UK: डायलिसिस मशीन बंद होने से नहीं हुई थी मरीज की मौत...! जांच जारी

हरिद्वार जिले के मेला अस्पताल में डायलिसिस के दौरान मशीन बंद होने से एक मरीज की मौत हो गई थी, जिसके बाद मामले की जांच शुरू हो गई है.

News18 Uttarakhand
Updated: July 16, 2019, 8:56 AM IST
UK: डायलिसिस मशीन बंद होने से नहीं हुई थी मरीज की मौत...! जांच जारी
UK: डायलिसिस मशीन बंद होने से नहीं हुई थी मरीज की मौत...! (सांकेतिक तस्वीर)
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Updated: July 16, 2019, 8:56 AM IST
उत्तराखंड में हरिद्वार जिले के मेला अस्पताल में डायलिसिस के दौरान मशीन बंद होने से एक मरीज की मौत हो गई थी, जिसके बाद मामले की जांच शुरू हो गई है. इसी क्रम में बीते सोमवार को स्वास्थ्य निदेशक डॉ. एसपीएस नेगी की अध्यक्षता में गठित राज्य स्तरीय समिति जांच के लिए मेला अस्पताल पहुंची.

डायलिसिस मशीन बंद होने से नहीं हुई थी मरीज की मौत

मामले में टीम ने राही हेल्थकेयर के प्रबंधक, मेडिकल अफसर और दोनों टेक्नीशियन के अलग-अलग बयान दर्ज किए हैं. डायलिसिस यूनिट के स्टाफ ने जांच टीम को बताया कि पावर सप्लाई बंद होने के बाद डायलिसिस मशीन बंद होने से मरीज की मौत नहीं हुई. दरअसल, पावर सप्लाई बंद होने से पहले ही मरीज की हृदय गति रुक गई थी. हालांकि मरीज की मौत के बाद डायलिसिस यूनिट के प्रबंधक ने जनरेटर के फ्यूल पाइप में लीकेज के चलते पावर सप्लाई बंद होने की बात कही थी.

हृदय गति-Heart rate
पावर सप्लाई बंद होने से पहले ही मरीज की हृदय गति रुक गई थी. (सांकेतिक तस्वीर)


वहीं मेला अस्पताल के सीएमएस डॉ. राजेश गुप्ता ने भी पंप के हवा लेने के चलते जनरेटर बंद होने होने की बात को कबूला था. जांच के दौरान मेडिकल अफसर डॉ. विशेष कुलश्रेष्ठ ने बताया कि उन्होंने सीपीआर देकर मरीज को रिवाईव किया गया था, जिसके बाद मरीज का ब्लड प्रेशर और हृदय गति सामान्य होने के बाद मरीज को जौलीग्रांट रेफर किया गया.

मेडिकल अफसर ने टीम को इलाज का संक्षिप्त विवरण दिया है. इसके बाद टीम ने विपरीत परिस्थिति में सूझबूझ से काम लेने पर मेडिकल अफसर की सराहना की. वहीं टीम ने डायलिसिस टेक्नीशियन योगेंद्र सिंह और सुमित सिंह से भी घटना की जानकारी ली. टीम ने जिला अस्पताल के वरिष्ठ फिजिशियन डॉ. संदीप टंडन से मामले में विशेषज्ञ राय भी ली.

पावर सप्लाई बंद हुई थी, पर मशीन में बैकअप मौजूद था
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डॉ. टंडन ने जांच टीम को बताया कि किडनी फेल्योर के मरीज में कॉर्डिएक अरेस्ट की संभावना रहती है. राही हेल्थकेयर के प्रबंधक ने भी माना कि पावर सप्लाई बंद हुई थी लेकिन मशीन में बैकअप मौजूद था. मरीज और उनके परिजन अचानक मशीन का बैकअप अलार्म बजने से घबरा गए थे. टीम ने मरीजों से जुड़े सभी रिकॉर्ड की फोटो प्रति ली.

स्वास्थ्य महानिदेशक को सौंपी जाएगी जांच की रिपोर्ट

वहीं डायलिसिस यूनिट प्रबंधक को बुधवार तक मरीज की क्लीनिक रिपोर्ट स्वास्थ्य निदेशालय में उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं. रिपोर्ट आने के बाद टीम मृतक के परिजनों और अन्य मरीजों के बयान भी दर्ज करेगी. जांच पूरी होने के बाद समिति अपनी रिपोर्ट स्वास्थ्य महानिदेशक को सौंपेगी.

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First published: July 16, 2019, 8:56 AM IST
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