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यहां पुलिस बता रही कैसा हो छात्र, अभिभावक और स्‍कूल का रिश्‍ता
Dehradun News in Hindi

satendra bartwal | News18 Uttarakhand
Updated: February 27, 2020, 11:53 AM IST
यहां पुलिस बता रही कैसा हो छात्र, अभिभावक और स्‍कूल का रिश्‍ता
छात्रों को अपराध की दुनिया से दूर रखने के मकसद से इस एडवाइजरी बुक को तैयार किया गया है.

‘चाइल्ड सेफ्टी ऑवर प्रायोरिटी’ (Child Safety Our Priority) नामक इस सुझाव पुस्तिका में इस बात का विस्‍तार से उल्‍लेख किया गया है कि छात्रों (Students), अभिभावकों (parents) और स्‍कूल प्रशासन (school administration) के बीच किस तरह बेहतर तालमेल बनाया जाए.

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देहरादून (Dehradun) : स्‍कूली बच्‍चों को अपराध (Crime) की दुनिया से दूर रखने और उनकी सुरक्षा (Safety) को सुनिश्चित करने के लिए उत्‍तराखंड (Uttarakhand) की देहरादून पुलिस (Dehradun Police) ने अहम कदम उठाया है. इस कदम के तहत, पुलिस ने एक सुझाव पुस्तिका तैयार की है. ‘चाइल्ड सेफ्टी ऑवर प्रायोरिटी’ (Child Safety Our Priority) नामक इस सुझाव पुस्तिका में इस बात का विस्‍तार से उल्‍लेख किया गया है कि छात्रों, अभिभावकों और स्‍कूल प्रशासन के बीच किस तरह बेहतर तालमेल बनाया जाए.

सभी स्‍कूलों तक पहुंचाई जाएगी यह बुकलेट
डीआईजी अरुण मोहन जोशी ने छात्रों पर बढ़ रहे अपराध को देखते हुए और छात्रों को नशे से दूर रखने के लिए ‘चाइल्ड सेफ्टी ऑवर प्रायोरिटी’ के नाम से करीब 150 पेजों की इस किताब को तैयार किया है. इस किताब को शहर के सभी स्कूलों में दिया जाएगा. इस बुक के जरिए पुलिस की पहली कोशिश है कि स्‍कूली बच्‍चों को किस तरह नशे और यौन अपराधों से दूर रखा जाए. इन दो बिंदुओं के अतिरिक्‍त भी कई महत्‍वपूर्ण बिंदुओं का इस बुकलेट में जिक्र किया गया है.

स्‍कूलों में क्‍यों होने चाहिए सीसीटीवी कैमरे



इस बुकलेट में पुलिस ने इस बात का भी विस्‍तार से जिक्र किया है कि स्कूलों को छात्रों की सुरक्षा के लिए स्कूल में सीसीटीवी कैमरे क्‍यूं लगाने चाहिए और उसके क्‍या-क्‍या फायदे हैं. पुलिस का मानना है कि अकसर देखने को मिलता है कि जब भी छात्रों के साथ कोई अपराधिक घटना होती है तो सीसीटीवी कैमरे के जरिये उस अपराध को निपटने में बड़ी आसानी होती है. इसके अलावा, सीसीटीवी कैमरों का एक मनोवैज्ञानिक असर भी होता है. कई बार अपराधी कैमरे को देख कर भी दूर भाग खड़े होते हैं.



स्‍कूलों में जरूर हों काउंसलर
पुलिस ने सभी स्कूल में छात्रों के लिए एक काउंसलर होना भी अति अवश्यक बताया है, जो समय-समय पर छात्रों, अभिभावकों और टीचर्स के बीच तालमेल बनाए. पुलिस ने छात्रों में ड्रग्स के प्रति लगातार बढ़ रहे आकर्षण दूरी बनाने के भी किताब में उल्लेख किया है. पुलिस ने अपनी एडवाइजरी में इस बात का विशेष रूप से उल्‍लेख किया है कि ड्रग्‍स की लत में फंस रहे बच्‍चों की पहचान कैसे की जा सकती है. इसके अलावा, पुलिस ने छात्रों पर यौनाचार जैसी घटनाओं न हो जिसके लिए पोक्सो एक्ट का भी उल्लेख किताब में किया गया है.

क्‍या है पुलिस का मकसद
डीआईजी अरुण मोहन जोशी का कहना है कि छात्रों को अपराध की दुनिया से दूर रखने के मकसद से इस एडवाइजरी बुक को तैयार किया गया है. आए दिन देखने को मिलता है कि बच्चों पर स्कूल में हुए अपराध के चलते उनके जीवन में बड़ा असर डालते है. इस किताब को पड़ने से बच्चों का हौसला बढ़ेगा.

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First published: February 27, 2020, 11:53 AM IST
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