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जानिए आखिर हरिद्वार के पुरोहित आजकल क्यों हैं नाराज

जानिए आखिर हरिद्वार के पुरोहित आजकल क्यों हैं नाराज

हरिद्वार में हरकी पैड़ी पर इन दिनों डुबकी लगाने लायक भी पानी नहीं आ रहा है. इसे लेकर पुरोहित और श्रद्धालुओं में भारी नाराजगी है. अब वजह चाहे प्रदेश में वनाग्नि हो या सूखे जैसे हालात, सच्चाई यही है कि गंगा सूखती जा रही है.

हरिद्वार में हरकी पैड़ी पर इन दिनों डुबकी लगाने लायक भी पानी नहीं आ रहा है. इसे लेकर पुरोहित और श्रद्धालुओं में भारी नाराजगी है. अब वजह चाहे प्रदेश में वनाग्नि हो या सूखे जैसे हालात, सच्चाई यही है कि गंगा सूखती जा रही है.

हरिद्वार में हरकी पैड़ी पर इन दिनों डुबकी लगाने लायक भी पानी नहीं आ रहा है. इसे लेकर पुरोहित और श्रद्धालुओं में भारी नाराजगी है. अब वजह चाहे प्रदेश में वनाग्नि हो या सूखे जैसे हालात, सच्चाई यही है कि गंगा सूखती जा रही है.

    हरिद्वार में हरकी पैड़ी पर इन दिनों डुबकी लगाने लायक भी पानी नहीं आ रहा है. इसे लेकर पुरोहित और श्रद्धालुओं में भारी नाराजगी है.

    अगर आप आजकल हरिद्वार में हरकी पैड़ी पर स्नान करने आएंगे तो यहां का नजारा देखकर हैरान रह जाएंगे. हरकी पैड़ी पर इन दिनों डूबकी लगाने लायक भी पानी नहीं आ रहा है.

    हरकी पैड़ी ब्रह्मकुंड पर एक अनुबंध के तहत पर्याप्त मात्रा में जल होना चाहिए. अब वजह चाहे प्रदेश में वनाग्नि हो या सूखे जैसे हालात सच्चाई यही है कि गंगा सूखती जा रही है. यहां पानी का स्तर बनाए रखने की जिम्मेदारी उत्तराखंड और यूपी का सिंचाई विभाग पर है. यही वजह है कि अखिल भारतीय युवा तीर्थ पुरोहितों ने हरकी पैड़ी पर उत्तराखंड व उत्तर प्रदेश सिंचाई विभाग के खिलाफ प्रदर्शन कर अपना विरोध जाहिर किया है. पुरोहितों की मांग है कि शीघ्र ही गंगा की जलधारा बढ़ाने को बढ़ाया जाए.

    हरकी पैड़ी पर प्रदर्शन करते हुए युवा तीर्थ पुरोहित सभा के अध्यक्ष उज्ज्वल पंडित ने कहा कि 1916 में पंडित मदनमोहन मालवीय के नेतृत्व में तीर्थ पुरोहितों व अंग्रेज सरकार के बीच समझौता हुआ था. इसके तहत एक हजार क्यूसेक जल हरकी पैड़ी पर निरंतर बना रहना चाहिए. उन्होंने आरोप लगाया कि अब आकर समझौते का पालन नहीं हो रहा है. इसे लेकर युवा तीर्थ पुरोहित बेहद नाराज हैं.
    पुरोहितों का कहा है कि गंगा में आज डुबकी लगाने लायक भी जल नहीं है. इससे यहां आने वाले यात्रियों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है. कहा कि यात्री बाहुल्य क्षेत्र उत्तरी हरिद्वार के गंगा घाट भी जलविहीन हो चुके हैं. इससे यहां निवास करने वाले साधु-संतों को भी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है. युवा पुरोहित नितिन गौतम ने कहा कि गंगा में जल्दी ही पानी की मात्रा नहीं बढ़ाई तो सिंचाई विभाग के खिलाफ आंदोलन तेज करने को बाध्य होंगे. प्रदर्शन में सचिन लुटिया, पंकज अधिकारी, शैलेष मोहन, सिद्धार्थ चक्रपाणी, उमाकांत वशिष्ठ, रजनीश, मनीष पचभैया ने भाग लिया.

    Tags: Uttarakhand news

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