निलंबित IAS पंकज पांडेय और चंद्रेश यादव कैट में देंगे निलंबन को चुनौती

त्रिवेंद्र रावत सरकार ने ऊधमसिंहनगर के जिला अधिकारी पंकज पांडेय और चंद्रेश यादव को किसानों को जमीन का मुआवजा बढ़ाकर देने के मामले में निलंबित कर दिया था. दोनों आईएएस अफसर कुछ नये तथ्यों के साथ अपने निलंबन को कैट (केंद्रीय प्रशासनिक अधिकरण) में चुनौती दे सकते हैं.

Manish Kumar | News18 Uttarakhand
Updated: September 12, 2018, 9:24 AM IST
निलंबित IAS पंकज पांडेय और चंद्रेश यादव कैट में देंगे निलंबन को चुनौती
NH-74 मामला (फाइल फोटो)
Manish Kumar
Manish Kumar | News18 Uttarakhand
Updated: September 12, 2018, 9:24 AM IST
उत्तराखंड के हरिद्वार से बरेली के बीच बने नेशनल हाईवे 74 के चौड़ीकरण के दौरान जमीन का मुआवजा बढ़ाकर बांटना दो आईएएस अधिकारियों को भारी पड़ गया. इन आईएएस अधिकारियों पर ऊधमसिंहनगर के किसानों को जमीन का मुआवजा बढ़ाकर देने का आरोप है, जिसके चलते त्रिवेंद्र रावत सरकार ने ऊधमसिंहनगर के जिला अधिकारी पंकज पांडेय और चंद्रेश यादव को निलंबित कर दिया था.

रावत सरकार ने इससे पहले शिकायत के आधार पर दोनों प्रशासनिक अधिकारियों की जांच के लिए एसआईटी गठन की थी, जिसने दोनों अफसरों से पूछताछ की थी. अब दोनों अफसर फिर से बहाली चाहते हैं, जिसके लिए दोनों निलंबित अधिकारी बहाली के रास्ते तलाश रहे हैं. जानकारों की मानें तो दोनों आईएएस अफसर कुछ नये तथ्यों के साथ अपने निलंबन को कैट (केंद्रीय प्रशासनिक अधिकरण) में चुनौती दे सकते हैं.

बता दें कि आईएएस अफसरों को अपनी सेवा से संबंधित मामले के लिए पहले कैट में अपील करनी होती है. इससे पहले भी आईएएस हरीशचंद्र सेमवाल अपने निलंबन के खिलाफ कैट में अपील कर चुके हैं. यहां से उनकी बहाली के आदेश मिलने के बाद सरकार को उन्हें बहाल करना पड़ा था. अब पंकज पांडेय और चंद्रेश यादव को कैट से राहत मिलने की उम्मीद है. दोनों प्रशासनिक अधिकारियों ने एसआईटी की पूछताछ में खुद को बेकसूर बताया था.
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