Home /News /uttarakhand /

जानिए, उत्तराखंड से क्यों हो रहा है IAS अफसरों का पलायन

जानिए, उत्तराखंड से क्यों हो रहा है IAS अफसरों का पलायन

राज्य से आईएएस अफसरों पलायन हो रहा है. राज्य में आईएएस अफसरों की संख्या लगातार कम होती जा रही है. एकतरफ तो वरिष्ठ आईएएस अफसर सेवानिवृत्त हो रहे हैं तो दूसरी तरफ राज्य से बाहर डेपुटेशन पर जाने वालों की संख्या भी बढ़ रही है.

राज्य से आईएएस अफसरों पलायन हो रहा है. राज्य में आईएएस अफसरों की संख्या लगातार कम होती जा रही है. एकतरफ तो वरिष्ठ आईएएस अफसर सेवानिवृत्त हो रहे हैं तो दूसरी तरफ राज्य से बाहर डेपुटेशन पर जाने वालों की संख्या भी बढ़ रही है.

राज्य से आईएएस अफसरों पलायन हो रहा है. राज्य में आईएएस अफसरों की संख्या लगातार कम होती जा रही है. एकतरफ तो वरिष्ठ आईएएस अफसर सेवानिवृत्त हो रहे हैं तो दूसरी तरफ राज्य से बाहर डेपुटेशन पर जाने वालों की संख्या भी बढ़ रही है.

    राज्य से आईएएस अफसरों पलायन हो रहा है. राज्य में आईएएस अफसरों की संख्या लगातार कम होती जा रही है. एकतरफ तो वरिष्ठ आईएएस अफसर सेवानिवृत्त हो रहे हैं तो दूसरी तरफ राज्य से बाहर डेपुटेशन पर जाने वालों की संख्या भी बढ़ रही है.

    अभी 3 अफसर और डेपुटेशन पर जाने को तैयार बैठे हैं. सरकार ने केंद्रीय कार्मिक मंत्रालय से राज्य में प्रतिनियुक्ति पर आईएएस अफसरों की मांग की है. राज्य के आईएएस अफसरों का भी पलायन हो रहा है. राज्य से बाहर प्रतिनियुक्ति पर जाने वाले आईएएस अफसरों की संख्या तेजी से बढ़ रही है.

    पिछले कुछ दिनों में नितेश झा, राधिका झा, बीवीआरसी पुरुषोत्तम, एसएस संधु, निधिमणि त्रिपाठी, बीपी पांडेय, सचिन कुर्वे, सौजन्या जैसे अफसर डेपुटेशन पर गए, तो वहीं मणिपुर कैडर के एमएच खान डेपुटेशन पीरियड समाप्त होने पर उत्तराखंड से वापस चले गए हैं, तो वहीं गुजरात कैडर के मोहम्मद शाहिद सीडी कांड में फंसकर वापिस गए तो महाराष्ट्र कैडर की निधि पांडेय डेपुटेशन पीरियड समाप्त होने से पहले ही वापिस जा चुकी हैं.

    मंत्री इंदिरा हृदयेश कहती हैं कि उनको भी अक्सर अफसरों की कमी लगती है. उन्होंने कहा कि कई बार अधीनस्थ अफसरों से ही काम चलाना पड़ता है. हालांकि उन्होंने कहा कि वरिष्ठ अफसर काफी क्षमतावान हैं, लेकिन आईएएस अफसरों की लगातार हो रही कमी गंभीर बात है.

    आईएएस अफसरों के पलायन का सिलसिला अभी जारी है. प्रमुख सचिव ओमप्रकाश, सचिव आरके सुधांशु और दिलीप जावलकर प्रतिनियुक्ति पर जाने को तैयार बैठें हैं, बस मंजूरी मिलने की देरी है.

    इतना ही नहीं राज्य के आईएएस केशव देसीराजू, पीएस जंगपांगी, एन रविशंकर और भाष्करानंद इसी साल सेवानिवृत्त हो चुके हैं, तो वहीं मौजूदा मुख्य सचिव राकेश शर्मा भी इसी साल सेवानिवृत्त हो जाएंगे.

    मु्ख्य सचिव राकेश शर्मा कहते हैं कि अफसरों में काफी क्षमताएं होती हैं और शासन के कामकाज में कोई परेशानी नहीं हो रही है. उन्होंने कहा कि सभी टीम भावना से काम कर रहे हैं, लेकिन फिर भी डीओपीटी को राज्य सरकार ने पत्र लिखकर कुछ आईएएस अफसरों की मांग की है ताकि राज्य मे आईएएस अफसरों की संख्या में कुछ बढोतरी हो सके.

    राज्य में 120 आईएएस अफसरों की कैडर पोस्ट हैं, जिसके मुकाबले करीब 60 फीसदी आईएएस अफसर ही उत्तराखंड में मौजूद हैं. हालांकि अफसरों की कार्यक्षमताओं से इनकार नहीं किया जा सकता है, लेकिन अगर सरकार की मंत्री इंदिरा हृदयेश के बयान पर गौर करें तो इस बात से कैसे इनकार किया जा सकता है कि अफसरों की कमी से सरकार का कामकाज भी प्रभावित हो रहा है.

    अब देखना होगा कि केंद्रीय कार्मिक मंत्रालय कबतक राज्य सरकार की मांग को पूरा करता है और उत्तराखंड में आईएएस अफसरों की कितनी संख्या बढ़ती है.

     

    विज्ञापन
    विज्ञापन

    राशिभविष्य

    मेष

    वृषभ

    मिथुन

    कर्क

    सिंह

    कन्या

    तुला

    वृश्चिक

    धनु

    मकर

    कुंभ

    मीन

    प्रश्न पूछ सकते हैं या अपनी कुंडली बनवा सकते हैं ।
    और भी पढ़ें
    विज्ञापन

    टॉप स्टोरीज

    अधिक पढ़ें

    अगली ख़बर