हरिद्वारः लेबर कॉलोनी में ठंड से एक और मौत, BHEL की असंवेदनशीलता वजह!

Tanuj Walia | ETV UP/Uttarakhand
Updated: January 12, 2018, 12:26 PM IST
हरिद्वारः लेबर कॉलोनी में ठंड से एक और मौत, BHEL की असंवेदनशीलता वजह!
Tanuj Walia | ETV UP/Uttarakhand
Updated: January 12, 2018, 12:26 PM IST
शासन प्रशासन कड़कड़ाती ठंड में जहां एक ओर लोगों  की जान बचाने के लिए अलाव और छत की व्यवस्था करने में जुटा है तो बीएचईएल ने लोगों के सर से छत छीन उन्हें मौत के मुंह में भेजने का इंतजाम कर दिया है. भेल द्वारा उजाड़ी गई लेबर कॉलोनी  में  ठंड  के  चलते अब तक हंसती-खेलती दो जिंदगी मौत के आगोश में समा गई हैं वही कई  लोगों की हालत ठंड के चलते बिगड़ गई है. इसके बाद प्रशासन ने भेल द्वा्रा चलााए जा रहे अतिक्रमण अभियान पर रोक लगा दी है.

गुरुवार शाम ठंड की वजह से लेबर कॉलोनी में रहने वाले 45 वर्षीय ऋषिपाल की मौत हो गई. ऋषिपाल के बेटे सचिन के अनुसार उनका परिवार कई दशक से इसी लेबर कॉलोनी में रहता था लेकिन चार दिन पहले भेल प्रबंधन के कॉलोनी को उजाड़ने के बाद वह खुले आसमान के नीचे ही रह रहे हैं.

सचिन कहते हैं कि इसी वजह से उसके पिता को ठंड लगी और उनकी मौत हो गई.

पहले 10 दिन की बच्ची और ऋशिपाल की मौत के बाद ठंड के चलते कई लोग गंभीर रूप से बीमार हो गए हैं, जिनमें 35 साल का राजन भी शामिल है. राजन की पत्नी पिंकी पूछती हैं कि क्या भेल को इस सर्दी के मौसम में ही अतिक्रमण हटाने की याद आई थी.

हालत बिगड़ने पर राजन को पुलिस ने अस्पताल में भर्ती करवाया है. उसके परिवार के पास इतना भी पैसा नहीं है कि वह कहीं अच्छी जगह उसका उपचार करा सकें.

ठंड में हुई 2 मौतों के बाद लेबर कॉलोनी में रहने वाले लोगों के दिलों में नेताओं के लिए भी काफी गुस्सा है. सतपाल कहते हैं कि वोट मांगने के समय तो नेता हाथ जोड़कर खड़े रहते हैं लेकिन जब उनके आशियाने उजाड़े गए तो कोई उनकी सुध लेने नहीं आया.

यूथ कांग्रेस अध्यक्ष राम विशाल देव अपना दामन बचाते हुए इसके लिए सत्ताधारी बीजेपी को दोषी ठहराते हैं. देव कहते हैं कि ठंड के इस मौसम में अतिक्रमण हटाना शासन प्रशासन और भाजपा की संवेदनहीनता को दर्शाता है.

मामले की सूचना पर पहुंची रानीपुर पुलिस अब मौत के पीछे की वजह की जांच में जुट गई है. कोतवाल ऐश्वर्या पाल का कहना है कि परिजनों के अनुसार ऋषि पाल की ठंड के चलते तबीयत बिगड़ी थी जिसके बाद अस्पताल ले जाते हुए उसकी मौत हो गई.

दो मौतों के बाद हरकत में आया प्रशासन ने फिलहाल अतिक्रमण हटाओ अभियान पर रोक लगा दी है. सिटी मजिस्ट्रेट मनीष कुमार का कहना है कि डीएम ने भेल को उन लोगों के रहने और अलाव की व्यवस्था करने के निर्देश दिए थे जिनके घर अतिक्रमण हटाओ अभियान में तोड़े गए.

उन्होंने कहा कि यदि मौत के पीछे भेल की संवेदनहीनता या अनुशासनहीनता पाई जाती है तो उसके खिलाफ भी कार्रवाई होगी.
पूरी ख़बर पढ़ें
अगली ख़बर