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पढ़ें, कैसे हरिद्वार में बसपा नेता के परिवार को ले डूबा भाजपा नेता का बयान!

पढ़ें, कैसे हरिद्वार में बसपा नेता के परिवार को ले डूबा भाजपा नेता का बयान!

समर्थकों के साथ मीडिया से रूबरू बहादराबाद (हरिद्वार) से बसपा के पूर्व विधायक शहजाद

समर्थकों के साथ मीडिया से रूबरू बहादराबाद (हरिद्वार) से बसपा के पूर्व विधायक शहजाद

एक पार्टी का कोई नेता बयान दे और दूसरी पार्टी के नेता का पूरा परिवार इसका खामियाजा भुगते, यह सुनने में थोड़ा अजीब लगता है, लेकिन उत्तराखंड में ऐसा ही देखने में आया है. भाजपा नेता के एक बयान से नाराज बसपा सुप्रीमो मायावती ने अपनी पार्टी के नेता और उसके पूरे परिवार को पार्टी से बाहर का रास्ता दिखा दिया.

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    एक पार्टी का कोई नेता बयान दे और दूसरी पार्टी के नेता का पूरा परिवार इसका खामियाजा भुगते, यह सुनने में थोड़ा अजीब लगता है, लेकिन उत्तराखंड में ऐसा ही देखने में आया है. भाजपा नेता के एक बयान से नाराज बसपा सुप्रीमो मायावती ने अपनी पार्टी के नेता और उसके पूरे परिवार को पार्टी से बाहर का रास्ता दिखा दिया.

    अब सीधी बात पर आते हैं. नौ मई की बात है. भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष और उत्तराखंड विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष अजय भट्ट ने हरिद्वार जिला पंचायत अध्यक्ष चुनाव में बसपा को समर्थन देने की घोषणा कर दी. यहां पर पूर्व विधायक मोहम्मद शहजाद का भाई मोहम्मद सत्तार बसपा से अध्यक्ष पद का प्रत्याशी था. शहजाद खेमे के लिए यह खुशी की बात थी, लेकिन बसपा नेतृत्व इससे नाराज हो गया.

    बसपा प्रदेश अध्यक्ष सतीश कुमार ने उसी दिन शाम को बयान दे दिया कि हमें भाजपा का समर्थन नहीं चाहिए. जब हम समर्थन मांग ही नहीं रहे हैं तो भाजपा क्यों समर्थन दे रही है. बसपा नेतृत्व इतना नाराज हुआ कि अगले ही दिन पार्टी की ओर से अधिकृत प्रत्याशी मोहम्मद सत्तार का पर्चा वापस करा दिया और कांग्रेस समर्थित प्रत्याशी सविता चौधरी निर्विरोध अध्यक्ष बन गई. बसपा आलाकमान की नाराजगी यहीं पर खत्म नहीं हुई. बसपा ने आज पूर्व विधायक शहजाद, उनके भाई सत्तार, आजम और भाभी अंजुम बेगम को पार्टी से बाहर निकाल दिया.
    बसपा प्रदेश अध्यक्ष सतीश कुमार का कहना है कि इन चारों को अनुशासनहीनता के चलते पहले भी पार्टी से बाहर निकाल दिया था, लेकिन इन्होंने गलती मानी थी और कुछ महीने पहले ही फिर से पार्टी ने इन्हें वापस ले लिया था. लेकिन अब अपने भाई को जिला पंचायत अध्यक्ष बनवाने के लिए शहजाद ने भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष अजय भट्ट से सौदा कर लिया कि आप हमें जिला पंचायत चुनाव में समर्थन दें और हम आपको विधानसभा में दो विधायकों का समर्थन दे देंगे.

    प्रदेश अध्यक्ष का कहना है कि प्रदेश प्रभारी नसीमुद्दीन सिद्दीकी ने शहजाद को इसका खंडन करने को कहा लेकिन शहजाद ने ऐसा नहीं किया. जिसके चलते उन्हें और उनके पारिवारिक सदस्यों को पार्टी से निकाल दिया गया है. वहीं दूसरी ओर पूर्व विधायक शहजाद ने बसपा के प्रदेश अध्यक्ष और प्रदेश प्रभारी पर निशाना साधा है. उन्होंने कहा कि ये दोनों पार्टी को बेचने का काम कर रहे हैं. जबरन जिला पंचायत अध्यक्ष का पर्चा वापस कराया गया.

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