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केदारबाबा के इस अमृत कुंड का जल ग्रहण करते ही धन्य हो जाएंगे आप!

Mukesh Kumar | ETV UP/Uttarakhand
Updated: September 12, 2015, 12:32 PM IST
केदारबाबा के इस अमृत कुंड का जल ग्रहण करते ही धन्य हो जाएंगे आप!
क्या आपको मालूम है केदारनाथ धाम में अमृत कुंड भी है. जी हां इस अमृत कुंड का जल ग्रहण करते ही धन्य हो जाएंगे आप. भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण यानि एएसआई की टीम अब इस कुंड को पुराने स्वरूप में लाने की कवायद कर रही है.

क्या आपको मालूम है केदारनाथ धाम में अमृत कुंड भी है. जी हां इस अमृत कुंड का जल ग्रहण करते ही धन्य हो जाएंगे आप. भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण यानि एएसआई की टीम अब इस कुंड को पुराने स्वरूप में लाने की कवायद कर रही है.

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क्या आपको मालूम है केदारनाथ धाम में अमृत कुंड भी है. जी हां इस अमृत कुंड का जल ग्रहण करते ही धन्य हो जाएंगे आप. भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण यानि एएसआई की टीम अब इस कुंड को पुराने स्वरूप में लाने की कवायद कर रही है.

केदारनाथ मंदिर अब जल्द ही पुराने स्वरूप में नजर आयेगा. पुराने स्वरूप और साज सज्जा को बारीक़ी से ध्यान में रखकर भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण के दर्जन भर कारीगर मरम्मत कार्य में जुटे हैं.
एक्सक्सूलिव तस्वीरों के जरिये आप अंदाजा लगा सकते हैं कि कैसे आपदा के फौरन बाद मंदिर के पश्चिमी छोर का दरवाजा क्षतिग्रस्त हो गया था और सीढ़ियां बह गयी थीं.

अब न सिर्फ द्वार की मरम्मत कर दी गयी है बल्कि दीवार के उस खाली हिस्से को भी पत्थर तराश कर भर दिया गया है जो आपदा के समय टूट गयी थी.

एएसआई की टीम न सिर्फ मंदिर के चारों ओर ड्रैनेज सिस्टम ठीक कर रही है, बल्कि आस्था का केन्द्र रहने वाले अमृत कुंड को भी पुराने स्वरूप में लाया जा रहा है. भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण के अधीक्षण पुरातत्वविद् वसन्त कुमार स्वर्णकार का कहना है कि लोगों की आस्था इस अमृत कुंड से जुड़ी हुई है.
मान्यता है कि शिवलिंग के नीचे से ही प्राकृतिक जलधारा यहां से बहती है और श्रद्धालु इसका जल केदारबाबा के दर्शन के बाद ग्रहण करते हैं.

मंदिर की दीवार के जिस हिस्से में पत्थर लगाये गये हैं, उनको बाकायदा जैक लगाकर कसा गया है.पश्चिमी छोर की बह चुकी सीढ़ियां भी पूरी तरह से बना दी गई हैं. जुलाई माह में भारी बारिश के चलते तकरीबन बीस दिन काम बंद रहा जिसके चलते मौजूदा सीजन में काम पूरा होने की संभावना कम ही जताई जा रही है.

फिलहाल प्रदेश की दूसरी एजेंसियां भी केदारनाथ धाम में पुनर्निर्माण कार्यों में जुटी हैं. प्रदेश का पर्यटन महकमा भी हर गतिविधि पर नजर रखे हुए है. उम्मीद है कि समय रहते मरम्मत कार्य पूरा हो जायेगा.
पर्यटन मन्त्री दिनेश धनै के मुताबिक सरकारी एजेंसियों को आपस में तालमेल बैठाकर तेजी से काम करने के लिए कहा गया हैं.

यात्रा सीजन में जुटी श्रद्धालुओं की भीड़ ने सरकारी एजेंसियों को ऑक्सीजन देने का काम किया है. यही वजह है कि न सिर्फ निर्माण कार्यों में तेजी आयी है, बल्कि यहां काम करने वाले अधिकारी और कर्मचारी भी उत्साहित हैं.

बहरहाल अब इंतजार उस घड़ी का किया जा रहा है, जब केदारनाथ धाम पूरी तरह से अपने वास्तविक स्वरूप में लौटेगा और भक्तों से गुलजार होगा. उम्मीद की जानी चाहिये सरकारी एजेंसियों की मेहनत और मशक्कत जल्द ही रंग लायेगी.

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First published: September 12, 2015, 12:32 PM IST
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