद्वार में किसी भी बड़े स्नान या मेले के मौके पर ट्रैफिक मैनजमेंट दुरुस्त रखना सबसे बड़ी चुनौती होती है. हालांकि इस वक्‍त हरिद्वार-देहरादून नेशनल हाईवे का काम तेजी से चल रहा है. ऐसे में प्रशासन को जहां कांवड़ियों के पैदल चलने की सुरक्षित व्यवस्था करनी है तो ट्रैफिक मूवमेंट को भी स्मूथ रखना है. इसको लेकर हरिद्वार के डीएम ने कहा,' लोगों को जाम से परेशान नहीं होना पड़ेगा और अगर हैवी ट्रैफिक होता है तो अल्टरनेट रूट खोले जाएंगे.
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प्रशासन के मुताबिक, हाईवे पर कांवड़ियों के चलने से लिए अलग रूट बनाया गया है, जिसे कांवड़ पथ कहा जाता है. इसको लेकर सभी व्यवस्थाएं पूरी कर ली गई हैं.

हाईवे पर कांवड़ियों के चलने से लिए अलग रूट बनाया गया है.


हरिद्वार के डीएम ने इस बाबत कहा, 'प्रयागराज में कुंभ का सफल आयोजन हुआ और ऐसे में प्रशासन के लिए कांवड़ मेले का अच्छा आयोजन बड़ी चुनौती है.

धर्मनगरी की पहचान रखता है हरिद्वार
देश-दुनिया में हरिद्वार की पहचान धर्मनगरी की है. जबकि 2021 के कुंभ में देश-दुनिया से करोड़ों लोगों का सैलाब हरिद्वार में उमड़ेगा. सरकार और प्रशासन के पास अब डेढ़ साल का वक्त बचा है और इतने कम वक्त में तैयारी पूरी करना आसान काम नहीं है. हालांकि अब सरकार और प्रशासन हर छोटे-बड़े पर्व या फिर मेले को गंभीरता से ले रहे हैं, ताकि 2021 कुंभ से पहले सभी कमियों को दूर किया जा सके.

कांवड़ मेले के बहाने कुंभ की तैयारी
हरिद्वार का कांवड़ मेला 15 दिन में पूरा हो जाएगा, लेकिन असल तैयारी 2021 के कुंभ की है. सच कहा जाए तो इसके लिए राज्य सरकार, पुलिस और प्रशासन एड़ी-चोटी का जोर लगाने में जुटे हैं. प्रयागराज में कुंभ का सफल आयोजन कर यूपी सरकार ने नए आयाम तय किए हैं. ऐसे में अब उत्तराखंड सरकार के सामने हरिद्वार में 2021 में होने वाले कुंभ को सफल बनाने की बड़ी चुनौती है.

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First published: July 15, 2019, 6:45 PM IST
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