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नैनीसार के करार को रद्द करने की मांग हुई तेज

नैनीसार के करार को रद्द करने की मांग हुई तेज

    राज्य के विकास को लेकर सरकार जहां बंजर जमीनों को पीपीपी मोड पर देने के लिए कदम उठा रही है. वही उत्तराखंड में जमीनों के आंवटन को लेकर कई संगठन लामबंद होने लगे हैं.

    नैनीसार में एक निजी कंपनी को स्कूल के लिए सरकार ने जमीन क्या दी कि क्षेत्रीय दलों के कार्यकर्ताओं ने प्रशासन के लिए मोर्चा खोल दिया. गौरतलब है कि प्रदेश में जमीनों को लेकर काफी सियासत हो रही है गौरतलब है कि अल्मोडा के नैनीसार में सरकार एक निजी स्कूल को खोलने के लिए जमीन दी है.

    मगर क्षेत्रीय दल इसका विरोध कर रहे हैं. उनका कहना है कि सरकार को इस तरह से जमीनों को आंवटित नहीं करना चाहिए क्योकिं प्रदेश में जमीनों को लेकर शासन दोहरा मापदंड अपना रहा है.

    वहीं, पूरे मामले की सीबीआई जांच कराने की मांग को लेकर राजधानी देहरादून में उत्तराखंड परिवर्तन पार्टी व अन्य क्षेत्रीय दलों व संगठनों के कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किया. जमीन के करार को रद्द कराने की मांग को लेकर कार्यकर्ता राजभवन कूच कर रहे थे, लेकिन, पुलिस ने कार्यकर्ताओं को परेडग्राउंड के पास गिरफ्तार कर लिया. कूच को लेकर कार्यकर्ताओं की पुलिस जवानों की जमकर नोकझोंक भी हुई.

    दरअसल, प्रदेश के दूर दराज क्षेत्रों से लगातार पलायन हो रहा है सरकार की मंशा है कि वे इस मामले में कोई ऐसी नीति बनाये जिससे स्थानीय लोगों को रोजगार मिल सके. सरकार ने जहां कई जिलों में सरकारी योजनाओं के माध्यम से युवाओं को स्वारोजगार उपलब्ध करा रही है तो वहीं, सरकार ने पीपीपी व जमीनों को लीज पर देने के लिए पहल की है, जिससे स्थानीय लोगों को रोजगार मिल सके.

    फिलहाल जिस तरह से स्थानीय लोग विरोध कर रहे हैं इससे साफ है कि प्रशासन को जमीनों के आंवटन के मामले में पारदर्शी नीति अपनाने की जरुरत है. जिससे स्थानीय लोगों की मांगों की अनदेखी भी ना हो और लोगों को रोजगार भी मिल सकें.

    Tags: Uttarakhand news, उत्तराखंड

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