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Amitabh Bachchan के स्कूल के प्रिंसिपल को 2 साल की सजा, जानें बच्चे की मौत का मामला, जिसमें कोर्ट ने माना दोषी

शेरवुड स्कूल के प्रधानाचार्य व उनके स्टाफ को कोर्ट ने दोषी माना.

शेरवुड स्कूल के प्रधानाचार्य व उनके स्टाफ को कोर्ट ने दोषी माना.

शेरवुड इंटर कॉलेज के प्रधानाचार्य और अदालत द्वारा दोषी ठहराए गए उनके स्टाफ के पास अब एक महीने का समय है, कि वो बड़ी अदालत यानी ज़िला कोर्ट में इस फैसले को चुनौती दे सकें. इस मामले की पैरवी कर रहे वकील का कहना है कि वो बड़ी अदालत में भी बच्चे को इंसाफ दिलाने की जंग लड़ेंगे.

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नैनीताल. उत्तराखंड के प्रसिद्ध शेरवुड स्कूल के प्रधानाचार्य अमनदीप संधू और उनके स्टाफ के दो और कर्मचारियों को नैनीताल कोर्ट ने दो साल की सज़ा सुनाई और तीनों दोषियों पर 50-50 हजार का जुर्माना भी लगाया. हांलाकि सज़ा तीन साल से कम होने के चलते CJM कोर्ट ने तीनों को ज़मानत दे दी. कोर्ट ने असल में यह सज़ा करीब 8 साल पुराने मामले में सुनाई, जिसमें नेपाल के एक छात्र की सेहत स्कूल के भीतर खराब होने के बाद भी उसे समय से इलाज नहीं दिया गया था.

हाई कोर्ट ने संधू के साथ ही कालेज के कर्मचारी रवि कुमार और सिस्टर पायल पॉल को कारावास और जुर्माने से दंडित किया. बता दें कि फिल्म जगत के महानायक कहे जाने वाले अभिनेता अमिताभ बच्चन समेत कई बड़ी हस्तियां इसी स्कूल में पढ़ाई कर चुकी हैं. इस केस में पैरवी कर रहे मुख्य वकील हरीश पाण्डे के सहयोगी शंकर चौहान ने बताया कि 2014 में नेपाल के छात्र शान प्रजापति की स्कूल में तबीयत खराब होने के बाद मौत के मामले में कोर्ट ने यह फैसला दिया.

यह है बच्चे की मौत का पूरा मामला
शान की तबीयत खराब होने पर नैनीताल में किसी अस्पताल और डॉक्टर को दिखाने के बजाय स्कूल प्रबंधन ने बच्चे को दो दिनों तक बीमारी की हालत में स्कूल में ही रखा. दो दिन बाद हल्द्वानी बॉम्बे अस्पताल में भर्ती किया तो उसे हायर सेंटर भेजा गया. इस दौरान बच्चे की मौत हायर सेंटर पहुंचने से पहले ही हो गई. इस मामले में मृतक छात्र की माँ ने एफआईआर दर्ज करवाई थी, जिसके बाद पूरे मामले की जांच हुई तो संधू और उनके दो स्टाफ को दोषी पाया गया.

ज़िला अदालत के वकील व इस केस में मृतक छात्र को न्याय दिलाने में जुटे पाण्डे ने कहा कि कोर्ट ने देर से ही सही, लेकिन न्याय किया. कोर्ट ने माना कि स्कूल प्रबंधन और इन तीनों की लापरवाही के चलते बच्चे की मौत हुई. पांडे ने यह भी बताया कि अगर सजा तीन साल से कम होती है, तो उसमें न्यायालय ज़मानत दे देता है. कोर्ट रूम से बाहर निकल रहे संधू ने इस बारे में कुछ भी कहने से मना कर दिया.

Tags: CJM Court, Uttarakhand news

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