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हल्द्वानी में 17 दिन बाद दी प्राइवेट लैब ने कोरोना की जांच रिपोर्ट... नैनीताल डीएम ने लगाया प्रतिबंध

डॉक्टर लाल पैथ लैब को जिले में कोविड-19 की आरटीपीसीआर जांच हेतु सशर्त अनुमति दी गई थी.
डॉक्टर लाल पैथ लैब को जिले में कोविड-19 की आरटीपीसीआर जांच हेतु सशर्त अनुमति दी गई थी.

कोरोना टेस्ट में लापरवाही बरतने पर नैनीताल डीएम ने हल्द्वानी की डॉक्टर लाल पैथ लैब में कोविड टेस्ट करने पर बैन लगा दिया है

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हल्द्वानी. कोरोना जांच में लापवाही हल्द्वानी की एक प्राइवेट पैथलॉजी लैब पर भारी पड़ी है. नैनीताल के डीएम ने डॉक्टर लाल पैथ लैब नाम की इस पैथलॉजी लैब पर बैन लगा दिया है. अब यह लैब कोरोना जांच नहीं कर सकेगी. लैब पर आरोप है कि इसने एक मरीज का टेस्ट लिया और फिर 17 दिन तक रिपोर्ट नहीं दी. मामला इसलिए गंभीर है क्योंकि जिस मरीज़ की रिपोर्ट इस लैब ने अटका दी वह पॉज़िटिव निकली.

सीएमओ ने जांच में पाया दोषी 

नैनीताल की सीएमओ डॉक्टर भागीरथी जोशी ने बताया कि हल्द्वानी के गणपति विहार में रहने वाले एचएन पाठक ने 29 नवंबर को एक शिकायत की. पाठक की शिकायत के मुताबिक उनकी बेटी ने डॉक्टर लाल पैथ लैब मुखानी, हल्द्वानी में कोरोना जांच के लिए 12 दिसंबर को सैंपल दिया था. इसकी रिपोर्ट लैब ने 28 दिसंबर को उन्हें दी गई. इसमें पता लगा है कि बेटी कोरोना पॉजीटिव है.



पाठक ने लैब की इस लापरवाही की शिकायत सीएमओ से की थी.  सीएमओ ने जांच में पूरे मामले में लैब को लापरवाह करार दिया था. इबाद सीएमओ की रिपोर्ट के आधार पर डीएम नैनीताल सविन बंसल ने डॉक्टर लाल पैथ लैब की आरटीपीसीआर कोविड टेस्ट करने की परमिशन कैंसिल कर दी है.

सीएमओ डॉक्टर भागीरथी जोशी के मुताबिक डॉक्टर लाल पैथ लैब को जिले में कोविड-19 की आरटीपीसीआर जांच हेतु सर्शत अनुमति दी गई थी. जिसके तहत सम्बन्धित पैथलॉजी लैब को जिला प्रशासन द्वारा दिए गए निर्देशों-शर्तो का पालन सुनिश्चित किया जाना था. लैब द्वारा आईसीएमआर गाईडलान के अनुरूप रीयल टाइम बेसिस पर जांच रिपोर्ट ऑलनाइन नहीं अपलोड की गई जो गंभीर लापरवाही है.
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