महिला टीचर से तबादले के एवज में मांगी थी रिश्वत, मिली 3 साल कैद व 1 लाख जुर्माने की सजा

दोषी पाए जाने पर विशेष न्यायाधीश भ्रष्टाचार निवारण कोर्ट नैनीताल ने आरोपियों को 3 साल की सजा व 1-1 लाख का जुर्माना मुकर्र किया है. जुर्माना न दे पाने की स्थिति में 2 महीने का अतरिक्त कैद की सजा भुगतनी होगी.

Virendra Bisht | News18 Uttarakhand
Updated: April 16, 2019, 10:05 AM IST
महिला टीचर से तबादले के एवज में मांगी थी रिश्वत, मिली 3 साल कैद व 1 लाख जुर्माने की सजा
सिविल न्यायालय
Virendra Bisht | News18 Uttarakhand
Updated: April 16, 2019, 10:05 AM IST
उत्तराखंड में कोर्ट ने भ्रष्टाचार के एक मामले में दो आरोपियों को तीन साल के कारावास की सजा व 1-1 लाख रुपये का जुर्माना लगाया है. सजा शिक्षा विभाग के दो कर्मचारियों को सुनाई गई है. इन पर महिला शिक्षक से ट्रांसफर के बदले रिश्वत लेने का आरोप था. दोषी पाए जाने पर विशेष न्यायाधीश भ्रष्टाचार निवारण कोर्ट नैनीताल ने आरोपियों को 3 साल की सजा व 1-1 लाख का जुर्माना मुकर्र किया है. जुर्माना न दे पाने की स्थिति में 2 महीने का अतरिक्त कैद की सजा भुगतनी होगी.

जानकारी के मुताबिक साल 2013 में एक महिला शिक्षक ने दुर्गम से सुगम स्थान पर स्थान्तरण के लिए खण्ड शिक्षा कार्यालय में आवेदन किया था. ट्रांसफर के एवज में क्लर्क नीजर कुमार व शिक्षक भगवान सिंह बोरा ने महिला शिक्षक से 25-25 हजार की मांग की थी. इसकी शिकायत महिला शिक्षक के पति ने विजिलेंस टीम से की. ऐसे में दोनों आरोपियों को टीम ने रंगे हाथों रिशवत लेते गिरफ्तार कर लिया था.



मामले की सुनवाई करते हुए सोमवार को कोर्ट अपना फैसला सुनाया. जिसमें दोनो आरोपियों को दोषी पाए जाने पर धारा 7 के तहत डेढ़ साल की सजा व 50 हजार का जुर्माना लगाया है. जबति धारा 13डी के तहत तीन साल की सजा व 1 लाख का जुर्माना लगाया है.

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