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यूपी सरकार के फैसले पर हरीश रावत ने किया ट्वीट, परेशानियों में घिरी उत्‍तराखंड सरकार

यूपी सरकार ने कोटा में फंसे बच्‍चों को लाने के लिए दो बसें रवाना की है.
यूपी सरकार ने कोटा में फंसे बच्‍चों को लाने के लिए दो बसें रवाना की है.

राजस्‍थान (Rajasthan) के कोटा में फंसे उत्‍तराखंड के छात्रों को वापस लाने के लिए मचा है प्रदेश में घमासान.

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देहरादून. उत्‍तर प्रदेश सरकार (Uttar Pradesh Government) ने कोटा में फंसे स्टूडेंटस को लाने के लिए 200 से अधिक बसें भेजने का फैसला किया है. यूपी सरकार के इस फैसले ने उत्‍तराखंड की सियासत को गर्म कर दिया है. दरअसल, पूर्व सीएम हरीश रावत ने ट्वीट किया था कि उत्तराखंड के बहुत सारे बच्चे राजस्थान में हैं. उन्‍होंने राजस्थान के सीएम से आग्रह किया है कि कोटा में पढ़ रहे स्टूडेंटस को घर जाने की अनुमति दी जाए. हरीश रावत ने कहा है कि राजस्थान सरकार का कहना है कि यदि उत्तराखंड सरकार अनुमति मांगेगी तो हम अनुमति दे देंगे.

पूर्व मुख्‍यमंत्री हरीश राव के इस बयान के बाद उत्तराखंड में सियासी हलचल तेज हो गई. शासकीय प्रवक्ता एवं कैबिनेट मंत्री मदन कौशिक ने कहा कि उन्होंने सीएम से बात की है. सीएम ने मुख्य सचिव को समस्या का हल निकालने को कहा है; वहीं, राज्य के भीतर कांग्रेस जोर शोर से इस मुददे को हवा देने में लगी हैं.  पूर्व विधायक राजकुमार का कहना है कि सरकार को जल्द से जल्द राजस्थान समेत देश के अन्य हिस्सों में फंसे अपने नागरिकों को लाना चाहिए.





25 छात्रों को आगरा तक लेकर आएगी यूपी सरकार
बताया जा रहा है कि उत्तराखंड सरकार ने पहले यूपी सरकार से बातचीत की कि वो अपने बॉर्डर तक उत्तराखंड के छात्रों को लाने में मदद करे. लेकिन, इसमें कुछ खास सफलता नहीं मिली. यूपी के आगे पहले अपने स्टूडेंटस को निकालने की चुनौती है. उल्‍लेखनीय है कि उत्तराखंड के करीब एक हजार छात्र राजस्थान व कोटा में पढ़ाई करते हैं. सूत्रों के अनुसार, व्यक्तिगत एप्रोच के आधार पर यूपी सरकार 25 स्टूडेंटस को आगरा तक लाने पर सहमत हो गई है.

उत्‍तराखंड से आगरा के लिए रवाना हुईं दो बसें
उत्तराखंड सरकार ने इन छात्रों को लाने के लिए दो बसें आगरा के लिए रवाना की हैं. ताजा घटनाक्रम ने उत्तराखंड सरकार की सियासती मुश्किलें बढ़ा दी हैं. शासन स्तर पर इस पर मंथन चल रहा है. दरअसल, राजस्थान से छात्रों को लाना टेढी खीर है. उत्तराखंड को कई राज्यों के बार्डर पार करने होंगे. इन राज्यों से कॉआर्डिनेशन करना होगा. अगर सरकार कोटा से छात्रों को लाने में कामयाब हो भी जाती है, तो देश के अन्य हिस्सों में फंसे नागरिकों को लाने की मांग जोर पकड़ने लगेगी, जो सरकार के लिए बढ़ी परेशानी का सबब बन सकता है.

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